scorecardresearch
 

ISF को नहीं मिला 'लिफाफा' चुनाव चिह्न, कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) को बड़ा झटका लगा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने ISF की याचिका खारिज कर दिया है. दरअसल, पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा लिफाफा चुनाव चिह्न वापस देने की मांग की थी.

Advertisement
X
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तुरंत महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा.(File Photo)
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तुरंत महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा.(File Photo)

पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव से पहले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) को बड़ा झटका लगा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्टी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें 'लिफाफा' चुनाव चिह्न वापस देने की मांग की गई थी. ISF प्रमुख और विधायक नौशाद सिद्दीकी ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी थी.

दरअसल, चुनाव आयोग ने ISF को लिफाफा की जगह अलमारी चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, लिफाफा चिह्न डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को दिया गया है. यह ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट है.

ISF ने क्यों जताई थी आपत्ति?

ISF का कहना था कि पार्टी पहले लिफाफा चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करती रही है. इसी चिह्न के साथ पार्टी ने हालिया विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. ऐसे में उपचुनाव से ठीक पहले चिह्न बदलने से उसके वोटर्स में भ्रम पैदा हो सकता है.

पार्टी ने इसी आधार पर हाईकोर्ट का रुख किया था. ISF की ओर से दलील दी गई कि जिस चिह्न का इस्तेमाल पार्टी कर रही थी, उसे उसी चुनाव में किसी दूसरी पार्टी को नहीं दिया जाना चाहिए था.

यह भी पढ़ें: 'वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी', TMC के नाम-सिंबल विवाद पर राहुल गांधी का EC पर हमला

Advertisement

वहीं चुनाव आयोग ने कोर्ट में कहा कि ISF एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी नहीं है. इसलिए किसी एक चुनाव चिह्न पर उसका स्थायी दावा नहीं बनता. आयोग के मुताबिक 'लिफाफा' एक फ्री चुनाव चिह्न था और इसे दूसरे दल को आवंटित किया जा सकता था.

इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से भी सवाल किए थे. कोर्ट ने पूछा था कि जब बड़ी संख्या में दूसरे चिह्न उपलब्ध थे, तो ISF के इस्तेमाल किए गए 'लिफाफा' चिह्न को ही दूसरी पार्टी को क्यों दिया गया.

6 अक्टूबर को होने हैं उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर समेत सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं. इन चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को भी अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं. ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न दिया गया है. वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चिह्न मिला है.

यह भी पढ़ें: TMC सिंबल फ्रीज विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त... चुनाव आयोग से पूछा- 'बताएं अंतिम फैसला लेने में कितना समय लगेगा?'

ISF ने इसी 'लिफाफा' चिह्न को लेकर आपत्ति जताई थी. पार्टी का कहना था कि इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है. अब हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद ISF को उपचुनाव में आवंटित 'अलमारी' चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना होगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement