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ऑस्कर 2026 में फिल्म को नहीं मिला अवॉर्ड, अब घर लौटकर जेल जाएगा ईरानी फिल्ममेकर!

ईरानी फिल्ममेकर जफर पनाही की फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' ऑस्कर 2026 में जीत से चूक गई. लेकिन असली चिंता अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर है. ईरान सरकार पहले ही इस फिल्म को बैन कर चुकी है और पनाही को जेल की सजा का आदेश भी दिया जा चुका है.

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ऑस्कर्स 2026: फिल्म को नहीं मिला अवॉर्ड, अब जेल जाएगा ईरानी फिल्ममेकर! (Photo: IMDB)
ऑस्कर्स 2026: फिल्म को नहीं मिला अवॉर्ड, अब जेल जाएगा ईरानी फिल्ममेकर! (Photo: IMDB)

ईरानी फिल्ममेकर जफर पनाही के लिए आने वाले दिन आसान नहीं होने वाले! एक तो ऑस्कर 2026 में बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म कैटेगरी में मजबूत दावेदार मानी जा रही उनकी फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' (It Was Just An Accident) अवॉर्ड से चूक गई. ऊपर से अब उन्हें सीधा जेल जाना पड़ेगा! जफर पनाही ईरानी सिनेमा के उन डायरेक्टर्स में से एक हैं जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म कम्युनिटी में काफी सम्मान की नजर से देखा जाता है. लेकिन वो अपने ही देश में सरकार की आंख में किरकिरी बने रहते हैं.

क्यों अरेस्ट होने वाले हैं जफर पनाही?
जफर की लाइफ दो बिल्कुल अलग एक्सट्रीम हालत में बंटी हुई है. जहां दुनिया उन्हें ईरान के क्रांतिकारी फिल्ममेकर की नजर से देखती है, वहीं ईरान की सरकार उन्हें अपने इस्लामिक रिपब्लिक को बदनाम करने वाला फिल्ममेकर मानती है. इस वक्त जहां ईरान का यूएस और इजरायल से कॉन्फ्लिक्ट पूरे मिडल ईस्ट का माहौल गर्माए हुए है. वहीं जफर पिछले साल से ही अपनी फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' के लिए ट्रैवल करने में लगे हैं. उनकी इस फिल्म का प्रीमियर पिछले साल मई में कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था.

ईरान में फिल्म सेंसरशिप के चक्कर में न फंसें इसलिए पनाही ने इसे बिना प्रशासन की ऑफिशियल इजाजत के ही शूट कर डाला था. फिल्म की कहानी क्या है और इसमें ईरान को किस नजर से दिखाया गया है, ये तब सामने आया जब कान्स में पहली बार दिखाई गई. जहां दुनिया भर में 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' को क्रिटिक्स से बहुत तारीफ मिली और उन्हें क्रांतिकारी फिल्ममेकर बताया गया. वहीं ईरान में पनाही की फिल्म को 'सरकार विरोधी प्रोपेगेंडा' बताते हुए बैन कर दिया गया. उन्होंने फिल्म में महिलाओं को बिना हिजाब पहने भी दिखाया है.

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दिसंबर में पनाही को एक साल के लिए जेल में रखने का आदेश भी जारी हुआ. लेकिन उस वक्त तक पनाही देश से बाहर ही थे और ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के चलते वो लंबे समय से अपने परिवार से भी कटे हुए हैं. हाल ही में ब्लूमबर्ग से एक बातचीत में पनाही ने कहा था, 'मैं कोशिश करूंगा कि वहां जो कुछ भी चल रहा है, उसके बीच अपने लोगों के साथ मिलकर रहूं.' उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें पता होता कि आने वाले दिनों में उनके देश में इतने बुरे हालात होने वाले हैं, तो वो ऑस्कर अवॉर्ड्स के कैंपेन में हिस्सा ही नहीं लेते. वो पहले भी अपनी फिल्मों के लिए ईरानी सरकार के निशाने पर रह चुके हैं और उन्हें कई बार अरेस्ट किया जा चुका है.

पनाही की फिल्म में ऐसा क्या है?
जफर पनाही की फिल्म 'इट वॉज जस्ट एन एक्सिडेंट' ईरान में राजनीतिक कैदी रहे कुछ लोगों की कहानी है. इस ग्रुप के सामने एक बड़ा सवाल ये है कि जो आदमी उनके हालात का जिम्मेदार है, उससे बदला लें या नहीं. ईरान, फ्रांस और लक्समबर्ग के बीच को-प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म को कान्स फिल्म फेस्टिवल का टॉप अवॉर्ड मिला था. गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में बेस्ट मोशन पिक्चर का नॉमिनेशन पाने वाली ये पहली ईरानी फिल्म बनी.

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ऑस्कर 2026 में भी इसे दो कैटेगरी— बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म और बेस्ट ऑरिजिनल स्क्रीनप्ले के लिए नॉमिनेशन मिला था. मगर फिल्म दोनों कैटेगरीज में जीत नहीं हासिल कर पाई. ईरान के 150 आर्टिस्ट और एक्टिविस्ट ईरानी सरकार के विरोध के बावजूद पनाही की फिल्म के समर्थन में आ गए थे. एक साझा बयान में उन्होंने पनाही को 'शानदार और बहादुर ईरानी फिल्ममेकर' कहा था. लेकिन अब दुनिया भर की फिल्म कम्युनिटी की नजर इस बात पर रहेगी कि ऑस्कर्स के बाद घर लौटने पर पनाही के साथ क्या सलूक होता है.

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