ऑस्कर अवॉर्ड्स (Oscar Awards) हर साल अमेरिका की अकेडेमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की अगुवाई में दिया जाता है (Academy of Motion Picture Arts and Sciences). फीचर फिल्म और डॉक्युमेंट्री के क्षेत्र से जुड़े सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री, निर्देशक, लेखक और तकनीशियनों को यह अवॉर्ड दिया जाता है. इस पुरस्कार को फिल्म जगत में हासिल की जाने वाली सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि के तौर पर देखा जाता है (International Recognition of Excellence in Cinematic Achievements).
अलग-अलग कैटेगरी के विजेताओं को ट्रॉफी के रूप में एक स्वर्ण प्रतिमा से सम्मानित किया जाता है, जिसे आधिकारिक तौर पर "अकादमी अवार्ड ऑफ मेरिट" कहा जाता है (Academy Award of Merit).
आर्ट डेको शैली में बनी यह मूर्ति एक शूरवीर को दर्शाती है (Art Deco Style). इस पुरस्कार का निर्माण जॉर्ज स्टेनली ने सेड्रिक गिबन्स के एक डिजाइन स्केच के आधार पर तैयार किया था (Oscars Sculpted by George Stanley) इसे दुनिया के सबसे प्रमुख पुरस्कार समारोहों में से एक माना जाता है. इसका हर साल 200 से अधिक देशों में टीवी पर लाइव प्रसारण किया जाता है. यह वर्ल्ड मीडिया का सबसे पुराना पुरस्कार समारोह भी है (Oscar Awards Media Coverage).
एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज का विचार सबसे पहले मेट्रो-गोल्डविन-मायेर स्टूडियो के मालिक लुई बी मायेर ने रखा था. उन्होंने फिल्म उद्योग की इमेज को बेहत बनाने और मजदूरी या वेतन से जुड़े विवादों के खत्म करने के लिए एक पेशेवर संगठन का प्रस्ताव रखा था. बाद में, एकेडमी ने फिल्म इंडस्ट्री में खास उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए ऑस्कर की शुरुआत की (History of Oscars).
पहला एकेडमी अवॉर्ड समारोह 16 मई 1929 को, साल 1927-1928 की बेहतरीन फिल्मी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए हॉलीवुड रुजवेल्ट होटल में एक प्राइवेट डिनर फंक्शन के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें तकरीबन 270 लोग बतौर दर्शक मौजूद थे (First Oscar Award Ceremony)..
द लास्ट कमांड और द वे ऑफ ऑल फ्लेश में शानदार अभिनय के लिए एमिल जेनिंग्स को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पहला ऑस्कर पुरस्कार दिया गया था (First Oscar Award for Best Actor). 1957 में आयोजित 29वें समारोह में, सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म श्रेणी का आगाज किया गया (First Oscar Award for Film in Foreign Language). इसे अब सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म के रूप में जाना जाता है. 2002 में आयोजित 74वें एकेडमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर के लिए पहला ऑस्कर दिया गया (First Oscar Award for Animated Feature Film). 1973 से 2020 तक, सभी एकेडमी पुरस्कार समारोह सर्वश्रेष्ठ फिल्म के साथ खत्म हुए, लेकिन 2021 में इस परंपरा को तोड़ दिया गया और समारोह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के एकेडमी पुरस्कार के साथ समाप्त हुआ. परंपरागत रूप से, पिछले साल के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता मौजूदा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री को पुरस्कार देने के लिए स्टेज पर आते हैं. 9 फरवरी, 2020 को, पैरासाइट 92वें एकेडमी पुरस्कार समारोह में बेस्ट फिल्म का पुरस्कार जीतने वाली पहली विदेशी भाषा की फिल्म बनी (First Foreign language Film to win Best Film Oscar Award).
एकेडमी अवार्ड, जिसे लोकप्रिय रूप से ऑस्कर स्टैच्यूएट के रूप में जाना जाता है, एक काले धातु के आधार पर कांसे से बनी और सोने की परत चढ़ी एक मूर्ति है. यह 13.5 इंच लंबा है, इसका वजन 3.856 किलोग्राम है (Oscar Statuette).
एकेडमी ने आधिकारिक तौर पर 1939 में ट्राफियों के लिए "ऑस्कर" नाम अपनाया, लेकिन इसका ये नाम कैसे रखा गया यह विवादित है (Academy Awards Naming).
मराठी फिल्म गोंधल को भारत की ओर से 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए चुना गया है, लेकिन अनुराग कश्यप ने इसे गलत चयन बताया है. उनके बयान पर डायरेक्टर का रिएक्शन आया है.
'आंग' की कहानी 1960 के दशक के नगालैंड में सेट है. फिल्म एक उम्रदराज कोन्याक गांव के मुखिया और उसके बेटे के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों उन आखिरी लोगों में शामिल हैं, जो तेजी से बदलती दुनिया के बीच अपनी पुश्तैनी आस्था और जीवनशैली को बचाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.
भारत की तरफ से ऑस्कर में मराठी फिल्म गोंधल को भेजा गया है. इसने हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म धुरंधर को भी पछाड़ दिया. लेकिन क्यों ये फिल्म ऑस्कर के लिए नहीं गई? इसके पीछे एक बड़ी वजह रही, जिसका खुलासा हुआ है.
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है. डायरेक्टर संतोष दवाकर ने एक्सक्लूसिव बातचीत में ऑस्कर कैंपेन और आगे की तैयारी के बारे में बताया.
महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कला पर आधारित मराठी फिल्म 'गोंधल' को कई फिल्म फेस्टिवल में शानदार प्रदर्शन के बाद 2027 के ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है.
मराठी फिल्म 'गोंधल' को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. इस फिल्म ने 'मैं वापस आऊंगा', 'हनुमान अंश' और 'धुरंधर 2' को पछाड़ दिया.
फिल्म हनुमान अंश के पास ऑस्कर की रेस में भाग लेने का एक गोल्डन चांस था. लेकिन प्रोड्यूसर नम्रता सिंह से ये एक बड़ा मौका चूक गया. हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने खुद बताया कि क्यों उनकी फिल्म ऑस्कर में नहीं जा सकी.
ऑस्कर अवॉर्ड देने वाली अकादमी ने रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण के आइकॉनिक सीन के जरिए 'ये जवानी है दीवानी' को फिर से याद किया है. सोशल मीडिया पर फिल्म का एक सीन काफी वायरल हो रहा है.
ऑस्कर विनिंग फिल्म RRR के डायरेक्टर एसएस राजामौली ने बताया है कि उन्हें सिंधु घाटी सभ्यता पर फिल्म बनाने का एक बेहतरीन आईडिया आया था. लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान की वजह से वो इस आईडिया को आगे डेवलप नहीं कर पाए. राजामौली का आईडिया जानने के बाद ट्विटर की जनता उनसे काफी इम्प्रेस नजर आई.
गाजा हमले में मारी गई 6 साल की बच्ची की रूह कंपाने वाली कहानी द वॉयस ऑफ हिंद रजाब आखिरकार 19 जून को भारत में रिलीज होने जा रही है. पिछले 3 महीने से सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के चक्कर काट रही इस ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म को हरी झंडी मिल गई है. पहले सेंसर बोर्ड को डर था कि इस फिल्म से भारत और इजरायल के कूटनीतिक संबंध बिगड़ सकते हैं.
कान्स के रेड कार्पेट पर हर साल हमारे सितारों का फैशन और भौकाल तो खूब दिखता है, लेकिन जब बात असली सिनेमा की आती है, तो भारत पिछड़ जाता है. कान्स का टॉप फिल्म अवॉर्ड हमने आखिरी बार आजादी से पहले जीता था. आखिर क्यों हम हर साल सिनेमा के सबसे बड़े कॉम्बापिटिशन में पिछड़ रहे हैं? समझिए अंदर का पूरा कड़वा सच.
ऑस्कर 2026 में जेसी बकली की स्पीच ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. मदरहुड और परिवार पर दिए गए उनके बयान को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है—कुछ इसे भावनात्मक और सच्चा मान रहे हैं, तो कुछ इसे रूढ़िवादी सोच से जोड़कर देख रहे हैं.
ऑस्कर 2026 में ‘हैमनेट’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीतने वाली जेसी बकली की स्पीच सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गई है. जहां आमतौर पर ऐसे मंचों से राजनीतिक या सामाजिक मैसेज दिए जाते हैं, वहीं जेसी ने मां बनने और अपने परिवार की खुशी पर बात की, जिसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है.
ऑस्कर 2026 में 6 अवॉर्ड जीतने वाली ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आज के अमेरिका में इमिग्रेंट्स की हकीकत का आईना बन गई है. जबकि 1980 के दशक में सेट इस कहानी, में न ट्रंप हैं न आज का ICE. तो कैसे ये फिल्म इमिग्रेंटस की जिंदगी की सटीक तस्वीर उतरती है, चलिए बताते हैं.
ऑस्कर 2026 की Vanity Fair After Party से प्रियंका चोपड़ा ने इनसाइड फोटो शेयर की है, जिसमें वो पति निक जोनस, ईशा अंबानी और आनंद पीरामल के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं. इस दौरान ईशा अंबानी का बनारसी ब्रोकेड आउटफिट और उनका ग्लैमरस लुक खास चर्चा में रहा.
ईरानी फिल्ममेकर जफर पनाही की फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' ऑस्कर 2026 में जीत से चूक गई. लेकिन असली चिंता अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर है. ईरान सरकार पहले ही इस फिल्म को बैन कर चुकी है और पनाही को जेल की सजा का आदेश भी दिया जा चुका है.
ऑस्कर 2026 में अवॉर्ड नहीं मिला, अब घर लौटते ही जेल जा सकता है ईरानी फिल्ममेकर. ईरानी फिल्ममेकर जफर पनाही एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. उनकी फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' को ऑस्कर 2026 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म और बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले के लिए नॉमिनेशन मिला था, लेकिन फिल्म अवॉर्ड जीतने से चूक गई. वहीं दूसरी ओर, ईरान लौटने पर उन्हें जेल जाने का खतरा भी है
ऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र की लेगेसी को याद नहीं किया गया जिससे इंडियन फैंस काफी नाराज दिखे. एक्टर के योगदान को इतने बड़े स्टेज पर नजरअंदाज किया गया. ऐसे में हेमा मालिनी ने इसपर रिएक्ट किया है.
ऑस्कर 2026 में सिनेमैटोग्राफर ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने इतिहास रच दिया. 'सिनर्स' के लिए बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड जीतकर वो ऑस्कर इतिहास में यह सम्मान पाने वाली पहली महिला बन गईं. ऑस्कर ट्रॉफी तक पहुंचने का ऑटम का सफर एक इंस्पायर करने वाली कहानी है.
प्रियंका चोपड़ा ने 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में अपने लुक से हमेशा की तरह चर्चा में रहीं. 10 साल छोटे पति के हाथ में बंधा लाल कलावा और मंगलसूत्र ब्रेसलेट देखकर फैंस उन्हें 'परफेक्ट दामाद' बता रहे हैं.
ऑस्कर अवॉर्ड 2026 सेरेमनी खास वजह से चर्चा में रही. जेवियर बार्डेम ने मंच पर फिलिस्तीन और जंग को लेकर खास मैसेज दिया. उनका बयान खूब वायरल हो रहा है, जिसपर दुनियाभर के लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.