आईएएस दिव्या मित्तल (IAS Divya Mittal) उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की अधिकारी हैं. उन्होंने 2012 में यूपीएससी पास किया और आईपीएस बनीं. फिर अगले साल यानी 2013 में परीक्षा दी और आईएएस अधिकारी बनीं. दिव्या मितत्ल ने 2012 यूपीएससी सीएसई में ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 68 हासिल की थी.
दिव्या मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. आईएएस दिव्या मित्तल भारत की सबसे लोकप्रिय सिविल सेवकों में से एक हैं. वह यूपी के विभिन्न जिलों में अपने विकास कार्यों के लिए जानी जाती हैं. वह मिर्जापुर, संत कबीर नगर और अन्य जिलों की जिला मजिस्ट्रेट रह चुकी हैं.
जुलाई 2024 में उन्हें बस्ती जिले से स्थानांतरित कर दिया गया था. अपनी नई पोस्टिंग का इंतजार कर रही हैं.
सिविल सेवा में शामिल होने से पहले, उन्होंने लंदन में एक निवेश बैंकर के रूप में काम किया. दिव्या ने IIM बैंगलोर से MBA और IIT दिल्ली से B.Tech किया है.
IAS दिव्या ने अगस्त 2023 में तब सुर्खियां बटोरीं जब वह मिर्जापुर की DM थीं. उन्होंने लहुरिया देह गांव के लोगों को पानी उपलब्ध करवाने में मदद की. जिले से तबादले के बाद उन्हें बड़ी संख्या में महिलाओं ने विदाई दी और उन पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं थी.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार, भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर जमकर हमला बोला. उन्होंने किसानों के मुद्दे, बाढ़ प्रबंधन, राज्यसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर अपनी पार्टी का स्पष्ट रुख सामने रखा. साथ ही बृजभूषण सिंह और पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पर भी रिएक्ट किया.
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है. उन्होंने दिव्या मित्तल का राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत करते हुए सवाल उठाया कि क्या IAS का अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा की शुरुआत कर सकती है.
उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने का बड़ा फैसला किया है. उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने का ऐलान किया. दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि रहा है, इसलिए वह यहीं से अपने नए सफर की शुरुआत करेंगी. खास बात यह है कि वह फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी, बल्कि खुद अपनी नई राह बनाने की कोशिश करेंगी. अपने 10 मिनट के वीडियो संदेश में पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
13 साल की नौकरी छोड़ चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने किसी दल में शामिल हुए बिना आम जनता के साथ नया मंच बनाकर राजनीति करने का ऐलान किया है. वे शिक्षा, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों पर हिसाब मांगना चाहती हैं. वहीं यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक बनना आसान नहीं है.
आईएएस की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल ने बिना किसी दल से जुड़े यूपी में निर्दलीय राजनीति करने का ऐलान किया है. उन्होंने एक पार्टी के प्रवक्ता के 'रात के अंधेरे में राहुल गांधी से मुलाकात' के दावे को झूठा बताते हुए कहा कि ट्रोलिंग और आरोपों से महिलाओं को डराया नहीं जा सकता. वहीं कांग्रेस नेता अजय राय ने उनके समर्थन का संकेत दिया था.
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने खुलासा कर दिया है कि वह अब क्या करेंगी. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह राजनीति में कदम रखेंगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेंगी. उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति आम लोगों के मुद्दों और उनकी आवाज को सामने लाने के लिए होगी. उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने यहीं से नई राजनीतिक पारी शुरू करने की बात कही.
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है. उन्होंने निजी कारणों और जीवन के नए लक्ष्यों के चलते 30 अगस्त को यह फैसला लिया था. लंदन की नौकरी छोड़ आईएएस बनीं दिव्या के इस्तीफे पर विपक्षी दलों ने राजनीति भी शुरू कर दी थी.
यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दिव्या मित्तल की तारीफ की है और चुनाव लड़ने की स्थिति में कांग्रेस से टिकट देने पर विचार करने की बात कही है.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लहरियादह गांव में आजादी के बाद से जारी पानी के संकट को दूर करने वाली पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद ग्रामीण भावुक हैं. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाने वाली अफसर को ग्रामीण भगवान का दर्जा दे रहे हैं.
