हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के मामले में सपा नेता राम गोपाल यादव के बयान पर परिवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. अंकित के पिता सत्यवीर सिंह बालियान ने कहा कि मेरे मामले में विपक्ष बयानबाजी ना करे. हम लोग किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं. एनकाउंटर फर्जी नहीं, असली है. मैं खुद मौके पर होकर आया हूं. एनकाउंटर में मारे गए सुमित और मोहित ने ही गोली चलाई थी. अब योगी जी से उम्मीद है कि जल्द बाकी दोषियों का एनकाउंटर हो. वहीं, अंकित की पत्नी का भी रिएक्शन सामने आया है.
दरअसल, शामली एनकाउंटर के बाद राम गोपाल यादव ने कहा कि राज्य में हत्याओं और फर्जी एनकाउंटर कर लोगों को गोली मारने के अलावा कुछ नहीं हो रहा है. वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस एनकाउंटर की हाइलेवल जांच की मांग की थी. इसी पर अब अंकित के परिवार ने रिएक्ट किया है.
बकौल पत्नी सीमा- अगर कोई उनके परिवार का बेटा सड़क पर या जिम में जाए और उसके साथ इस प्रकार की घटना हो जाए तो क्या वो तब भी ऐसा बयान देंगे. उन व्यक्तियों का एनकाउंटर किया जाना ही सही है, क्योंकि ऐसे लोग समाज में जीकर क्या करेंगे, वे समाज के लिए खतरा हैं.
सीमा बालियान ने कहा कि वह परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिलना चाहती है. कुछ बातें हैं वह परिवार के सदस्यों को लेकर सिर्फ योगी जी से करना चाहती हैं. उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात के लिए समय मांगा है.
अंकित बालियान की पत्नी ने सपा को दी नसीहत
सीमा ने आगे कहा- गैंगवार पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. विपक्ष के लिए और भी मुद्दे हैं- हमारा तो घर उजड़ गया. एनकाउंटर असली हुआ. 20 राउंड गोलियां चली हैं. पुलिस को भी लग सकती थी. वहीं, राहुल गांधी से मदद पर अंकित बालियान की पत्नी ने कहा- प्रदेश की कमान योगी जी के हाथ में है. हम योगी जी के संरक्षण में हैं और उन पर पूरा भरोसा है.
सपा नेताओं के बयान
शामली में हुई हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या और राज्य में लगातार उठ रहे सुरक्षा के सवालों पर सपा नेता राम गोपाल यादव ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज बची ही नहीं है. राज्य में सिवाय हत्याओं और फर्जी एनकाउंटर कर लोगों को गोली मारने के अलावा कुछ नहीं हो रहा है."
वहीं, अवधेश प्रसाद ने कहा- जो भी दोषी होते हैं उनके लिए आईपीसी/सीआरपीसी होती है. कोर्ट-कहचरी होती है. न्यायपालिका को सजा देने का अधिकार है. अब कौन सी स्थिती पैदा हो गई कि एनकाउंटर करना पड़ा. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.