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'BJP नेता के साथ लंच करने बैठा ही नहीं...', जेपी नड्डा संग डिनर की फोटो पर सौगत रॉय की सफाई

सूत्रों के अनुसार लंच के दौरान सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से काफी देर तक बातचीत की. हालांकि उन्होंने क्या चर्चा की, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है. लेकिन इस लंच को लेकर चर्चाएं हो रही हैं.

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जेपी नड्डा के साथ सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा का लंच.
जेपी नड्डा के साथ सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा का लंच.

तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर सांसद सौगत रॉय संसद की कैंटीन में बीजेपी नेता जेपी नड्डा के साथ लंच करते देखे गए हैं. ये तस्वीरें मीडिया में आई हैं. इसके साथ ही बंगाल की राजनीति में एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है.  सौगत रॉय के साथ शत्रुघ्न सिन्हा भी जेपी नड्डा के साथ थे. 

फिलहाल ये सभी संसद के मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली में हैं. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ममता बनर्जी के दो भरोसेमंद लोगों के साथ देखे जाने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं. 

आजतक बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को संसद भवन के एनेक्स में एक बैठक हुई. इसमें बंगाल के सभी सांसदों ने भाग लिया. तृणमूल सांसद शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, काकोली घोष दस्तीदार, जून मालिया और कई अन्य सांसद वहां मौजूद थे. शत्रुघ्न सिन्हा और सौगत रॉय भी संभवतः बैठक में उपस्थित थे. सूत्रों के अनुसार, शत्रुघ्न सिन्हा ने नड्डा से काफी देर तक बातचीत की. सौगत रॉय भी उन्हीं के साथ बैठकर खाना खा रहे थे. इनके बीच काफी बातचीत हुई. हालांकि उन्होंने क्या चर्चा की, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है. 

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बाद में एक अन्य तस्वीर में जेपी नड्डा मेज पर बैठकर खाते-पीते नजर आ रहे हैं, जबकि सौगत रॉय मेज पर हाथ रखकर खड़े हैं. हालांकि इन दोनों के पाला बदलने को लेकर अभी तक किसी ने भी सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है. 

सौगत रॉय का नड्डा के साथ कैंटीन में मिलने से इनकार

वहीं आज मीडिया से बातचीत के दौरान सौगत रॉय ने जेपी नड्डा के साथ लंच की खबरों को खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि वे जेपी नड्डा के साथ कभी कैंटीन में नहीं बैठे हैं. बीजेपी के लोग एक साथ बैठे थे, मेरे साथ पासिंग बात हुई है. यानी कि सौगत रॉय ने वहां से निकलते हुए बीजेपी नेताओं से बात की. 

26वें विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद तृणमूल तीन हिस्सों में बंट गई है. कुणाल घोष, डोला सेन, डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा कालीघाट TMC में हैं. यानी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के साथ. ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में जीतने और हारने वाले विधायकों के एक बड़े वर्ग ने दावा किया है कि वे 'असली' तृणमूल हैं। बहुमत होने के कारण वे तृणमूल कांग्रेस के फंड और लोगो की मांग कर रहे हैं. 

दूसरी ओर, काकली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में तृणमूल के लोकसभा सांसदों में से 20 ने नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होकर एनडीए में फिर से अपना समर्थन जताया है. इसके अलावा, राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले सुखेन्दु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हो गए हैं. इस स्थिति में सौगत और शत्रुघ्न नड्डा के साथ हुई हालिया बैठक ने एक नए समीकरण का संकेत दिया है.  

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