
अमृतसर में हाल ही में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद IG बॉर्डर रेंज ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है. एएसआई हरजीत की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था. बताया गया कि वह सीधे तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था.
घटना के मद्देनजर और पाकिस्तान सीमा से लगे जिलों में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IG बॉर्डर रेंज ने अमृतसर ग्रामीण, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पत्र लिखकर पुलिस कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं.
पत्र में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से ड्यूटी जाते समय और ड्यूटी से घर लौटते समय सादे कपड़ों में यात्रा करनी चाहिए. इस दौरान वर्दी पहनकर यात्रा करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा निजी यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों को ऐसा कोई चिन्ह, प्रतीक या सामान साथ रखने या दिखाने से बचने को कहा गया है, जिससे उनकी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में हो सके. पत्र में निजी यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने पर भी जोर दिया गया है.

आरोपी का हुआ था एनकाउंटर
ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी. अमृतसर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हत्या के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मार गिराया गया था. अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने इसकी पुष्टि की थी.
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और उसके आतंकी मॉड्यूल ने हरजीत सिंह की हत्या करवाई थी. हाल ही में गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क को आतंकी घोषित किया था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहजाद भट्टी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान (TTH) के नाम से नेटवर्क संचालित करता था. अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने X पर पोस्ट कर मामले की जानकारी दी थी. पुलिस के मुताबिक, हरजीत सिंह की हत्या 18 सितंबर को अमृतसर के गेट हकीमा थाना क्षेत्र में हुई थी. दाना मंडी में ड्यूटी के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी.
ऐसे हुई थी आरोपी की पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप एनालिसिस और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी दीपक सिंह की पहचान की थी. कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, शनिवार को पुलिस ने एक नाके पर दीपक सिंह को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी. इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और इस दौरान उसने दोबारा पुलिस पर गोलीबारी की थी.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक सिंह शहजाद भट्टी और उसके मॉड्यूल के संपर्क में था. कमिश्नर ने बताया था कि पाकिस्तान के एक व्यक्ति ने इन लोगों को अपने जाल में फंसाया था और उनसे आगे चिट्टे का कारोबार करने का वादा किया था. पुलिस के अनुसार, हरजीत सिंह की हत्या के बाद ये लोग दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे थे और वीडियो बनाकर आगे भेजा था.
पुलिस ने आरोपी के पास से 30-बोर की पिस्तौल, दो मैगजीन, 8 जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक्टिवा स्कूटर बरामद किया था. हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया था.