शामली (Shamli) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और शहर है और इस जिले का मुख्यालय यहीं है. यह सहारनपुर मंडल का एक हिस्सा है. इस जिले का क्षेत्रफल 1,167 वर्ग किलोमीटर है (Geographical Area).
शामली जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha Constituency) और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Assembly Constituency).
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक शामली की जनसंख्या (Shamli Population) 13 लाख से ज्यादा है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1125 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 878 है. यहां की 53.89 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. शामली शहर में पुरुष 86.21 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 73.70 फीसदी है (Shamli City Literacy).
शामली का इतिहास महाभारत काल से देखने को मिलता हैं. शालिभवन शब्द का उल्लेख महाभारत में किया गया है, माना जाता है कि यह शामली का प्राचीन नाम हो सकता है. एक किंवदंती के अनुसार, शामलीं वह स्थान है, जहां कृष्ण ने महाभारत युद्ध को टालने के अपने अंतिम प्रयास के लिए जाते हुए रात्रि होने पर विश्राम किया था. यह छोटा सा नगर हनुमान टीला के लिए भी प्रसिद्ध है, जो महान योद्धा भीम द्वारा बनाया गया था (History).
महाभारत काल में शामली 'कुरु' क्षेत्र का हिस्सा था. यह आजादी के समय अविभाजित पंजाब से सटा था. 1957 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय विद्रोह यहां भी हुआ लेकिन विद्रोह दबा दिया गया इसी के निकट ऊन नगर है जिस पर कभी हूणों ने आक्रमण किया था.
यूपी के शामली में एक हिंदू युवक का ब्रेनवॉश कर कुछ दिनों पहले उसका धर्मांतरण कर दिया गया था. उसका मुस्लिम लड़की से निकाह भी कर दिया गया था. वो नमाज पढ़ता था।.मौलवियों के वीडियो देखता था. अब उस लड़के ने एक बार फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है. वो आयुष मलिक से मोहम्मद अली बनने वाले युवक ने घर वापसी कर ली है. हिंदू युवक के धर्मांतरण के मामले में पुलिस आरोपी लड़की और उसके पिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले की जांच के लिए शामली पुलिस अभी भी जुटी हुई है.
शामली के दवा कारोबारी, आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म अपनाकर और मोहम्मद अली बनकर सबको चौंकाया. अब एक बार फिर आयुष ने यानी हिंदू धर्म में वापसी करके सबको चौंका दिया. आखिर क्या है, आयुष से अली और अली से आयुष बनने की पहेली? क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है? देखें 10 तक.
उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आया है. मुस्लिम प्रेमिका से निकाह के लिए इस्लाम अपनाने वाले आयुष मलिक ने अब दोबारा सनातन धर्म में वापसी कर ली है. पिता देवराज मलिक ने दावा किया कि आयुष अब परिवार के साथ पूजा-पाठ कर रहा है और घर वापसी से पूरा परिवार राहत महसूस कर रहा है.
क्या 2047 सिर्फ एक पासवर्ड था या जांच में मिला नया सबूत ? शामली धर्मांतरण मामले में आयुष मलिक से जुड़ी जांच में सामने आए एक ई-मेल पासवर्ड, घर से बरामद डायरी पर लिखे I Am On Mission, फरार मौलवी की तलाश और घर वापसी के बाद दिए गए बयान ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस फिलहाल सभी साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है.
उत्तर प्रदेश के शामली में धर्मांतरण के बाद मोहम्मद अली बने आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म अपनाकर घर वापसी कर ली है. आयुष ने दावा किया कि उसका ब्रेनवॉश किया गया था और धर्म बदलने के बाद उसकी सोच पूरी तरह बदल गई थी. पुलिस जांच में उसके घर से एक बड़ा चाकू और "I Am On Mission" लिखी डायरी बरामद हुई.
उत्तर प्रदेश के शामली में रहने वाले आयुष मलिक की घर वापसी हो गयी है. धर्म परिवर्तन कर मोहम्मद अली बने आयुष ने वापस सनातन धर्म अपना लिया है.आयुष के पिता ने चांदनी कुरैशी नाम की युवती और उसके परिवार पर ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है.
आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आया है. मुस्लिम युवती से शादी के लिए इस्लाम अपनाकर मोहम्मद अली बने आयुष ने अब फिर से सनातन धर्म में वापसी कर ली है. आजतक के हाथ लगे वीडियो में वह दाढ़ी और बाल मुंडवाकर घर के मंदिर में भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करते नजर आ रहा है.
शामली जिले के कैराना में शादी के वलीमे में कथित रूप से बीफ परोसने के मामले में दूल्हा फारमान, उसके मामा सलमान और एक बैंक्वेट हॉल मालिक अनीस को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है. एक एसयूवी और कथित मांस भी बरामद किया गया है.
शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया था, लेकिन तीन बहनों की शादी के कारण यह बात छिपाकर रखी. दूसरी ओर पिता ने शादी के बहाने धर्म परिवर्तन और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाया है. मामले में एसआईटी जांच जारी है, जबकि दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है.
शामली के चर्चित आयुष मलिक उर्फ अली धर्मांतरण मामले में चांदनी कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, तीन मौलवी और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या है? जानिए केस के सभी अहम किरदार, गिरफ्तारी, SIT जांच और अब तक की कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी.
शामली के कारोबारी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का मामला धर्म परिवर्तन, प्रेम विवाह और करोड़ों की संपत्ति को लेकर चर्चा में है. परिवार का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के पीछे संपत्ति पर नजर रखने की साजिश थी, जबकि आयुष इसे मामने से इनकार कर रहा है. उसे कहना है कि हमें यह संपति नहीं चाहिए. पुलिस मामले की जांच कर रही है और धर्म परिवर्तन, विवाह व अन्य पहलुओं से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी है.
शामली के करोड़पति कारोबारी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने दावा किया है कि इस्लाम अपनाने का फैसला किसी दबाव या लालच में नहीं, बल्कि वर्षों की पढ़ाई और आत्मचिंतन के बाद लिया. उन्होंने बताया कि बीपी बढ़ने के दौरान देखे गए एक यूट्यूब वीडियो ने उनके भीतर जिज्ञासा पैदा की, जिसके बाद उन्होंने इस्लामिक साहित्य और धार्मिक व्याख्यानों का अध्ययन शुरू किया. फिलहाल मामले की जांच धर्मांतरण एंगल से भी जारी है.
शामली के कारोबारी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने दावा किया कि इस्लाम अपनाने का फैसला सालों की स्टडी और आत्मचिंतन के बाद लिया. धर्मांतरण मामले की जांच फिलहाल जारी है. आयुष के परिवार का आरोप है कि उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं
यूपी के शामली जिले में करोड़ों की संपत्ति और जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बीच मुख्य युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. आयुष ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे दबाव मुक्त और पूरी तरह अपनी आंतरिक सोच पर आधारित व्यक्तिगत यात्रा
यूपी में एक बार फिर एक लव जिहाद का मामला सामने आया है. लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी मुस्लिम लड़की ने हिंदू लड़के को अपने प्यार के जाल में फंसाकर ये साजिश रची है. कई साल तक लड़के को बरगलाया गया और उसका ब्रेनवॉश किया गया. देखें विशेष.
शामली धर्मांतरण केस में पहली बार आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उसने बताया कि कैसे फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी से उसकी मुलाकात हुई, कैसे वह इस्लामिक वीडियो सुनने लगा और क्यों उसने खुद को मोहम्मद अली के रूप में स्वीकार किया.
यूपी में एक ऐसा लव जेहाद का मामला सामने आया है. जिसमें चांदनी कुरैशी नाम की लड़की ने आयुष मलिक को अपने प्यार के जाल में फंसाया और उसका धर्मांतरण करवाकर निकाह कर लिया. जब आयुष के घरवालों ने उसके बदले मिजाज की जानकारी मिली और निकाह की खबर लगी तो पैरों तले जमीन खिसक गई. आयुष के पिता देवराज मलिक से आजतक संवाददाता अरविंद ओझा ने बात की है.
शामली के आयुष मलिक ने 'आजतक' से बातचीत में बताया कि उसने बिना किसी दबाव के खुद इस्लाम अपनाकर नाम मोहम्मद अली रखा है. वह चोट के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी के संपर्क में आया और यूट्यूब पर पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो तथा इस्लामिक शिक्षाओं से प्रभावित होकर यह फैसला लिया.
यूपी के शामली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें करोड़पति कारोबारी के बेटे आयुष मलिक को हिंदू लड़के को बरगलाया गया. उसका ब्रेशवॉश किया गया. जब लड़के ने धर्म परिवर्तन किया तो उसका निकाह भी करा दिया. हालांकि लड़के के घरवाले कह रहे हैं कि वो निकाह फर्जी था, क्योंकि आरोपी मुस्लिम परिवार की नजर करोड़ों की संपत्ति पर थी. अब धर्मांतरण के शिकार आयुष ने आजतक में बताया है कि कैसे वो पाकिस्तानी मौलाना की तकरीर से प्रभावित हुआ.
यूपी में एक बार फिर एक लव जेहाद का मामला सामने आया है. लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है. मुस्लिम लड़की चांदनी कुरैशी ने हिंदू लड़के आयुष मलिक को अपने प्यार के जाल में फंसाकर ये साजिश रची है. कई साल तक लड़के को बरगलाया गया. उसका ब्रेशवॉश किया गया. मुस्लिम परिवार लगातार उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता रहा और जब लड़के ने धर्म परिवर्तन किया तो उसका निकाह भी करा दिया. हालांकि लड़के के घरवाले कह रहे हैं कि वो निकाह फर्जी था. Hindu businessman Ayush becomes Md Ali after
उत्तर प्रदेश के शामली में एक युवक के कथित धर्मांतरण का मामला गरमा गया है. युवक के पिता ने करोड़ों की संपत्ति हड़पने और बेटे की हत्या की धमकी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने पत्नी और उसके पिता सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.