scorecardresearch
 

‘यहां लोगों के पास जिंदगी जीने का भी वक्त है’, भारतीय महिला ने दिखाया जर्मनी का वर्क कल्चर

जर्मनी में काम करने वाली एक भारतीय महिला ने वहां के ऑफिस कल्चर का वीडियो शेयर किया है. शाम 5:30 बजे लगभग खाली ऑफिस देखकर वह हैरान रह गईं. उन्होंने बताया कि कर्मचारी सुबह 8 बजे आते हैं और शाम 5 बजे तक काम खत्म कर घर निकल जाते हैं.

Advertisement
X
वीडियो में शाम 5:30 बजे उसका ऑफिस लगभग खाली नजर आ रहा है.(Photo:Insta/@eeeee Bhagyashree)
वीडियो में शाम 5:30 बजे उसका ऑफिस लगभग खाली नजर आ रहा है.(Photo:Insta/@eeeee Bhagyashree)

भारत में कई कॉर्पोरेट ऑफिसों में काम खत्म होने के बाद भी कर्मचारियों का देर तक बैठे रहना आम बात माना जाता है. लेकिन जर्मनी में काम करने वाली एक भारतीय महिला ने वहां के ऑफिस कल्चर का ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिस पर लोग यकीन नहीं . और कह रहे हैं ये ड्रीम जॉब है. वीडियो में शाम 5:30 बजे उसका ऑफिस लगभग खाली नजर आ रहा है.

इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करने वाली भाग्यश्री ने बताया कि उनके ऑफिस में कर्मचारी आमतौर पर सुबह करीब 8 बजे काम शुरू करते हैं और शाम 5 बजे तक अपना काम खत्म कर घर के लिए निकल जाते हैं. उन्होंने कहा कि शाम 5:30 बजे ऑफिस का यह नजारा उनके लिए सबसे बड़ा कल्चर शॉक था.

‘सब 5 बजे निकल जाते हैं’

भाग्यश्री ने वीडियो में कहा कि मेरे ऑफिस में अभी 5:30 बजे हैं और यह ऐसा दिख रहा है. सभी लोग 5 बजे चले जाते हैं. बेशक, वे सुबह करीब 8 बजे जल्दी आते हैं, लेकिन करीब 5 बजे सभी निकल जाते हैं, क्योंकि उनके पास काम के बाहर भी जिंदगी है.

यह भी पढ़ें: जर्मनी में 65 लाख रुपये की सैलरी, फिर भी खाली जेब! इंडियन ने बताया कहां चला जाता है पैसा?

Advertisement

उन्होंने आगे कहा कि यहां लोग सिर्फ काम करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी जीने के लिए भी समय निकालते हैं. उनके मुताबिक, जर्मनी में अपनी पहली कॉर्पोरेट जॉब शुरू करने के दौरान यह उनके लिए एक ऐसी चीज थी, जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.

‘न ओवरटाइम, न क्विक कॉल’

वीडियो के साथ भाग्यश्री ने लिखा कि 5 बजे ऑफिस खाली हो जाना उनके लिए अप्रत्याशित कल्चर शॉक था. उन्होंने बताया कि वहां न तो रोजाना ओवरटाइम करने की आदत दिखी और न ही काम खत्म होने के बाद 'क्विक कॉल' के नाम पर कर्मचारियों को रोकने का सिलसिला.

वीडियो में शाम 5:30 बजे ऑफिस की लगभग सभी डेस्क और कुर्सियां खाली दिखाई दे रही हैं. भाग्यश्री के मुताबिक, कर्मचारी सुबह जल्दी आते हैं और अपने तय वर्किंग आवर्स के बाद ऑफिस से निकल जाते हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

भाग्यश्री के इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने वर्कप्लेस कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा-यह वर्क-लाइफ बैलेंस जैसा दिखता है. वहीं दूसरे ने कहा कि यह नजारा काफी रिफ्रेशिंग है.

एक अन्य यूजर ने लिखा कि समय पर ऑफिस छोड़ना हर जगह सामान्य होना चाहिए. वहीं एक और कमेंट में इस तरह के ऑफिस कल्चर को हेल्दी बताया गया.

Advertisement

वीडियो ने एक बार फिर इस सवाल पर चर्चा शुरू कर दी है कि क्या ऑफिस में ज्यादा घंटे बिताना ज्यादा प्रोडक्टिविटी की निशानी है या कर्मचारियों को तय समय पर काम खत्म करके अपनी निजी जिंदगी के लिए भी समय मिलना चाहिए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement