Google के स्वामित्व वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Gemini ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के साथ तीन साल का स्पॉन्सरशिप करार किया है. इस डील की अनुमानित कीमत करीब 270 करोड़ रुपये बताई जा रही है. मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट में AI प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है.
यह डील ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में ChatGPT ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) को स्पॉन्सर किया था. ChatGPT ने पिछले साल WPL के साथ दो साल का करार किया था, जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये थी. इससे साफ है कि AI आधारित ब्रांड्स अब बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट्स में स्थापित ब्रांड्स को सीधी टक्कर दे रहे हैं.
बीते साल डिजाइन प्लेटफॉर्म Canva ने BCCI की टीम इंडिया जर्सी स्पॉन्सरशिप के लिए 554 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. हालांकि, Canva को यह अधिकार नहीं मिल सका और Apollo Tyres ने 2025 से 2028 चक्र के लिए 579 करोड़ रुपये में यह सौदा अपने नाम किया.
इकोनॉमिक टाइम्स के हवाले से छपी खबर में इंडस्ट्री से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी समझौते देखने को मिल सकते हैं. उनके मुताबिक, AI प्लेटफॉर्म्स अकेले क्रिकेट स्पॉन्सरशिप पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर सकते हैं, जिसमें टीवी और डिजिटल विज्ञापन शामिल नहीं हैं.
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि AI प्लेटफॉर्म्स इस साल स्पोर्ट्स एडवर्टाइजिंग में वही भूमिका निभा सकते हैं, जो पहले फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियां निभाती थीं. गौरतलब है कि सरकार द्वारा पिछले साल रियल मनी गेमिंग (RMG) पर लगाए गए प्रतिबंध के चलते बाजार से करीब 7,000 करोड़ रुपये का विज्ञापन खर्च अचानक खत्म हो गया था.
एक अन्य इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने कहा कि RMG बैन का असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा, क्योंकि इतनी बड़ी विज्ञापन राशि की भरपाई फिलहाल कोई एक सेक्टर नहीं कर सकता. उन्होंने यह भी कहा कि इस बैन का असर ऑन-ग्राउंड स्पॉन्सरशिप की तुलना में टीवी और डिजिटल स्पोर्ट्स विज्ञापन पर ज्यादा पड़ेगा.
भारत को एक बड़े ग्रोथ मार्केट के रूप में देखते हुए AI प्लेटफॉर्म्स अब क्रिकेट की विशाल पहुंच का फायदा उठाकर यूजर बेस और ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.