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने स्वैच्छिक इस्तीफा देकर 13 साल के प्रशासनिक सफर को खत्म कर दिया है. देवरिया, मिर्जापुर और संतकबीरनगर में जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या ने परिवार, बेटियों की जिम्मेदारी और लेखन-शिक्षण के शौक को फैसले की वजह बताया. आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन की नौकरी छोड़ी थी. इस्तीफे के बाद उनके फैसले पर यूपी की राजनीति गरमा उठी.
IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 11 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिए गए इस्तीफे की खूब चर्चा हो रही है. उन्होंने कई जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली. हालांकि, अपने विदाई संदेश में उन्होंने खास तौर पर सिर्फ दो जिलों को याद किया. देवरिया से मिली सीख और मिर्जापुर की यादों का जिक्र करते हुए दिव्या मित्तल ने बताया कि इन दोनों जिलों ने उनके प्रशासनिक जीवन पर गहरी छाप छोड़ी. 8 जिलों में नौकरी करने के बाद सिर्फ दो जिलों का जिक्र भी चर्चा में है.
दिव्या मित्तल का इस्तीफा व्यक्तिगत फैसला है, लेकिन यह ईमानदार अधिकारियों और राजनीतिक व्यवस्था के बीच पुराने टकराव का सवाल भी उठाता है. लेख में अशोक खेमका समेत ऐसे अधिकारियों के उदाहरण दिए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग सरकारों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि IAS नौकरी जिंदगी का सिर्फ एक चैप्टर है. परिवार, लेखन, शिक्षण और समाज सेवा को लेकर बताई आगे की योजना... पढ़ें Exclusive इंटरव्यू
IAS Divya Mittal News: IAS पद से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव की वृद्ध मां का जिक्र कर भावुक पोस्ट लिखी. जानिए 13 साल के उनके सफर की पूरी कहानी.
UP IAS Resignation News: देवरिया की पूर्व डीएम आईएएस दिव्या मित्तल ने 13 साल की नौकरी के बाद इस्तीफा दिया. अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर ईमानदार अफसरों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया.
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार में ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जा रहा. उन्होंने मेरठ पुलिस मामले, महंगाई, रोजगार, स्कूल बंद होने और सरकारी संपत्तियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा.
चर्चित IAS अफसर दिव्या मित्तल ने 13 सालों की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी.
क्या आप अपने बच्चे को स्कूल केवल इसलिए भेजते हैं कि वह सफलता की डेफिनेशन सीख सकें? ऐसा ही एक सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा. IAS दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है जिसके बाद से ये चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने लिखा स्कूल में सफलता सिखाई जाती है लेकिन खुश रहना नहीं.
महाराष्ट्र कैडर की विवादित आईएएस पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. दरअसल बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मनोरमा हाथ में पिस्तौल लहराते हुए दिख रही हैं. इस मामले में पीड़ित किसानों की शिकायत के बाद पुणे पुलिस ने आईएएस पूजा खेडकर की मां मनोरमा और पिता दिलीप समेत चार लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और जान से मारने की कोशिश समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था.
देवरिया (Deoria) की नई डीएम दिव्या मित्तल (IAS Divya Mittal) ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया. इस दौरान लापरवाही पर उन्होंने PWD विभाग के अधिकारी को फटकार लगाई. वहीं, जब अपर जिलाधिकारी (ADM) ने बार-बार तेज धूप का हवाला देकर उनसे बैठकर बात करने का आग्रह किया तो डीएम ने कहा कि अरे यार धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे.
IAS Divya Mittal: देवरिया की नई डीएम दिव्या मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उनके पति गगनदीप भी आईएएस अधिकारी हैं. दोनों पति-पत्नी लंदन रिटर्न हैं. दिव्या मित्तल ने पहले ही अटेम्प्ट में UPSC एग्जाम क्लियर किया था.