scorecardresearch
 

YouTube-Instagram के बाद अब Club App की एंट्री, कम फॉलोअर्स वालों की होगी कमाई?

अगर आपको लगता है कि कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सिर्फ मेटा और गूगल के ही प्लेटफॉर्म्स हैं तो आप गलत हैं. इंस्टा और यूट्यूब के बारे में सब जानते हैं, लेकिन क्या इस नए ऐप के बारे में जानते हैं? दरअसल ये ऐप कम फॉलोअर्स वाले यूजर्स को भी पैसे कमाने का मौका दे रहा है.

Advertisement
X
Kick का नया क्लब ऐप कर रहा बड़े दावे
Kick का नया क्लब ऐप कर रहा बड़े दावे

सोशल मीडिया पर पैसा कमाना सुनने में आसान लगता है. वीडियो बनाइए, लाखों व्यूज लाइए और कमाई शुरू हो जाएगी. लेकिन हकीकत इतनी सीधी नहीं है. YouTube पर कमाई शुरू करने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं. Instagram पर लाखों फॉलोअर्स होने के बाद भी हर किसी को सीधे प्लेटफॉर्म से पैसा नहीं मिलता. TikTok और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कमाई के अपने अलग नियम हैं.

लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Kick इन दिनों क्रिएटर्स की पसंद बन रहा है. इस कंपनी ने Club नाम का नया ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कमाई का मॉडल सिर्फ ऐड्स और करोड़ों व्यूज पर निर्भर नहीं है. कंपनी का दांव इस बात पर है कि अगर किसी कंटेंट क्रिएटर के पास कम लेकिन बेहद लोएल फैंस हैं, तो वह उनसे सीधे पैसे कमा सकता है.

हाल ही में लॉन्च हुआ Club

क्लब ने 19 अगस्त 2026 को अपने मोबाइल ऐप का ऑफिशियल लॉन्च किया. कंपनी के मुताबिक, ऐप के शुरुआती टेस्टिंग के दौरान दो महीने से भी कम समय में 1 लाख सदस्य जुड़े. कंपनी ने यह भी दावा किया कि अकाउंट बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स में से करीब 90 प्रतिशत प्लेटफॉर्म पर ऐक्टिव बने रहे और एक कम्युनिटी में 30 हजार से ज्यादा मेंबर्स पहुंच गए.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Meta का बड़ा एक्शन, डिलीट किए 7 लाख अकाउंट, FB और इंस्टाग्राम पर नहीं मानी ये बात

क्लब में पैसे कैसे कमाएंगे?

क्लब का मॉडल काफी आसान बनाया गया है. कंटेंट क्रिएटर अपने फैंस से हर महीने की मेंबर्शिप के जरिए पैसे ले सकते हैं. कुछ खास पोस्ट या कंटेंट को पैसे देकर खोला जा सकता है. फैंस अपने पसंदीदा क्रिएटर को टिप दे सकते हैं और कुछ मामलों में सीधे बातचीत या खास तरह के कनेक्शन के लिए भी पेमेंट किया जा सकता है. भारत में Kick App उपलब्ध है, लेकिन Club की एंट्री जल्दी ही हो सकती है. जिन लोगों की कमाई इंस्टा और यूट्यूब से कम हो रही है वो कंटेंट क्रिएटर्स इस प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे हैं. खास तौर पर गेमर्स इस ऐप को काफी पसंद कर रहे हैं 

ढूंढ सकते हैं अपनी कम्यूनिटी

यहीं Club बाकी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अलग होने की कोशिश कर रहा है. कंपनी का कहना है कि वह सिर्फ फॉलोअर्स गिनने वाला प्लेटफॉर्म नहीं बनना चाहती. उसका फोकस ऐसे छोटे लेकिन मजबूत फैन समूह बनाने पर है, जो किसी कंटेंट क्रिएटर के काम को पसंद करने के साथ उसके लिए पैसे खर्च करने को भी तैयार हों. क्लब के सीईओ हेनरिक पोलमैन ने इस मॉडल को ज्यादा ह्यूमन सोशल मीडिया एक्सपीरिएंस के तौर पर पेश किया है.

Advertisement

यूट्यूब से कितना अलग है क्लब?

यूट्यूब आज भी दुनिया के सबसे बड़े और पावरफुल कंटेंट क्रिएटर प्लेटफॉर्म्स में शामिल है. यहां कमाई सिर्फ ऐड्स से नहीं होती. क्रिएटर्स को चैनल मेंबरशिप, लाइव के दौरान सुपर चैट और सुपर स्टिकर्स, सुपर थैंक्स, शॉपिंग और यूट्यूब प्रीमियम जैसी सुविधाओं से भी कमाई का मौका मिलता है. भारत में यूट्यूब ने लाइव स्ट्रीम के दौरान फैंस द्वारा भेजे जाने वाले डिजिटल गिफ्ट्स की सुविधा भी शुरू की है.

यह भी पढ़ें: कंटेंट क्रिएटर्स की राह मुश्किल, YouTube का ऐसा नियम जो लोगों को कर रहा परेशान

लेकिन यूट्यूब पर प्लेटफॉर्म से कमाई शुरू करने के लिए पहले तय शर्तें पूरी करनी होती हैं. कुछ कमाई वाली सर्विसेज के लिए कम से कम 500 सब्सक्राइबर के साथ वीडियो और देखने के समय या शॉर्ट्स व्यूज से जुड़ी शर्तें हैं. वहीं ऐड्स से कमाई के लिए आम तौर पर 1,000 सब्सक्राइबर और ज्यादा देखने का समय या शॉर्ट्स व्यूज की जरूरत होती है.

मान लीजिए किसी कंटेंट क्रिएटर के सिर्फ 5,000 बेहद लोएल फॉलोअर्स हैं. उसके वीडियो पर लाखों व्यूज नहीं आते और वह ऐड्स से बहुत ज्यादा कमाई भी नहीं कर पाता. लेकिन अगर उन 5,000 फॉलोअर्स में से 500 लोग हर महीने उसके खास कंटेंट के लिए पैसे देने को तैयार हैं, तो सीधे फैंस से कमाई का मॉडल उसके लिए ज्यादा काम आ सकता है. यानी आसान शब्दों में कहें तो यूट्यूब का बड़ा खेल ज्यादा दर्शकों और ज्यादा व्यूज का है, जबकि क्लब का दांव कम लेकिन पैसे खर्च करने वाले वफादार फैंस पर है.

Advertisement

क्या क्लब में क्रिएटर के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा?

यहां कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है. यूट्यूब अपने फैन-फंडिंग वाले प्रोडक्ट्स से मिलने वाले प्योर रेवेन्यू का 70 प्रतिशत हिस्सा क्रिएटर को देता है. ऐड्स से होने वाली कमाई में क्रिएटर को 55 प्रतिशत हिस्सा मिलता है.

वहीं, क्लब कंटेंट क्रिएटर की कमाई में से 20 प्रतिशत हिस्सा ले सकता है. यानी क्लब पर सीधे फैंस से कमाई का मॉडल आसान और अट्रैक्टिव लग सकता है, लेकिन प्लेटफॉर्म का हिस्सा भी कम नहीं है. यही वजह है कि क्लब की असली परीक्षा आने वाले महीनों में होगी. सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कंटेंट क्रिएटर्स इस ऐप पर आते हैं या नहीं. बड़ा सवाल यह है कि क्या उनके फैंस भी एक नए प्लेटफॉर्म पर जाकर हर महीने पैसे देने के लिए तैयार होंगे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement