टेक्नोलॉजी की दुनिया में गूगल (Google) हमेशा से इनोवेशन का पर्याय रहा है. हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है और इसी कड़ी में गूगल ने पेश किया है Google Gemini - जो भविष्य की स्मार्ट AI सेवाओं का अगला कदम माना जा रहा है.
गूगल जेमिनाई , गूगल का नया AI मॉडल और टूल्स का सेट है, जिसे OpenAI के ChatGPT जैसी AI तकनीकों को टक्कर देने के लिए विकसित किया गया है. इसे खासतौर पर नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कोडिंग, इमेज प्रोसेसिंग और मल्टीमॉडल AI (टेक्स्ट + इमेज + वीडियो + ऑडियो) के लिए डिजाइन किया गया है.
गूगल जेमिनाई को DeepMind (गूगल की AI रिसर्च कंपनी) और गूगल रिसर्च की टीमों ने मिलकर बनाया. इसे 2023 के अंत में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया. यह गूगल की पुरानी AI तकनीक Bard को रिप्लेस करते हुए नया ब्रांड बन गया.
मल्टीमॉडल क्षमता - सिर्फ टेक्स्ट नहीं, बल्कि इमेज, ऑडियो और वीडियो को भी समझ सकता है.
बेहतर कोडिंग सपोर्ट - प्रोग्रामिंग भाषाओं को लिखने और डिबग करने की क्षमता.
लॉजिकल रीजनिंग - जटिल सवालों का विश्लेषण कर सटीक उत्तर देने की ताकत.
कॉन्टेक्स्ट अंडरस्टैंडिंग - लंबे कन्वर्सेशन और डॉक्युमेंट्स को समझकर जवाब देना.
इंटीग्रेशन - गूगल के प्रोडक्ट्स (जैसे Gmail, Docs, Drive) और एंड्रॉयड में इंटीग्रेट होने की सुविधा.
गूगल ने जेमिनाई को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई वर्जन में लॉन्च किया है-
सबसे एडवांस्ड मॉडल, रिसर्च और हाई-एंड यूजर्स के लिए Gemini Ultra, ज्यादातर यूजर्स और डेवलपर्स के लिए बैलेंस्ड मॉडल-.Gemini Pro, छोटे डिवाइस (जैसे स्मार्टफोन और टैबलेट) पर काम करने वाला हल्का मॉडल-Gemini Nano
गूगल जेमिनाई आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप, एजुकेशन प्लेटफॉर्म और बिजनेस टूल्स का अहम हिस्सा है. जैसे इंटरनेट ने दुनिया बदल दी थी, वैसे ही AI और खासतौर पर जेमिनाई जैसे मॉडल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बनने वाले हैं.
जियो का 799 रुपये का रिचार्ज प्लान है, जो पूरे 84 दिन की वैलिडिटी के साथ आता है. इसमें कॉलिंग समेत कई बेनेफिट्स मिलते हैं.
गूगल आईओ 2026 के दौरान का एक मूमेंट वायरल हो रह है, जिसमें कंपनी ने डेमो के दौरान अपना हैंडसेट छोड़कर iPhone का यूज किया है. दोनों मोबाइल मार्केट में एक दूसरे के राइवल है और फिर भी कंपनी ने लाइव डेमो के दौरान आईफोन का हैंडसेट शोकेश यूज किया है.
गूगल का सालाना इवेंट I/O की शुरुआत हो चुकी है. पहले दिन कंपनी ने कई ऐलान किए हैं. गूगल स्मार्ट ग्लासेज पर काम कर रहा है. कंपनी एक नहीं, बल्कि कई स्मार्ट ग्लासेज लॉन्च कर रही है.
Google I/O 2026 के दौरान न्यू गूगल सर्च के बारे में बताया है. अब 10 ब्लू लिंक वाला दौर खत्म हो जाएगा और यूजर्स को वेब सर्चिंग के दौरान इंटरैक्टिव की मदद से समझाया जाएगा. कंपनी का दावा है कि अब यूजर्स को एकदम नया इंटेलीजेंट सर्च बॉक्स मिलेगा.
Google I/O 2026 इवेंट के दौरान कई बड़े ऐलान किए हैं. इसमें Gemini 3.5 Flash, Gemini Omni और Gemini Spark जैसे नए AI फीचर्स लॉन्च किए हैं. कंपनी ने एआई सर्च, एआई शॉपिंग, एंड्ऱॉयड एक्सआर ग्लास और जीमेल के लिए नए फीचर्स पेश किए हैं. आइए एक-एक करके इनके बारे में जानते हैं.
गूगल हर साल डेवेलपर कॉन्फ्रेंस में बड़े ऐलान करता है. इस साल भी दुनिया भर की नजरें गूगल के I/O इवेंट पर टिकी हैं. इस दौरान कंपनी के सीई कई बड़े ऐलान कर सकते हैं.
Google Gemini अब ऑफिस के काम को आसान बना रहा है. यह टूल PDF, Docs और Excel जैसी फाइल्स में सीधे जवाब देता है, डेटा कन्वर्ज़न करता है और वर्कस्पेस इंटीग्रेशन से आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ाता है.
