तमिलनाडु विधानससभा चुनाव 2026 में एक्टर विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 111 सीटों पर बढ़त बना ली. तमिलनाडु की राजनीति में थलापति विजय की पहली चुनावी जीत ने 60 सालों से चले आ रहे दो प्रमुख दलों AIADMK और DMK के वंशवादी राज को चुनौती दी है. बता दें कि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा 15 मार्च को हुई थी. चुनाव आयोग ने यहां 1 चरण में मतदान करवाने का फैसला किया गया था. मतदान 23 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ जबकि परिणाम 4 मई 2026 को आया.
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने शानदार जीत दर्ज करते हुए सत्ता में वापसी की थी और एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री बने थे. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. अब 2026 में DMK सत्ता में अपने प्रदर्शन के आधार पर दोबारा जनमत हासिल करने की कोशिश करेगी, वहीं AIADMK वापसी की उम्मीद में जुटी हुई है.
तमिलनाडु में प्रमुख दल और उनके नेताओं की बात करें तो वर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अगुवाई में DMK सरकार कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है. ‘कलैग्नार कैन्टीन’, शिक्षा सुधार, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाएं जनता के बीच लोकप्रिय रही हैं.
AIADMK - जयललिता के निधन के बाद से पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है. हालांकि, ई. पलानीस्वामी और ओ. पनीरसेल्वम जैसे नेता पार्टी को फिर से संगठित करने की कोशिश में लगे हैं.
भाजपा (BJP) - तमिलनाडु में अभी तक सीमित प्रभाव वाली बीजेपी, 2026 में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की योजना बना रही है. केंद्रीय योजनाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के भरोसे पार्टी मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेगी.
कांग्रेस - DMK की सहयोगी के रूप में काम कर रही कांग्रेस, राज्य में अपना खोया हुआ जनाधार फिर से पाने की कोशिश कर रही है.
मक्कल नीधी मय्यम (MNM) - अभिनेता कमल हासन की पार्टी MNM का प्रदर्शन 2021 में निराशाजनक रहा था, लेकिन 2026 में वह फिर से जोर आजमाने की तैयारी में है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद थलपति विजय लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं. अब उन्होंने राज्य में मंदिर, स्कूल, कॉलेज और बस स्टैंड के पास चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है. सरकार के मुताबिक इन दुकानों को अगले दो सप्ताह में हटाया जाएगा. इससे पहले विजय महिलाओं की सुरक्षा, नशे के कारोबार पर सख्ती और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी घोषणाएं भी कर चुके हैं.
सिंगर सुचित्रा ने तृषा कृष्णन और विजय को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दी. उनके बयान में विजय की निजी जिंदगी, परिवार और राजनीति से जुड़ी टिप्पणियां शामिल रहीं, जिस पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज हो गई.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
विजय ने शपथ वाले दिन सिर्फ सरकार नहीं बनाई. अपनी तस्वीर भी बदल दी. तमिलनाडु की पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली पारंपरिक पोषाक विष्टी… ना सफेद कुर्ता, ना कंधे पर गमछा, ना नेता वाला पारंपरिक लुक, सूट-बूट में मंच पर पहुंचे विजय ने साफ संदेश दिया — मैं भीड़ से अलग दिखना नहीं चाहता, मैं उसी भीड़ का हिस्सा हूं.”
तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में 'वंदे मातरम' को 'तमिल थाई वलथु' से पहले बजाने को लेकर विवाद हो रहा है. इसे लेकर सत्तारूढ़ टीवीके के सहयोगी दल VCK ने भी CM विजय को घेर लिया है. VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने इसे परंपरा का उल्लंघन बताया और उनकी विचारधारा पर सवाल खड़े कर दिए.
थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह में तृषा कृष्णन चर्चा में रहीं. स्टेडियम से निकलते वक्त तृषा को भीड़ ने घेर लिया था, लेकिन उन्होंने इस सिचुएशन को काफी अच्छी तरह से हैंडल किया. समारोह से उनके कई वीडियोज सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं.
थलपति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान एक्ट्रेस तृषा कृष्णन सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं. समारोह में विजय को शपथ लेते देख तृषा भावुक नजर आईं और उनकी आंखों में खुशी के आंसू दिखे. स्टेडियम से बाहर निकलते समय भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए पूरे हालात को संभाला. तृषा का ट्रेडिशनल लुक और विजय के लिए उनकी खुशी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.
