टीवी एक्ट्रेस आंचल खुराना अपने बिंदास अंदाज के लिए फेमस हैं. वो नो फिल्टर अपनी राय रखती हैं. आंचल का बचपन ट्रॉमा में बीता था. उन्हें सबके ताने सुनने को मिलते थे.
टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में आंचल ने बताया कि बचपन में वो बदतमीज थीं. उनमें बहु ईगो था. आज वो पहले से काफी बदल गई हैं. रोडीज जीतने के बाद घरवाले और रिश्तेदार उनकी इज्जत करने लगे.
बचपन में उन्हें कहा जाता था कि वो कुछ नहीं कर पाएंगी. उन्हें सबसे ताने सुनने को मिलते थे. ये सुनकर वो काफी एग्रेसिव हो गई थीं.
उनके ख्याल काफी ओपन थे. वो रेबेल थीं. वो खुद को किसी से कम नहीं समझती थीं. आंचल ने साफ कहा अगर उन्होंने नाम नहीं बनाया होता तो कोई उनकी इज्जत नहीं करता.
आंचल ने बताया कि उन्हें बचपन में प्यार नहीं मिला. वो हमेशा से प्यार और अफेक्शन को तरसी हैं. उनका गुस्सा इतना था कि कुछ भी कर गुजरती थीं.
आज उनकी फैमिली उन्हें लेकर सपोर्टिव है. लेकिन पहले ऐसा नहीं था. उन्हें लगता था कोई उन्हें प्यार नहीं करता है. उन्हें लड़कों से बात नहीं करने दिया जाता था. पेरेंट्स उन्हें कमरे में बंद कर देते थे.
आंचल ने बताया कि वो गुस्से में खुद को नुकसान पहुंचाती थीं. एक बार तो उन्होंने मरने के लिए हार्पिक तक पी लिया था.
वो कहती हैं- मैं सर्वाइवर हूं. मैंने और भी चीजें की हैं, उसके बावजूद आज मैं जिंदा हूं. तब मुझे समझ आया कि मेरा मरना अभी लिखा ही नहीं है. ये सब रोडीज से पहले की बातें हैं.
आंचल ने बताया कि हार्पिक पीने के बाद वो 1 महीने अस्पताल में रही थीं. वो कहती हैं- मैं इतना गुस्सा थी कि मैंने हार्पिक की पूरी बोतल पी ली थी.
मैं हार्पिक पीकर अपने भाई के पास गई और उसे कहा- देख तूने मेरे साथ ऐसा किया. अब मैं मरूंगी और तू जेल जाएगा. ये सब मैंने बचपने में किया था.
एक्ट्रेस ने कहा कि उनके साथ लड़कों से ज्यादा बुरा लड़कियों ने किया है. वो उन्हें लेकर गलत खबरें फैला देती हैं. पंडित जी ने भी उन्हें लड़कियों से दूर रहने को कहा है.