शबाना आज़मी (Shabana Azmi) एक जानी मानी अभिनेत्री हैं. वह हिंदी फिल्म, टेलीविजन और थिएटर के लिए अभिनय करती हैं. भारत की सबसे प्रशंसित अभिनेत्रियों में से एक हैं और उनको कई शैलियों में महिला पात्रों के चित्रण के लिए जाना जाता है. उन्होंने पांच फिल्मफेयर पुरस्कारों के अलावा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए रिकॉर्ड पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं (Record Five National Film Awards for Best Actress) और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी हासिल कर चुकी हैं.
1998 में उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री (Padma Shri) से भी सम्मानित किया गया और 2012 में उन्हें तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित किया गया था (Shabana Azmi Awards). वह संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNPFA) की सद्भावना राजदूत हैं. आज़मी के जीवन और कार्यों की सराहना करते हुए, भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा की मनोनीत सदस्यता प्रदान की है (Shabana Azmi, MP).
2019 के भारतीय आम चुनाव में, शबाना आज़मी ने कन्हैया कुमार के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था. कन्हैया, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के टिकट पर बिहार के बेगूसराय से चुनाव लड़े थे (Shabana Azmi Supports Kanhaiya Kumar).
शबाना आज़मी ने 1974 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और जल्द ही समानांतर सिनेमा (Shabana Azmi in Parallel Cinema) की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक बन गईं. आजमी तब से मुख्यधारा और स्वतंत्र सिनेमा दोनों में 120 से अधिक हिंदी फिल्मों में दिखाई दी हैं. अंकुर, अर्थ, खंडर, पार, गॉडमदर, मासूम, अवतार उनकी प्रमुख फिल्में हैं. (Shabana Azmi Hit Movies).
उनका जन्म 18 सितंबर 1950 को हैदराबाद (Hyderabad) में हुआ था (Shabana Azmi Age). वो एक शिया परिवार से ताल्लुक रखती है. शबाना, कवि कैफी आजमी (Kaifi Azmi) और मंच अभिनेत्री शौकत आजमी (Shaukat Azmi) की बेटी है (Shabana Azmi Parents). उनके माता-पिता उन्हें मुन्नी कहकर बुलाते थे.
शबना आज़मी ने क्वीन मैरी स्कूल, मुंबई से पढ़ाई की. उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री पूरी की, और इसके बाद फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे में अभिनय का कोर्स किया. उन्होंने कवि और पटकथा लेखक जावेद अख्तर से शादी की है (Shabana Azmi Education).
बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी एक बार फिर विरोध प्रदर्शन के मैदान में नजर आई हैं. इस बार वह 'सजेपी' (कॉकरोच जनता पार्टी) के एक प्रदर्शन में शामिल हुईं, जहां उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए. यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त दानिश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था. इस दौरान शबाना आजमी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है.
मुंबई में चल रहे CJP प्रोटेस्ट में बॉलीवुड स्टार शबाना आजमी ने शिरकत की. उन्होंने भी वहां चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) के इस्तीफे की मांग रखी, और आजतक से बातचीत में वोटिंग लिस्ट से करोड़ों लोगों के गायब होने वाले दावों पर बात की.
एक्ट्रेस शबाना आजमी अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. उन्होंने कई बार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाई है. उनके पति जावेद अख्तर ने उनकी इस खूबी पर हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी बात रखी.
एक्ट्रेस शबाना आजमी ने 'बंटवारा 1947' की असफलता का कारण सनी देओल का मुस्लिम किरदार निभाना और उससे दर्शकों का असहज होना बताया था. अब फिल्म के डायरेक्टर ने उनपर पलटवार किया है.
एक्ट्रेस शबाना आजमी ने अपने मेहनत के दम पर बॉलीवुड में एक अलग ही मुकाम हासिल किया है. अपने निजी जिंदगी को लेकर हमेशा वह सुर्खियों में बनी रही हैं, हाल ही में उन्होंने अपने रिश्ते को लेकर कई खुलासे किए हैं.
बंटवारा 1947 बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसपर शबाना आजमी ने बात की. उन्होंने कहा कि लोगों को मुसलमान के रोल में सनी देओल नहीं पसंद आए. हालांकि उनका ये भी कहना है कि फिल्म के लिए उन्हें काफी तारीफ सुनने मिली.
दिल्ली के जंतर मंतर में हुए नीट प्रोटेस्ट में अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुई थी. हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलाशा किया इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के वजह के बारे में .
