देश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसी राज्यों में ये वायरस तेजी से पांव पसार रहा है. अस्पतालों में मरीजों के लिए आईसोलेशन वार्ड भी तैयार किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय भी इसको लेकर सतर्क है. इस बीच स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Oseltamivir (टैमिफ्लू दवा) की बिक्री अचानक बढ़ गई है. मेडिकल स्टोर पर इस दवा को खरीदने वालों की संख्या बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही है.आईसीएमआर ने भी स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर टैमिफ्लू को खाने की सलाह दी है.
दवा की बढ़ती डिमांड के बारे में ऑल इंडिया ड्रग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कैलाश गुप्ता ने बताया है. वह बताते हैं कि एक महीने पहले तक इस दवा की बिक्री बहुत कम थी, लेकिन अब कई गुना बढ़ गई है. हर दिन अलग अलग फार्मेसी में मरीज इसको खरीदने आ रहे हैं. बढ़ती खपत को देखते हुए दवा के अधिक ऑर्डर किए जा रहे हैं. कैलाश गुप्ता के मुताबिक, पिछले 15 दिनों से डिमांड ज्यादा आ रही है. अधिकतर लोग डॉक्टरों के पर्चे के साथ इसको खरीदने आ रहे हैं.
टैमिफ्लू दवा क्या है?
दिल्ली सफदजंग अस्पताल में डॉ. दीपक सुमन ने बताया कि टैमिफ्लू एक प्रिस्क्रिप्शन एंटीवायरल दवा है. मेडिकल स्टोर पर यह डॉक्टर के पर्चे से ही मिलती है. इसका यूज इन्फ्लूएंजा के इलाज और रोकथाम के लिए किया जाता है. यह वायरस की सतह पर मौजूद न्युरामिनीडेस नाम के प्रोटीन को ब्लॉक करती है. इसको खाने से वायरस को शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोका जा सकता है. यह वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाने से रोकने में मदद करती है. इससे मरीज को संक्रमण से बेहतर ढंग से लड़ने का मौका मिलता है. आईसीएमआर ने भी कहा है कि स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीज डॉक्टर की सलाह पर Oseltamivir (टैमिफ्लू दवा) दवा को खा सकते हैं.
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सामान्य सर्दी-जुकाम के लिए नहीं है ये दवा
डॉ. दीपक ने बताया कि ये दवा सामान्य सर्दी-जुकाम या बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण पर असर नहीं करती है. इसलिए अगर किसी को केवल सामान्य खांसी- जुकाम है तो इस दवा को ना लें. न ही बुखार या गले में इंफेक्शन में इसको खाएं. अगर फ्लू के लक्षण दिखने पर आपने स्वाइन फ्लू का टेस्ट कराया है और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तभी डॉक्टर की सलाह पर टैमिफ्लू लें. लक्षण शुरू होने के पहले 48 घंटों (2 दिनों) के भीतर इसे लेना सबसे ज्यादा असरदार होता है.
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सबको नहीं है दवा और वैक्सीन की जरूरत
आईसीएमआर ने दवा किसको खानी है और स्वाइन फ्लू की वैक्सीन किसको लेनी है इस बारे में भी बताया है.आईसीएमआर के मुताबिक, हर किसी को वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं है. हाई रिस्क वाले और खासतौर पर 65 साल से अधिक उम्र के लोग डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन ले सकते हैं.