मुलायम सिंह यादव के पुत्र और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव को बुधवार सुबह 5:55 बजे घर से लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उस समय उनकी पल्स नहीं चल रही थी और आंखें फिक्स हो चुकी थीं. डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया, लेकिन जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव पिछले कई दिनों से बीमार थे और हाल ही में मेदांता अस्पताल में भी भर्ती रहे थे.
प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. सुबह से ही लखनऊ स्थित आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया. समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने दुख जताया.
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने क्या बताया?
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने आजतक को बताया कि सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया था. उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ही शरीर जान होने के कोई संकेत नहीं मिले. पल्स नहीं चल रही थी और आंखें पूरी तरह फिक्स थीं. डॉक्टरों के अनुसार शरीर में मौत के लगभग सभी लक्षण मौजूद थे. डॉ. पांडेय ने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल हार्ट अटैक या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि मुंह से झाग जैसी कोई स्थिति नहीं दिखी. अस्पताल की आईसीयू और इमरजेंसी टीम में डॉ. कुलदीप वर्मा, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. प्रिंस शामिल थे, जिन्होंने प्राथमिक जांच की.
पुलिस को दी गई सूचना, KGMU भेजा गया शव
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेजा गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पूरी तरह साफ हो सकेगी.
कई दिनों से खराब थी तबीयत
सूत्रों के मुताबिक प्रतीक यादव पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. कुछ समय पहले हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला और कुछ दिन बाद उनकी हालत में सुधार भी बताया गया. इसके बाद उन्हें घर ले जाया गया था. परिवार को उम्मीद थी कि वह धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन बुधवार सुबह अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अखिलेश यादव भी पहुंचे थे अस्पताल
प्रतीक यादव की बीमारी के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. राजनीतिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच यह मुलाकात काफी चर्चा में रही थी. परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बीमारी के दौरान पूरा परिवार उनके साथ खड़ा था.
CM योगी ने जताया गहरा दुख
प्रतीक यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरा दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म विभूषण स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के पति श्री प्रतीक यादव जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है. विनम्र श्रद्धांजलि. मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं. उन्होंने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी ने भी जताया शोक
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि श्री प्रतीक यादव जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे. विनम्र श्रद्धांजलि. समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रतीक यादव के निधन पर दुख जताया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे यादव परिवार के लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति बताया. सुबह से ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का परिवार से मिलने का सिलसिला जारी रहा. कई वरिष्ठ नेताओं ने फोन पर भी संवेदना व्यक्त की.
राजनीति से दूर, लेकिन चर्चाओं में रहने वाला नाम
प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन वह देश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में गिने जाने वाले यादव परिवार का अहम हिस्सा थे. वह मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. हालांकि परिवार की राजनीतिक विरासत बेहद बड़ी थी, लेकिन उन्होंने कभी चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा. उनकी पहचान एक बिजनेसमैन और फिटनेस प्रेमी के तौर पर ज्यादा रही. उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी. इसके बाद वह रियल एस्टेट और फिटनेस कारोबार से जुड़े.
फिटनेस इंडस्ट्री में बनाई अलग पहचान
लखनऊ में प्रतीक यादव ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से जिम चलाते थे. फिटनेस को लेकर उनकी दिलचस्पी काफी चर्चा में रहती थी. सोशल मीडिया पर भी वह अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े पोस्ट साझा करते रहते थे. करीबी लोगों के मुताबिक वह बेहद अनुशासित जीवनशैली पसंद करते थे और खुद को राजनीति की हलचल से दूर रखते थे. प्रतीक यादव पशु प्रेम के लिए भी जाने जाते थे. उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम से संस्था बनाई थी, जो स्ट्रीट डॉग्स के इलाज, रेस्क्यू और देखभाल का काम करती थी. लखनऊ और आसपास के इलाकों में घायल और बेसहारा जानवरों की मदद के लिए उनकी संस्था लगातार सक्रिय रहती थी. कई सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर वह इस अभियान को आगे बढ़ा रहे थे.
अपर्णा यादव भाजपा में हैं सक्रिय
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव इस समय उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और भाजपा से जुड़ी हुई हैं. हालांकि वह पहले समाजवादी पार्टी में थीं, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गईं. राजनीतिक रूप से अलग दलों में होने के बावजूद परिवार के निजी रिश्तों में संवाद बना रहा. बीमारी के दौरान भी परिवार एकजुट नजर आया.