लखनऊ में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है. लखनऊ नगर निगम ने शहर में वकीलों के करीब 200 चेंबर पर नोटिस चिपकाए हैं. इन नोटिस के जरिए कथित अतिक्रमण को खुद हटाने के लिए 29 अगस्त तक का समय दिया गया था. नगर निगम ने चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
नगर निगम की ओर से लगाए गए नोटिस में आरोप है कि कई चेंबर सड़क, फुटपाथ और नालियों पर कब्जा कर बनाए गए हैं. इसके अलावा कुछ जगहों पर खाने-पीने की दुकानों और अन्य दुकानों के लिए पक्का निर्माण किए जाने की बात कही गई है. सरकारी जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण को भी कार्रवाई के दायरे में रखा गया है.
नोटिस के मुताबिक संबंधित लोगों को 29 अगस्त तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया था. समय सीमा समाप्त होने के बाद अब 30 अगस्त को नगर निगम और प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी है. इसी संभावित बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए रविवार यानी छुट्टी वाले दिन भी बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंचे हैं.
200 चेंबर पर लगाए गए हैं नोटिस
वकीलों के चेंबर पर नोटिस चिपकाए जाने के बाद अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी भी देखने को मिल रही है. वकीलों का कहना है कि कार्रवाई से पहले मामले को लेकर उचित तरीके से पक्ष सुना जाना चाहिए. वहीं नगर निगम का रुख अतिक्रमण हटाने को लेकर स्पष्ट नजर आ रहा है.
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सड़क, फुटपाथ, नाली और सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण को हटाया जा सकता है. करीब 200 चेंबर पर नोटिस लगाए जाने के बाद अब सभी की नजर नगर निगम की अगली कार्रवाई पर है. अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आज ही बुलडोजर चलने की संभावना है.