उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. यूपीएसटीएफ और शामली पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है. बदमाशों की पहचान होने के करीब 100 घंटे के अंदर पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. हत्याकांड में शामिल दो अन्य शूटरों और उनके मददगारों की तलाश अभी जारी है. उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई और जांच से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है. अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और वारदात में शामिल दो शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है.
डीजीपी के मुताबिक 26 अगस्त की शाम अंकित बालियान की चार हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर हत्या कर दी थी. घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के 11 अधिकारियों की टीम गठित की गई थी. इस टीम में चार एडिशनल एसपी भी शामिल थे. पुलिस ने हत्याकांड की जांच के साथ आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने पर काम शुरू किया. जांच में सामने आया कि अंकित बालियान की हत्या अचानक नहीं हुई थी. हत्या से पहले बदमाशों ने उसकी रेकी की थी. डीजीपी ने बताया कि अंकित के जिम आने-जाने की टाइमिंग तक की रेकी की गई थी. इसके बाद शूटरों ने अपनी गतिविधियों को अंजाम दिया.
अंकित बालियान केस में दो शूटर मुठभेड़ में ढेर
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि 29 अगस्त को इस घटना में शामिल अभियुक्तों की शिनाख्त कर ली गई थी. इसके बाद पुलिस ने उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन शुरू किया. जांच में पुलिस के सामने गोगी गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई. डीजीपी के मुताबिक जितेंद्र गोगी की 2021 में रोहिणी कोर्ट में हत्या हुई थी. अंकित बालियान ने इसी घटना से जुड़े एक गाने में अभिनय किया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उस गाने के बोल और धुन अंकित बालियान के नहीं थे.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के लिए चारों शूटरों को उनके गैंग से जुड़े लोगों ने ही असलहे उपलब्ध कराए थे. वारदात में इस्तेमाल हथियार देशी बताए गए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश किस स्तर पर तैयार की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. शूटरों के साथ हुई मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप घायल हुए हैं. पुलिस ने इस कार्रवाई को हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है. डीजीपी ने कहा कि शामली पुलिस और STF की कार्रवाई के लिए 2 लाख रुपये का इनाम दिया जा रहा है.
अंकित बालियान हत्याकांड में अभी दो अन्य शूटर और उनके मददगार पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. उनकी तलाश जारी है. पुलिस सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है. डीजीपी राजीव कृष्ण ने यूपी से बाहर बैठे अपराधियों को भी सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अपराधी यह भ्रम न पालें कि राज्य से बाहर रहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी. किसी भी गैंग या अपराधी को यूपी में छिपने या अपराध करने नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े कुछ अपराधी जेल में बंद हैं, जबकि कुछ विदेश में हैं. उन सभी को कानून की जद में लाया जाएगा. डीजीपी के मुताबिक गोगी गैंग की कमान अब दूसरे लोगों ने अपने हाथ में ले ली है और वही लोग गोगी के नाम पर गैंग चला रहे हैं. राजीव कृष्ण ने कहा कि पिछले 8 से 9 वर्षों में यूपी में संगठित अपराध को जड़ से उखाड़ने का काम किया गया है. उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई साल में करीब 3 लाख लोगों को सजा दिलाई गई है.
अब मददगारों की तलाश में जुटी यूपी पुलिस
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. दो शूटरों के मारे जाने के बाद अब पुलिस का फोकस फरार दो अन्य शूटरों और उनके मददगारों पर है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या की साजिश के पीछे कौन-कौन लोग थे और वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों को किसने हथियार उपलब्ध कराए. डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में हिंदूवादी नेता की हत्या के मामले पर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लखनऊ पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है. इस हत्याकांड में अभी तक दो हत्यारों को पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि यह जघन्य हत्याकांड है और पुलिस की टीमें घटना के कारणों की गहनता से जांच कर रही हैं. इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.