शुक्रवार, 18 सितंबर को मुंबई में हुई घोषणा के अनुसार, मराठी फिल्म 'गोंधल' को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की जूरी ने इस साल रेस में शामिल 30 से ज्यादा फिल्मों में से संतोष दवखर की फिल्म को चुना.
इस घोषणा के समय FFI के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा, सेक्रेटरी धर्मेंद्र मेहरा, ट्रेजरर संग्राम शिर्के, संरक्षक TP अग्रवाल, वाइस-प्रेसिडेंट हीराचंद, निशांत उज्ज्वल और चेयरमैन शेषाद्री मौजूद थे.
14 सदस्यों वाली सिलेक्शन कमिटी के हेड फिल्ममेकर शेषाद्री थे. कमिटी में एक्टर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर विजय पाटकर, एक्टर-डायरेक्टर हितु कनोडिया, सिनेमैटोग्राफर संजीब परासर, डांस मास्टर शांत कुमार, डायरेक्टर नरसिम्हा नंदी, राइटर-डायरेक्टर संजय पाटिल, एडिटर VJ साबू जोसेफ, डायरेक्टर अनिल थॉमस, डायरेक्टर वसंत, एक्टर-प्रोड्यूसर विवेक वासवानी, एक्ट्रेस तनिष्ठा चटर्जी, प्रोडक्शन डिजाइनर बिजोन दासगुप्ता और प्रोड्यूसर फिरदौसुल हसन शामिल थे.
इंडिया टुडे से खास बातचीत में प्रोड्यूसर फिरदौसुल हसन ने कहा कि 'गोंधल' हर मामले में सबसे अलग थी और इसमें शामिल दूसरी फिल्मों से बेहतर थी. उन्होंने कहा, 'यह भारतीय संस्कृति को बहुत अच्छे से दिखाती है, इसकी फोटोग्राफी और संगीत शानदार हैं. जूरी ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि यह एकेडमी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी.'
क्या है गोंधल की कहानी?
'गोंधल' फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर और अनुज प्रभु ने काम किया है. यह फिल्म पारंपरिक महाराष्ट्रीयन 'गोंधल' रस्म पर आधारित है, जो संगीत, नृत्य और पौराणिक कथाओं वाला रात भर चलने वाला लोक प्रदर्शन है. शादी के जश्न के तौर पर शुरू होने वाली यह कहानी धीरे-धीरे इच्छा, जलन, धोखे और गांव के अंदर दबी हुई कड़वाहट की एक डार्क कहानी में बदल जाती है.
यह फिल्म डायरेक्टर संतोष दवखर की पहली फीचर फिल्म थी और इसका प्रीमियर गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में हुआ था, जहां इसने स्पेशल जूरी रिकग्निशन के लिए सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड जीता था.
हालांकि, फेस्टिवल में मिली सफलता के मुकाबले 'गोंधल' का थिएट्रिकल प्रदर्शन उतना शानदार नहीं रहा. नवंबर 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म की बॉक्स-ऑफिस पर शुरुआत धीमी रही और ट्रेड रिपोर्ट्स में इसके थिएट्रिकल प्रदर्शन को औसत बताया गया.
'गोंधल' का चुना जाना सिर्फ पहला कदम है. इसके बाद एकेडमी अपनी इंटरनेशनल फीचर फिल्म वोटिंग प्रक्रिया शुरू करेगी, जिसमें पहले 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट तैयार की जाएगी और फिर आखिरी पांच नॉमिनी चुने जाएंगे. 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स 14 मार्च, 2027 को होने वाले हैं.
अब तक कितनी मराठी फिल्में ऑस्कर के लिए भेजी गई हैं?
'गोंधल' चौथी मराठी फिल्म है जिसे ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. इससे पहले 'हरिश्चंद्राची फैक्ट्री' (2009), 'श्वास' (2005) और 'कोर्ट' (2015) ने एकेडमी अवॉर्ड्स की दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.
भारत ने अभी तक 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' का अवॉर्ड नहीं जीता है; इस कैटेगरी को पहले 'बेस्ट फॉरेन फिल्म' के नाम से जाना जाता था. पिछले साल, नीरज घायवन की फिल्म 'होमबाउंड' (जिसमें ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर ने काम किया था) को ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया था, लेकिन इसे इस कैटेगरी की फाइनल लिस्ट में जगह नहीं मिल पाई.
रेस में शामिल थी 33 फिल्में
99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री की रेस में शामिल 33 फिल्मों में 'मैं वापस आऊंगा', 'बॉर्डर 2' और 'धुरंधर' फिल्म शामिल थीं. लिस्ट में शामिल अन्य फिल्मों में 'डुग डुग', 'हक', 'भामरडो', '120 बहादुर', 'सिंग गीथम', 'तेरा मेरा नाता', 'लाडू', 'ओह माय डॉग', 'गोंधल', 'बालन द बॉय', 'देऊल बंद 2', 'तिघी', 'पेद्दी', 'इरुमुडी', 'डोरोथी', 'खूंटा', 'गांधी टॉक्स', 'बाइसन कलामदन', 'शेप ऑफ मोमो', 'गवर्नर', '2020 दिल्ली', 'कमांडो विन लव स्टोरी', 'इक्कीस', 'प्रवास', 'मन आतले मनातले', 'ऑब्सेस', 'एग्वा', 'अंग' और 'हनुमान अंश' शामिल थीं. सूत्रों ने यह भी पुष्टि की है कि जूरी द्वारा चुनी गई टॉप तीन फिल्मों में 'इक्कीस' और 'अंग' भी शामिल थीं.