राहुल गांधी और थलपति विजय की इंस्टाग्राम रील को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वायरल पोस्ट को इंस्टाग्राम ने ब्लॉक कर दिया था, जबकि सरकारी सूत्रों ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया. चेन्नई में विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान रिकॉर्ड हुई इस रील को कुछ ही घंटों में करोड़ों व्यूज मिले थे. बाद में पोस्ट को दोबारा बहाल कर दिया गया.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राज्य गीत ‘तमिल थाई वजथु’ को ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ के बाद तीसरे स्थान पर गाए जाने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. विपक्षी दलों और टीवीके के सहयोगियों ने इसे तमिल पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता की अनदेखी बताया है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. समारोह में ‘तमिल थाई वजथु’ को ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ के बाद गाए जाने पर विपक्ष और सहयोगी दलों ने नाराजगी जताई. कई नेताओं ने इसे तमिल अस्मिता से जुड़ा मुद्दा बताया. विवाद बढ़ने पर टीवीके सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि भविष्य में पुरानी परंपरा का पालन किया जाएगा.
तमिलनाडु में टीवीके के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के सहयोग से सरकार बना ली है. मुख्यमंत्री पद की रविवार को शपथ ली, लेकिन बैसाखी पर टिकी सरकार को कितने दिन तक चला पाएंगे. इसकी वजह यह है कि विजय को समर्थन करने वाले सभी दलों का डीएमके साथ गहरा नाता रहा है.
तमिलनाडु में अब थलपति विजय की सत्ता आ चुकी है. 10 मई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस दौरान उनके पिता काफी इमोशनल होते नजर आए. बेटे की बड़ी उपलब्धि पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद थलपति विजय के परिवार में भावुक माहौल देखने को मिला. विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर ने संघर्ष के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया है. वहीं विजय की मां ने इसे मदर्स डे का सबसे बड़ा तोहफा बताया. शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी मौजूद रहीं और उन्होंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी.
तमिल सुपरस्टार थलपति विजय, जो सिनेमा जगत के सबसे बड़ा नायक थे अब जनता के नायक बन चुके हैं. 10 मई को थलपति ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. शपथ समारोह में विपक्ष नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे. वो स्टेज पर विजय और तमिलनाडु के गवर्नर के साथ बैठे थे.
आज का दिन तमिलनाडु के लिए ऐतिहासिक दिन है. सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने हैं. जिन्होंने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है.
एक ओर थलपति विजय ने चेन्नई में नए सहयोगी राहुल गांधी के समर्थन से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे परजीवी पार्टी बताया. पीएम मोदी ने बताया कि पिछले तीन दशकों में डीएमके ने कई बार कांग्रेस को संकटों से उबरने में मदद की है.
तमिलनाडु की राजनीतिक और प्रशासनिक कमान अब विजय के हाथों में सौंपी गई है. यह बदलाव क्षेत्र में नई उम्मीदों और चुनौतियों को लेकर आया है. विजय की अगुवाई में तमिलनाडु को विकास और समृद्धि की दिशा में कदम बढ़ाने की उम्मीद जतायी जा रही है. जनता भी इस बदलाव के बाद बेहतर प्रशासन और विकास की उम्मीद कर रही है.
तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके सरकार के गठन के साथ नया चेहरा बनकर उभरीं एस कीर्तना अब पूरे देश में चर्चा का विषय हैं. शिवकाशी से पहली महिला विधायक बनने के बाद 29 वर्षीय कीर्तना को विजय कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है. हिंदी में धाराप्रवाह बातचीत, युवाओं के बीच मजबूत पकड़ और जमीनी राजनीति में सक्रिय भूमिका ने उन्हें अलग पहचान दी है.
तमिलनाडु में टीवीके सरकार बनने के बाद 29 वर्षीय एस कीर्तना सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. शिवकाशी से विधायक बनीं कीर्तना ने विजय कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली और राज्य की सबसे युवा मंत्री बन गईं. कई भाषाओं में दक्ष कीर्तना अपनी हिंदी पर मजबूत पकड़ को लेकर भी सुर्खियों में हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, श्रमिकों के अधिकार और उद्योग सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था.
तमिलनाडु में विजय ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ.