
किसी सड़क पर बच्चे को जन्म देती महिला की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. तस्वीर में महिला के आसपास उसके परिवार के लोग भी देखे जा सकते हैं.
कुछ लोग इसे उत्तर प्रदेश के उन्नाव, तो वहीं कुछ शामली का बताकर शेयर कर रहे हैं और उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना भी कर रहे हैं.
इस तस्वीर को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “पैसा नहीं तो इलाज नहीं. उन्नाव सरकारी अस्पताल ने बीमार मां को वापस भेज दिया और मां ने आधी रात सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया. ये पूरे सिस्टम की लापरवाही है. गरीब होना अपराध नहीं है, दोषियों पर कार्रवाई हो.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये घटना नेपाल की है, भारत की नहीं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये नेपाली न्यूज आउटलेट Prime Television की 10 सितंबर की वीडियो रिपोर्ट में मिला. रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना नेपाल के राजविराज की है, जहां पैसों के कमी के चलते एक अस्पताल ने गर्भवती महिला को वापस लौटा दिया. इसके बाद महिला सड़क पर ही बच्चे को जन्म देने को मजबूर हो गई.
नेपाल के एक बड़े मीडिया संस्थान Kantipur TV की रिपोर्ट में भी इस घटना के बारे में देखा जा सकता है.
द काठमांडू पोस्ट की 12 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल की बबिता कुमारी पासवान प्रसव पीड़ा होने पर राजविराज के गजेंद्र नारायण सिंह अस्पताल गईं थीं. अस्पताल ने इलाज से पहले ब्लड टेस्ट और बाकी जांच के लिए जितने पैसे मांगे थे, बबीता के परिवार के पास उतने पैसे नहीं थे. इस पर अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया और मजबूरन उन्हें सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की डॉक्टर उषा देव समेत 6 कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है.
साफ है कि नेपाल के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है. हालांकि अप्रैल में ऐसा एक वाकया यूपी के शामली में भी देखने को मिला था, जब सड़क पर ही महिला की डिलीवरी हो गई थी.