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स्वाइन फ्लू

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स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू (Swine Flu) एक संक्रामक बीमारी है, जो इन्फ्लुएंजा ए वायरस, खासतौर पर H1N1 वायरस से जुड़ी होती है. इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है. हालांकि नाम में स्वाइन यानी सूअर शब्द आता है, लेकिन इंसानों में फैलने वाले मौसमी H1N1 संक्रमण का प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और सांस की बूंदों के जरिए होता है.

स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हो सकते हैं. इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और ठंड लगना शामिल हैं. कुछ लोगों को उल्टी या दस्त जैसी परेशानी भी हो सकती है. ज्यादातर मामलों में बीमारी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है.

छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों में फ्लू से जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है. सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या हालत तेजी से बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली बूंदों से फैल सकता है. संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है.

बचाव के लिए हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना तथा बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.

फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है. डॉक्टर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और जोखिम के आधार पर टीकाकरण की सलाह दे सकते हैं. स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है.

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