उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन बिछाने से टूटी सड़कों को ठीक करने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है. ये विशेष अभियान एक अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलाया जाएगा. जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलवार समीक्षा कर ये निर्देश जारी किए. अभियान के तहत तय मानकों के अनुरूप प्राथमिकता से सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी. ग्रामीणों को जल सारथी ऐप पर फोटो व वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करने का अधिकार दिया गया है.
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को अभियान के दौरान तेजी से ठीक किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी मरम्मत कार्य तय मानकों के अनुसार ही पूरे होने चाहिए. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान कार्यों की नियमित निगरानी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए.
जल सारथी ऐप पर करेंगे सीधी शिकायत
इस विशेष अभियान में पारदर्शिता लाने के लिए जल सारथी ऐप पर ग्रामीणों को सीधी सुविधा दी गई है. सड़क की स्थिति बदहाल होने पर ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो ऐप पर अपलोड कर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे. प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, जिससे डिजिटल माध्यम से त्वरित निस्तारण होगा.
10 नवंबर के बाद शिकायत पर नपेंगे अफसर
जलशक्ति मंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से जुड़ी कोई भी शिकायत मिलने पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. ऐसी स्थिति में कार्य करने वाली संबंधित एजेंसी के साथ-साथ जिम्मेदार अभियंता की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी. पेयजल योजनाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लंबित कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान उन गांवों में काम को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया, जहां अब तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंच सकी है. योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव और राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.