‘गदर’ को लेकर कभी सनी देओल और शबाना आजमी के बीच तीखी बहस हुई थी. 25 साल बाद दोनों ‘बटवारा 1947’ में फिर साथ हैं. शबाना आजमी ने ‘गदर’ को भड़काऊ बताया था, जिस पर सनी देओल ने नाराजगी जताई थी.
भारत देश को आजाद हुए 79 साल बीत गए हैं. लेकिन एक दर्द आज भी लोगों के मन में जिंदा है- बंटवारा. आज ही के दिन 14 अगस्त को देश के दो हिस्से हुए, भारत-पाकिस्तान. नफरत की आग में कई लोग जले, लेकिन कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने धर्म भुलाकर इंसानियत दिखाई. उसी इंसानियत से जुड़ी एक कहानी 'बंटवारा 1947' फिल्म के रूप में आई है. कैसी है ये फिल्म? पढ़िए हमारा रिव्यू...
कंगना रनौत ने अपनी 'जेनरेशन गटर' वाली टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद कुछ खास प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया था और उनका मकसद कभी भी पूरी 'जेन जी' (Gen Z) पीढ़ी का जिक्र करना नहीं था.
आवारापन के शिवम की कहानी वापस बड़े पर्दे पर आ रही है. इमरान हाशमी अपने आइकॉनिक किरदार को वापस निभाएंगे, जिसके लिए उन्होंने तगड़ी फीस भी ली है. उनके अलावा और भी स्टार्स हैं, जिनकी फीस का खुलासा हुआ है.
एक ही दिन शबाना आजमी के दो अलग अवतार बॉक्स ऑफिस पर टकराएंगे. ‘बंटवारा 1947’ की मां और ‘आवारापन 2’ की नफीसा में कौन जीतेगा दर्शकों का दिल?
फिल्म बंटवारा 1947 के ट्रेलर लॉन्च पर सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी ने अपनी शूटिंग का एक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि एक सीन के दौरान उन्हें बेहद अपमानित सा महसूस हुआ, जिसमें सनी देओल ने आकर उनकी रक्षा की. वो सीन फिल्म के ट्रेलर में भी शामिल किया गया है.
NEET पेपर लीक आंदोलन पर देश की तरह बॉलीवुड भी दो हिस्सों में बंटा हुआ है. सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, कमल हासन जैसे अभिनेता पूरी दृढ़ता के साथ छात्रों के साथ डटे हैं, वहीं सलमान खान, अनुपम खेर और माधवन जैसे दिग्गज कलाकारों ने आंदोलन से जुड़ी राजनीति को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है. हालांकि छात्रों की चिंताओं के प्रति सहानुभूति उन्होंने भी जताई है.
'आवारापन 2' का टाइटल ट्रैक रिलीज होने के बाद अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग में वापसी की चर्चा तेज हुई. हालांकि उनकी टीम ने स्पष्ट किया कि यह पुराना कमिटमेंट है, नई वापसी नहीं. फिल्म में इमरान हाशमी, दिशा पाटनी, शबाना आजमी और अतुल कुमार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले छात्रों का बड़ा प्रदर्शन हुआ, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी। संसद मार्च के दौरान Shabana Azmi और Prakash Raj भी शामिल हुए।
20 जुलाई को संसद भवन की तरफ हुए CJP मार्च में बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज शामिल हुए थे. वो इस शांतिपूर्वक आंदोलन में एक ट्रक के अंदर बैठे नजर आए.
बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस शबाना आजमी भी खुलकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का समर्थन कर रही हैं. शबाना बीते दिन जंतर-मंतर पहुंची थीं. उन्होंने छात्रों के सपोर्ट के लिए आवाज उठाई.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे आइसा के तीन छात्रों ने अपना अनशन खत्म कर दिया है. नीट विवाद को लेकर युवाओं की आवाज बुलंद करने वाले नेहा, मनीष और आमीन अब आंदोलन के अगले चरण की रणनीति बनाएंगे. उन्होंने दिग्गज हस्तियों की अपील के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म की है.
जंतर-मंतर पर रविवार को फिल्मी सितारे जैसे शबाना आजमी और प्रकाश राज CJP प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे. शबाना आजमी ने अभिजीत दिपके से भी मुलाकात की. वहीं प्रकाश राज ने स्टूडेंट्स की आवाज सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई.
शबाना आजमी, इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आने वाली फिल्म 'आवारापन 2' में नफीसा के नेगेटिव किरदार में शामिल हो गई हैं. माना जा रहा है कि शबाना आजमी के करियर में ये पहला मौका है, जब वो विलेन के किरदार में दिखाई देगी.