पंजाब पुलिस भारत के पंजाब राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध से जुड़ी गतिविधियों की जांच करने वाली प्रमुख पुलिस एजेंसी है. राज्य में पुलिस व्यवस्था के तहत अपराध की रोकथाम, अपराधों की जांच, कानून व्यवस्था बनाए रखना और भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार पुलिस संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाता है.
पंजाब पुलिस का मुख्यालय चंडीगढ़ के जन मार्ग पर स्थित है. राज्य के अलग अलग हिस्सों में पुलिस विभाग की इकाइयां काम करती हैं. इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और विभिन्न पुलिस मामलों से जुड़े कार्य किए जाते हैं.
पंजाब पुलिस की जिम्मेदारियों में अपराध होने से रोकना और अपराध की जानकारी मिलने के बाद उसकी जांच करना शामिल है. इसके अलावा राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी पुलिस के प्रमुख कार्यों का हिस्सा है. पुलिस विभिन्न मामलों में जांच प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों से पूछताछ, साक्ष्य जुटाने और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करती है.
पंजाब पुलिस ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया है. 7 सितंबर 2011 को पंजाब पुलिस ने एनआरआई से संबंधित मामलों की सुनवाई और समस्याओं के समाधान के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवा शुरू की थी. इसका उद्देश्य विदेश में रहने वाले पंजाब से जुड़े लोगों को पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क का माध्यम उपलब्ध कराना था.
पंजाब पुलिस के प्रशासनिक ढांचे का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी करते हैं. वर्तमान में गौरव यादव पंजाब पुलिस के पुलिस महानिदेशक हैं. गौरव यादव भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और 1992 बैच से संबंधित हैं.
पंजाब पुलिस राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत काम करती है. विभाग में विभिन्न स्तरों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं. इनके माध्यम से राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस से संबंधित जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं.
समय के साथ पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली में तकनीक का इस्तेमाल भी शामिल हुआ है. संचार और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं का उपयोग पुलिस और आम लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कार्यों में किया जाता है. पंजाब में कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियां इसी विभाग के माध्यम से संचालित होती हैं.
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों का सिलसिला जारी है. अब अमृतसर में ASI सुखचैन सिंह पर फायरिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इससे पहले जोगा, हरजीत और जसवंत सिंह पर भी हमले किए गए थे. जानिए क्या है पूरा मामला.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित LPU में बवाल के बाद तनाव के बीच पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और खबर शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की है. यूनिवर्सिटी में 10 दिनों के लिए क्लासेस सस्पेंड और एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं.
पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस एडवाइजरी को फर्जी बताया है, जिसमें पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी न पहनने और सादे कपड़ों में यात्रा करने की बात कही गई थी. पुलिस ने कहा कि ऐसी कोई एडवाइजरी पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी कार्यालय ने जारी नहीं की है.
संगरूर में जहरीला पदार्थ निगलने वाले जग्गा सिंह को लेकर पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ 9 FIR दर्ज हैं, जिनमें 4 मामलों में दोषसिद्धि हो चुकी है और एक NDPS केस भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, जग्गा सिंह ने 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर शिकायत की थी और मामला नहीं उठाए जाने पर आत्महत्या की धमकी दी थी.
अमृतसर में ASI हरजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को दाना मंडी में ड्यूटी के दौरान हरजीत सिंह की हत्या हुई थी। CCTV, तकनीकी जांच और लोकल इंटेलिजेंस से आरोपी की पहचान हुई।
पंजाब के अमृतसर में मेकअप आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की दिनदहाड़े बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह वारदात अमृतसर के लोहारका रोड पर हुई, जहाँ बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने मैद संधू पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने के बाद वह लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े.
अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या कर दी गई. लोहारका रोड पर मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने उन पर फायरिंग की. इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों और जग्गा तरनतारन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लेने का दावा किया है.