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) चैटबॉट की मदद से बहुत से लोग मेडिकल संबंधित सलाह मांगते हैं जो उनके लिए बड़ा ही खतरनाक साबित हो सकता है. दरअसल, एक नई रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया है कि AI 50 परसेंट मेडिकल सलाह गलत देता है. आइए इसके बारे में जानते हैं.
गूगल ने जेमिनाई के तहत पर्सनल इंटेलीजेंस को भारत में लॉन्च कर दिया है. यह यूजर्स को सर्चिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है और गूगल के कनेक्टेड डिवाइस के साथ मिलकर काम करता है. यह यूजर्स के समय को बचाएगा और उनकी पसंद का भी ध्यान रखेगा.
मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की दुनिया में म्यूज स्पार्क को लॉन्च कर दिया है. अब कंपनी न्यू म्यूज स्पार्क की मदद से गूगल, ओपेनएआई, एन्थ्रॉपिक जैसे कंपनियों से आगे निकलना चाहती है. मेटा ने AI के लिए मोटी रकम देकर नए-नए लोगों को शामिल किया है और डेटा सेंटर के लिए मोटी रकम इनवेस्टमेंट का प्लान बनाया हुआ है.
गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए भी क्रोम ब्राउजर में Gemini इंटिग्रेट करना शुरू कर दिया है. यानी अब क्रोम यूजर्स को साइड पैनल में Gemini मिलेगा जहां से वो मल्टी टास्किंग कर सकेंगे.
AI Impact Summit इस बार भारत में हो रहा है. इस समिट में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के टॉप लीडर्स भारत आ रहे हैं. गेस्ट लिस्ट में सिर्फ दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुख ही नहीं बल्कि कई देशों के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल हैं. इतना बड़ा बाजार होते हुए भी भारत में अमेरिकी कंपनियों का कोई राइवल नहीं है.
Jio 349 plan details: जियो देश का सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाला टेलीकॉम ऑपरेटर है. कंपनी कई सारे प्लान्स ऑफर करती है और कुछ स्पेशल ऑफर्स भी.
भारतीय AI मॉडल Sarvam AI ने कमाल कर दिया है. एक बेंचमार्क पर इस प्लेटफॉर्म ने गूगल के जेमिनाई और ओपनएआई के चैटजीपीटी को भी पछाड़ दिया है. भारत AI मॉडल ने एक्युरेसी में बाजी मारी है. अमेरिका के इन दिनों AI का दुनियाभर में डंका बजता है, लेकिन अब इनसे आगे भारतीय AI मॉडल निकल गया है.
Jio के प्रीपेड सेगमेंट में ढेरों रिचार्ज प्लान्स मौजूद हैं, जो अलग-अलग कीमत और बेनेफिट्स के साथ आते हैं.
पहली बार किसी नॉन पिक्सल हैंडसेट में स्पैम डिटेक्शन फीचर दिया जा रहा है. इसका नाम स्पैम डिटेक्शन फीचर है और रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर Samsung Galaxy S26सीरीज में दिया जाएग, जो आने वाले दिनों में लॉन्च होगी. यह साइबर क्रिमिनल्स के हर वार को बेकार करेगा.
Gemini SAT Preparation: गूगल जेमिनाई अब अमेरिका कॉलेज में एडमिशन के लिए SAT Exam की तैयारी कराएगा. इसकी जानकारी खुद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके दी है. AI की मदद से स्टूडेंट सवालों का पैटर्न समझ सकेंगे और उनको सॉल्व कर सकेंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Google की AI प्लेटफॉर्म Gemini ने IPL के साथ तीन साल का 270 करोड़ रुपये का स्पॉन्सरशिप करार किया है. यह सौदा भारतीय क्रिकेट में AI ब्रांड्स की बढ़ती मौजूदगी को दिखाता है.
भारत को लेकर अमेरिका में एक बार फिर तीखी टिप्पणी सामने आई है. व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारों ने भारत में अमेरिकी कंपनियों द्वारा दी जा रही AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं पर सवाल उठाते हुए इसे अमेरिका के लिए नुकसान बताया है.
दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश कर चुकी है. भारत में भी AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है. छात्र, दुकानदार और प्रोफेशनल रोजमर्रा के कामों में इसका सहारा ले रहे हैं. लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि अमीर देश कहीं ज्यादा तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. सवाल ये है कि क्या भारत इस तकनीकी रेस में बराबरी कर पाएगा, या बढ़ता फासला नई चुनौती बन जाएगा.
Apple ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है. स्मार्टफोन मार्केट में एक दूसरे के सबसे बड़े कंपटीशन अब एक साथ मिलकर काम करेंगे. एक तरफ Android है, तो दूसरी तरफ iOS है. यूजर्स एक दूसरे से अक्सर इन ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर बहस करते रहते हैं. अब Apple ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है. इसका असर हमें Siri पर आने वाले दिनों में दिखेगा.