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नोएडा में भी स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक, अब तक सामने आए 15 केस

गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में इलाज की तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

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नोएडा में सामने आए स्वाइन फ्लू के 15 केस
नोएडा में सामने आए स्वाइन फ्लू के 15 केस

भारत के कई हिस्सों से स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अब इस सूची में गौतमबु्द्ध नगर भी शामिल हो चुका है, जहां अब तक 15 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है. कुछ मरीज जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं.बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही गंभीर मरीजों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 20 ICU बेड भी रिजर्व रखे गए हैं.

'अभी नहीं है गंभीर स्थिति'

चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के अब तक कुल 15 मामले सामने आ चुके हैं. फिलहाल किसी तरह की गंभीर स्थिति नहीं है और मरीजों में कोई गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से बिना घबराए जरूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है.

साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव की आदतें जरूरी

सीएमओ के मुताबिक, स्वाइन फ्लू से बचाव में साफ-सफाई और संक्रमण बचाव की आदतें बेहद जरूरी हैं. हाथों को नियमित रूप से साबुन या सैनिटाइजर से साफ करते रहना करते रहना चाहिए. दरवाजों के हैंडल, रेलिंग और  बार-बार छुई जाने वाली सतहों के संपर्क में आने के बाद हाथ साफ करना जरूरी है.

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इसके साथ ही लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क लगाने की सलाह भी दी गई है. बता दें कि स्वाइन फ्लू के दौरान जुकाम, नाक से पानी आना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे लक्षण नजर आने पर उन्हें सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से समय पर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा है.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में स्वाइन फ्लू के बढ़े केस, इस साल 4000 से अधिक मामले

फिलहाल जिले के निजी अस्पतालों से भी लगातार मरीजों और इलाज की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पतालों का पहले भी निरीक्षण किया गया था और वहां मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्थाएं ठीक पाई गई थीं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान मौसमी संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं.

साथ ही  डॉ. मदन मोहन बताया कि यह मौसमी संक्रमण है और मौसम बदलने के साथ इसके मामलों में कमी आने की उम्मीद है. हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में है, इसलिए लोगों को डरने के बजाय सतर्क रहना चाहिए. संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और समय पर इलाज को सबसे अहम हथियार माना जा रहा है.

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