scorecardresearch
 

7 महीने की लव मैरिज का दर्दनाक अंत: पति ने निगला जहर, पत्नी ने चुनी फांसी... झांसी के श्मशान घाट पर बवाल

झांसी के बबीना में 7 महीने पहले लव मैरिज करने वाले जोड़े में विवाद के बाद पति ने जहर खा लिया, जबकि पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. श्मशान घाट पहुंचे मायके पक्ष ने 10 लाख रुपये के दहेज और हत्या का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया, जिससे रातभर तनाव रहा.

Advertisement
X
झांसी में सागर और राधा की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत (Photo- ITG)
झांसी में सागर और राधा की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: झांसी के बबीना कस्बे में सात महीने पहले शुरू हुई एक प्रेम कहानी का अंत ऐसी दर्दनाक त्रासदी में हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. आपसी विवाद के बाद पति ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी. लेकिन मामला यहीं नहीं थमा. पोस्टमार्टम के बाद जब विवाहिता का शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचा तो मायके पक्ष ने उसे रुकवा दिया और पति व ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को पूरी रात श्मशान घाट पर पहरा देना पड़ा. पूरी रात बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका और पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौते व कानूनी प्रक्रिया में जुटी रही.

दरअसल, बबीना थाना क्षेत्र के इमलीपुरा निवासी सागर उर्फ सूरज साहू और उसकी पत्नी राधा की लगभग 7 महीने पहले लव मैरिज हुई थी. सोमवार देर रात दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि विवाद के बाद सागर ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले बबीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर झांसी रेफर कर निजी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती करा दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

इधर, परिवार के लोग सागर को अस्पताल ले गए तो घर में अकेली रह गई राधा ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. चूंकि, विवाह को सात वर्ष से कम समय हुआ था, इसलिए पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराया गया.

Advertisement

पोस्टमार्टम के बाद शुरू हुआ नया विवाद

पोस्टमार्टम के बाद ससुराल पक्ष राधा के शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गया. इसी दौरान मायके पक्ष भी वहां पहुंच गया और अंतिम संस्कार रुकवा दिया. परिजनों ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या है. उनका कहना था कि पुलिस पहले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे, तभी अंतिम संस्कार होने दिया जाएगा. देखते ही देखते श्मशान घाट पर तनावपूर्ण माहौल बन गया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया. रातभर पुलिस मौके पर डटी रही और दोनों पक्षों से लगातार बातचीत करती रही.

सात महीने पहले हुई थी लव मैरिज

परिवार के अनुसार, सागर और राधा एक-दूसरे को पहले से जानते थे. दोनों के बीच प्रेम संबंध था और 25 नवंबर 2025 को दोनों परिवारों की सहमति से विवाह हुआ था. शादी को अभी सात माह ही हुए थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रिश्ता इतनी जल्दी दर्दनाक मोड़ ले लेगा.

मायके पक्ष का आरोप- 10 लाख रुपये की हो रही थी मांग

मृतका के मामा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही पति, ससुर, देवर और अन्य परिजन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. पैसे न देने पर राधा को लगातार प्रताड़ित किया जाता था. उनका कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी फोन कर कहा गया था कि या तो 10 लाख रुपये की व्यवस्था करो, नहीं तो लड़की को तलाक देकर वापस भेज देंगे.

Advertisement

आरोप है कि राधा की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का लगे. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई और उनके पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर ली गई थी. मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर, देवर समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए साफ कहा कि न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे.

वहीं, मृतका के जेठ विजय साहू ने बताया कि सागर की हालत अचानक बिगड़ गई थी और वह लगातार खुद को बचाने की गुहार लगा रहा था. परिवार उसे तुरंत अस्पताल लेकर गया. झांसी रेफर होने के बाद इलाज शुरू कराया गया. इसी दौरान घर से फोन आया कि तुरंत वापस आओ. जब परिवार लौटा तो राधा फांसी के फंदे पर लटकी मिली. उन्होंने कहा कि परिवार को किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी और यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी कौन-सी स्थिति बनी जिसने दोनों की जिंदगी तबाह कर दी.

श्मशान घाट पर न्याय की मांग पर अड़े परिजन

उधर, मृतका के मायके पक्ष ने झांसी पहुंचकर सीधे श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार रुकवा दिया. परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. इसी कारण पुलिस को पूरी रात श्मशान घाट पर डटे रहना पड़ा.

Advertisement

थाना प्रभारी ने क्या कहा

बबीना थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की देखरेख में कराया गया है. मायके पक्ष की ओर से तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर रही है और जल्द ही विधिक प्रक्रिया पूरी कर अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई

फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्टया पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मजिस्ट्रेटी जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या दहेज हत्या का. तब तक पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement