आईएएस की नौकरी छोड़ने वाली दिव्या मित्तल ने ऐलान किया है कि वो अब यूपी में राजनीति करेंगी. हालांकि, वो किसी दल से नहीं जुड़ेंगी. अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने उस बात का भी जिक्र किया जब इस्तीफा देने के बाद कुछ लोगों ने उनपर सवाल उठाए थे. मित्तल ने कहा कि उनके इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक कथित मुलाकात को लेकर दावा किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक बड़ी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने उनके बारे में लिखा कि वह रात के अंधेरे में दूसरी बड़ी पार्टी के एक बड़े नेता से मिली थीं, जबकि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई थी.
दिव्या मित्तल ने आगे कहा, ये बात लिखने वाले को भी पता थी, परंतु उद्देश्य सच लिखना नहीं था. उद्देश्य था कि एक औरत जो सवाल पूछने निकली है, उसको पहले ही दिन डरा दो. उन्होंने कहा कि FIR और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के जरिए आम लोगों और अच्छे लोगों को राजनीति में आने से रोकने की कोशिश की जाती है. मित्तल ने कहा- इसलिए मैं डरूंगी नहीं, मैं सवाल ही पूछूंगी, ताकि इस देश की हर छोटी बच्ची अपने मन की बात कह सके और उसे रात के अंधेरे का डर न दिखाया जा सके.
उन्होंने आगे कहा कि उनके इस्तीफे के बाद जिन लोगों ने उनका समर्थन किया था, उन्हीं लोगों के साथ मिलकर एक ऐसा मंच बनाया जाएगा, जो किसी से डरेगा नहीं, बल्कि देश के भविष्य को लेकर चिंतित रहेगा. बकौल दिव्या मित्तल- मुझे आवाज बनना है, वंचित लोगों की. राजनीति बदलनी होगी, नेक इरादे की राजनीति करनी होगी. लेकिन किसी दल के साथ नहीं, केवल आम लोगों के साथ राजनीति करूंगी. जिन झंडों (राजनीतिक पार्टियों) के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं मिला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता.'
गौरतलब है कि भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया (X) पर बड़ा दावा किया था. उमराव ने आरोप लगाया कि दिव्या मित्तल ने रात के अंधेरे में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया और यह आगामी यूपी चुनाव में विपक्षी एजेंडा फैलाने की एक साजिश है.
उन्होंने दिव्या मित्तल पर आत्ममुग्धता, PR की ललक और संयुक्त सचिव पद छोड़कर सीधा कमिश्नर बनने की इच्छा रखने का आरोप लगाते हुए तंज कसा था. साथ ही आरोप लगाया था कि वे केंद्र सरकार की 'हर घर जल' योजना का श्रेय खुद लेती थीं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करती थीं. इतना ही नहीं प्रशांत ने दिव्या मित्तल के पति पर भी आरोप लगाए थे.
वहीं, दिव्या मित्तल के राजनीति में आने और चुनाव लड़ने के कयासों पर अजय राय ने भी बड़ा बयान दिया था. दरअसल, जब उनसे पूछा गया कि क्या दिव्या मित्तल के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस उन्हें टिकट देगी, तो उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज में काम करना चाहता है और लड़ना चाहेगा, उस पर पार्टी निश्चित तौर पर विचार करेगी. राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन देश के अच्छे काम करने वाले अधिकारी राहुल गांधी से जुड़ रहे हैं.