सावन का महीना भगवान शिव के भक्तों के लिए खास माना जाता है. इस दौरान देशभर में लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं. कोई पैदल चलकर गंगाजल लेकर आता है तो कोई अपनी अलग तरह की भक्ति से लोगों का ध्यान खींचता है. लेकिन उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक कांवड़िया ऐसी अनोखी और बेहद जोखिम भरी यात्रा करता दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं.
वीडियो में यह कावड़िया नुकीली लोहे की कीलों से बने प्लेटफॉर्म पर पेट के बल लेटा हुआ नजर आता है. खास बात यह है कि वह वहीं लेटे-लेटे अपनी कांवड़ को आगे बढ़ा रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो को लोग लगातार शेयर कर रहे हैं और इस कांवड़िए के अनोखे तरीके को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
आखिर वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में सड़क पर दो प्लेटफॉर्म दिखाई देते हैं. एक प्लेटफॉर्म चार पहियों वाला है. इसी पर कांवड़ रखी हुई है, जिसमें पवित्र जल का कलश नजर आता है. इसके ठीक साथ दूसरा प्लेटफॉर्म है, जिस पर बड़ी संख्या में नुकीली लोहे की कीलें लगी हुई हैं. पीले रंग की टी-शर्ट पहने कांवड़िया इसी कीलों वाले प्लेटफॉर्म पर पेट के बल लेटा दिखाई देता है. उसके शरीर का बड़ा हिस्सा इन कीलों के ऊपर रहता है. साथ में एक दूसरा व्यक्ति भी नजर आता है, जो कांवड़ को आगे बढ़ाने में मदद करता है. जैसे-जैसे कांवड़ आगे बढ़ती है, कीलों वाला प्लेटफॉर्म भी आगे खिसकाया जाता है. इस तरह कांवड़िया कीलों पर लेटे हुए यात्रा करता दिखाई देता है. यही वजह है कि वीडियो देखने वाले लोग इसे देखकर हैरान हो रहे हैं.
इसे बताया जा रहा है 'हठ-कांवड़'
सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, इस यात्रा को 'हठ-कांवड़' और 'दंडोती कांवड़' बताया जा रहा है. दावा है कि यह कांवड़िया कई दिनों से इसी तरह महादेव के मंदिर की ओर बढ़ रहा है. इस अनोखे तरीके की तुलना सोशल मीडिया पर पौराणिक कथाओं में बताए गए भीष्म पितामह की बाणों की शैया से भी की जा रही है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए ऐसे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. उपलब्ध रिपोर्ट में भी मुख्य रूप से वायरल वीडियो और उससे जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी दी गई है.
वीडियो देखकर लोगों ने क्या कहा?
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आने लगीं. कुछ लोग कांवड़िए की आस्था और भगवान शिव के प्रति उसकी भक्ति की तारीफ कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि श्रद्धालु अपनी-अपनी क्षमता और विश्वास के हिसाब से भगवान के प्रति भक्ति दिखाते हैं. वहीं, कुछ लोग इस तरीके को लेकर चिंता भी जता रहे हैं. वजह साफ है. नुकीली लोहे की कीलों पर लेटकर यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. शरीर पर कीलों का दबाव पड़ने से चोट लगने का खतरा रहता है. इसलिए इस तरह की यात्रा को देखकर हैरान होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे देखकर किसी दूसरे व्यक्ति को ऐसा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
कांवड़ यात्रा में दिखते हैं ऐसे अनोखे तरीके
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ज्यादातर कांवड़िए पैदल चलते हैं और कांवड़ में पवित्र जल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं. इस दौरान कई भक्त अपनी यात्रा को अलग और कठिन तरीके से पूरा करने की कोशिश करते हैं. अलीगढ़ का यह वीडियो भी इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है. आम तौर पर लोग कांवड़ियों को कंधे पर कांवड़ रखकर चलते देखते हैं, लेकिन यहां एक व्यक्ति कीलों की सेज पर लेटकर कांवड़ आगे बढ़ाता नजर आ रहा है. यही दृश्य इस वीडियो को बाकी कांवड़ यात्रा के वीडियो से अलग बनाता है. फिलहाल इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है. किसी के लिए यह आस्था का अनोखा रूप है, तो किसी के लिए यह बेहद खतरनाक तरीका. लेकिन इतना जरूर है कि अलीगढ़ के इस कांवड़िए की अनोखी यात्रा ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.