भारतीय डाक
भारतीय डाक (India Post) भारत में सरकार द्वारा संचालित एक डाक प्रणाली है (Government Operated Postal System in India). यह भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है (Department of Post, Ministry of Communications). आम तौर पर भारत में इसे "डाकघर" कहा जाता है, यह दुनिया में सबसे व्यापक रूप से फैला डाक प्रणाली है (Most Widely Distributed Postal System in the World). भारतीय डाक के पास कुल 154,965 डाकघरों की लंबी श्रृंखला है (Total Number of Post Offices in India). इसका मुख्यालय डाकभवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली में है (India Post Headquarters).
वारेन हेस्टिंग्स ने 1766 में ईस्ट इंडिया कंपनी के तहत देश में डाक सेवा शुरू करने के लिए पहल की थी ( Warren Hastings started Postal Service in India). इसे शुरू में "कंपनी मेल" नाम से स्थापित किया गया था (Established as Company Mail). इसे बाद में लॉर्ड डलहौजी ने 1854 में क्राउन के तहत एक सेवा के रूप में संशोधित किया था. डलहौजी ने समान डाक दरों की शुरुआत की और भारत डाकघर अधिनियम 1854 को पारित कराया. इसने पूरे देश के लिए डाक महानिदेशक का पद का सृजन किया (India Post history).
यह मेल (पोस्ट) पहुंचाने, मनी ऑर्डर से पैसे भेजने, लघु बचत योजनाओं को चलाने, डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) के तहत जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने और बिल संग्रह जैसी खुदरा सेवाएं प्रदान करने में शामिल है. DoP, भारत सरकार के लिए, नागरिकों के लिए अन्य सेवाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन भुगतान और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के वेतन का भुगतान कराने का काम करता है (India Post Services).
देश को 23 डाक मंडलों में विभाजित किया गया है, हर सर्कल का नेतृत्व एक मुख्य पोस्टमास्टर जनरल करता है. हर सर्कल को क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसका नेतृत्व एक पोस्टमास्टर जनरल करता है और इसमें फील्ड इकाइयां शामिल होती हैं जिन्हें डिवीजनों के रूप में जाना जाता है. इन विभागों को आगे उपखंडों में विभाजित किया गया है. 23 सर्किलों के अलावा, एक महानिदेशक की अध्यक्षता में भारत के सशस्त्र बलों को डाक सेवाएं प्रदान करने के लिए एक बेस सर्कल है. भारतीय डाक हिमाचल प्रदेश के हिक्किम में 4,440 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया के सबसे ऊंचे डाकघरों में से एक को संचालित करता है (India Post Administration and Departments).
Post Office Best Money Double Scheme: पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स में निवेश पर रिस्क 'Zero' होता है और इनपर रिटर्न जोरदार मिलता है. यही नहीं ये पैसा भी डबल कर सकती हैं.
Post Office Schemes न सिर्फ जोरदार ब्याज के मामले में पॉपुलर हैं, बल्कि इनमें निवेश पर रिस्क भी Zero होता है, क्योंकि हर छोटे-बड़े निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार देती है.
Post Office द्वारा चलाई जा रही सेविंग स्कीम्स को जीरो रिस्क योजनाएं माना जाता है. न सिर्फ इनमें निवेश की सुरक्षा की गारंटी सरकार देती है, बल्कि निवेशकों को जोरदार ब्याज भी ऑफर करती है.
Post Office Best Scheme: जीरो रिस्क स्कीम की बात होती है, तो फिर पोस्ट ऑफिस की स्कीम इस लिहाज से सबसे बेहतर ऑप्शन साबित होता है, क्योंकि इसमें सरकार निवेश पर सुरक्षा की गारंटी देती है. वहीं इनमें ब्याज भी जोरदार मिलता है.
Post Office Bumper Income Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जाने वाली सरकारी स्कीम पर न सिर्फ सरकार सुरक्षा की गारंटी देती है, बल्कि इसमें नियमित निवेश के जरिए लाखों का फंड भी जमा कर सकते हैं, क्योंकि ब्याज धांसू मिलता है.
Post Office Regular Income Scheme: पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स में हर निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार लेती है, तो वहीं इनमें से कई योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज, बड़े बैंकों की Bank FD से भी ज्यादा होता है.
Post Office Best Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित सरकारी बचत योजनाएं सुरक्षित निवेश माना जाता है और इनमें सरकार की ओर से ब्याज भी जोरदार दिया जाता है, जिससे छोटी बचत के जरिए मोटा फंड जुटाया जा सकता है.
Post Office Time Deposit Scheme: बिना किसी रिस्क के कमाई कराने के मामले में पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम पॉपुलर हैं. इनमें जहां सरकार मोटा ब्याज दे रही है, तो वहीं निवेश पर सुरक्षा की गारंटी भी खुद देती है.
पोस्ट ऑफिस की इस योजना के तहत सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होगा और 21 साल तक आपको ब्याज का पैसा मिलता रहेगा, जिस कारण आपका निवेश तेजी से बढ़ेगा और ब्याज से आपकी 50 लाख रुपये तक की कमाई होगी.
पोस्ट ऑफिस के एक योजना के तहत आप 35 लाख रुपये तक पा सकते हैं, जिसके लिए हर महीने 1500 रुपये जमा करने होंगे यानी 50 हर दिन बचत से आप मोटा रिटर्न पा सकते हैं.
Zero Risk Post Office Scheme: रिटायरमेंट के बाद की लाइफ बिना आर्थिक परेशानी से कटे इसमें पोस्ट ऑफिस की SCSS Scheme आपके काम आ सकती है, क्योंकि इसमें एकमुश्त निवेश के जरिए ब्याज से ही जोरदार कमाई हो जाती है.
Post Office MIS Scheme: हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचत करके ऐसी जगह निवेश करना चाहता है, जहां उसका पैसा सुरक्षित रहने के साथ ही कमाई भी जोरदार हो. इस लिहाज से पोस्ट ऑफिस की 'Zero Risk Schemes' खासी पॉपुलर हैं.
Crorepati Saving Formula: करोड़पति बनने का सपना पूरा करने के लिए आपको सिर्फ नियमित बचत ही नहीं, बल्कि उसे निवेश करने के लिए एक शानदार फॉर्मूले की भी जरूरत है और पोस्ट ऑफिस की एक स्कीम ये कमाल कर सकती है.
पोस्ट ऑफिस की ओर से सेविंग अकाउंट और छोटी बचत योजनाओं के तहत कुछ सर्विस के लिए चार्ज वसूला जाता है. ये चार्ज सात तरह के हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से चार्ज वसूले जाते हैं...
सरकार की इस योजना में अगर आप लंबे समय तक निवेश करते हैं तो आपको 16 लाख रुपये मिल सकते हैं. यह योजना पोस्ट ऑफिस के तहत संचालित है.
Post Office Crorepati Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित की जा रही स्मॉल सेविंग स्कीम्स में निवेश पर रिस्क जीरो होता है. इनमें सरकार ब्याज भी जोरदार देती है, जो मोटा फंड जुटाने में मददगार है.
Post Office की छोटी बचत योजनाओं में सरकार की ओर से ब्याज तो शानदार दिया ही जाता है. इसके साथ में निवेश पर सुरक्षा की गारंटी भी खुद सरकार लेती है, जो इन्हें Zero Risk Scheme बना देती है.
Post Office की स्मॉल सेविंग स्कीम्स को जीरो रिस्क स्कीम के तौर पर भी पहचाना जाता है. इसमें निवेश जहां पूरी तरह सुरक्षित रहता है, तो वहीं सरकार की ओर से दिए जा रहे तगड़े ब्याज के चलते छोटी-छोटी बचत भी मोटा फंड जुटा सकती है.
पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम में पांच लाख रुपये का निवेश आपकी मोटी कमाई करा सकती है, क्योंकि यह पहले साल से निवेशकों को तगड़ा ब्याज देती है.
Post Office Best MIS Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जा रहीं सरकारी बचत योजनाओं में रिस्क जीरो होता है, जबकि रिटर्न भी जोरदार मिलता है. यही नहीं इनमें निवेश से मंथली इनकम भी पक्की की जा सकती है.
Post Office Best RD Scheme: सरकार की ओर से निवेश पर दी जाने वाली सुरक्षा की गारंटी के चलते पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम 'Zero Risk Scheme' के तौर पर पॉपुलर हैं, तो वहीं इनपर ब्याज भी धांसू मिल रहा है.