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बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल... इन पांच चुनावी राज्यों को मोदी सरकार के बजट में क्या मिला

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा आम बजट ऐसे समय आया है, जब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म है. वित्त मंत्री ने बजट के जरिए बंगाल से लेकर केरल और तमिलनाडु तक को साधने की कवायद करती नजर आईं हैं.

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वित्त मंत्री ने बजट के जरिए साधा चुनावी राज्यों के समीकरण (Photo-PTI)
वित्त मंत्री ने बजट के जरिए साधा चुनावी राज्यों के समीकरण (Photo-PTI)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में 2026-27 का आम बजट पेश किया. मोदी सरकार ने बजट के जरिए देश के युवाओं और महिलाओं को साधने की कवायद. वित्त मंत्री ने बजट ऐसे समय पेश किया है, जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म है. ऐसे में मोदी सरकार का खास फोकस चुनावी राज्यों पर रहा. 

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. अप्रैल-मई में इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी की नजर खासकर पश्चिम बंगाल में टीएमसी प्रमुख  ममता बनर्जी  के सियासी दुर्ग को भेदने की है तो असम में सत्ता की हैट्रिक लगाने की है. 

बीजेपी दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल में कमल खिलाने का सपना संजोय हुए हैं. यही वजह है कि मोदी सरकार ने विकास की नई रफ्तार देकर चुनावी राज्यो की सियासी जंग फतह करने की मजबूत इबारत लिखने की कवायद करती नजर आई है. वित्त मंत्री ने चुनावी राज्यों के बजट में क्या-क्या दिया? 

बजट में बंगाल को क्या मिला? 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए बंगाल में होने वाले चुनाव को तवज्जो देते हुए खास मेहरबान नजर आईं. वित्त मंत्री ने बंगाल के दानकुनि (ईस्ट) से सूरत (वेस्ट) तक एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया. इसके जरिए बंगाल से गुजरात तक माल ढुलाई का काम आसान होगा. इसके जरिए गुजरात से बंगाल तक मालगाड़ियों के जरिए माल ढुलाई का काम आसान और तेज होगा. इसके जरिए दोनों राज्यों में कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. 

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वित्त मंत्री नेपश्चिम बंगाल को हाई स्पीड ट्रेन की  सौगात से नवाजा है. निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि बंगाल के सिलीगुड़ी को वाराणसी से जोड़ने वाली एक हाई-स्पीड रेल लाइन बनाई जाएगी. साथ ही ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा, जिसमें बंगाल का दुर्गापुर एक अहम और अच्छी तरह जुड़ा हुआ केंद्र होगा. ऐसे में मोदी सरकार ने बंगाल को विकास की सौगात देकर सियासी समीकरण साधने का दांव चला है, लेकिन ममता बनर्जी ने कहा कि बजट मे बंगाल को कुछ नहीं मिला. ऐसे में शह-मात का खेल बीजेपी और टीएमसी में शुरू हो गया. 

तमिलनाडु को विकास की सौगात

मोदी सरकार का 2026-27 का बजट पूरी तरह से तमिलनाडु पर केंद्रित रहा, जहां अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी बंगाल में डीएमके को सत्ता से बाहर करने की हरसंभव कोशिश में जुटी है. ऐसे में बजट के जरिए तमिलनाडु के सियासी समीकरण को साधने का दांव चला है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि तमिलनाडु, ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इसे खनिज कॉरिडोर भी कहा जा रहा है. 


तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमावर्ती पर स्थित पुलिकट झील के आसपास पक्षी देखने के लिए ट्रेल्स विकसित की जाएंगी. नारियल, काजू और कोको जैसी High Valued फसलों को बढ़ावा देने की बात भी बजट में कही गई है. इससे खासतौर पर तमिलनाडु और केरल के किसानों को फायदा होगा. इससे  तमिलनाडु और केरल जैसे तटीय राज्यों के किसानों के लिए सियासी संजीवनी माना जा रहा है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी को इसका सियासी लाभ मिलता है कि नहीं? 

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केरल को बजट में क्या मिला
तमिलनाडु के साथ मोदी सरकार केरल के सियासी मिजाज को साधने का दांव चला. बजट के जरिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केरल को विकास की सौगात दी है. रेयर अर्थ कॉरिडोर जो ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर जाएगी, उसमें केरल भी शामिल है. ओडिशा, कर्नाटक के साथ-साथ केरल के तटीय इलाकों में कछुओं के संरक्षण के लिए ‘टर्टल ट्रेल्स’ विकसित किए जाएंगे. 

इको-टूरिज्म: हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू घाटी और पुदीगई मलाई में स्थायी पर्वतीय ट्रेल्स विकसित की जाएंगी. वाइल्डलाइफ पर्यटन में ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स बनाई जाएंगी. नारियल, काजू और कोको जैसी कीमती फसलों को समर्थन दिया जाएगा, जिससे केरल के किसानों को लाभ मिलेगा. सरकार ने बजट के जरिए हेल्थ सेक्टर को बढ़ाने का दांव चला है, उसका लाभ केरल को मिलेगा. 

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि निजी क्षेत्र के सहयोग से 5 क्षेत्रीय रीजनल मेडिकल हब बनेंगे. इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म सेक्टर, डायग्नोस्टिक सेक्टर शामिल होंगे. यहां हेल्थ प्रोफेशनल्स, जैसे- डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ को रोजगार मिलेगा. इसके जरिए सबसे ज्यादा लाभ केरल जैसे राज्य को हो सकता है, क्योंकि केरल में लोग बड़ी संख्या में हेल्थ सेक्टर से जुड़े हुए हैं. नर्स से लेकर डॉक्टर तक केरल से बड़ी संख्या में लोग आते हैं.

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असम में क्या बीजेपी की होगी हैट्रिक
असम में बीजेपी 10 साल से सत्ता में है और इस साल जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है. ऐसे में बीजेपी किसी भी सूरत में असम को नहीं गंवाना चाहती है. ऐसे में मोदी सरकार ने बजट के जरिए असम को साधने की कवायद की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर के लिए असम के तेजपुर में NIMHANS 2 बनाने का ऐलान किया. 

मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर को साधने की कवायद की है. इसे लिए अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव है. केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी के लिए बजट में कोई ऐलान नहीं किया गया. 
 

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