AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम तो आपने खूब सुना होगा, लेकिन अब अमेरिका में सरकारी कामकाज में AI की जगह एक नया नाम इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जगह सुपर इंटेलिजेंस यानी SI शब्द इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे जुड़ा एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया है. इसके बाद अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को अपने नए कम्युनिकेशन में AI की जगह सुपर इंटेलिजेंस शब्द इस्तेमाल करने को कहा गया है. आइए जानते हैं ऐसा क्यों किया जा रहा है?
अब सवाल है कि आखिर AI की जगह सुपर इंटेलिजेंस क्यों?
सरकार का कहना है कि AI टेक्नोलॉजी अब काफी तेजी से आगे बढ़ रही है. आज के AI मॉडल सिर्फ सवालों के जवाब देने या टेक्स्ट लिखने तक सीमित नहीं हैं. ये कोडिंग, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कई दूसरे काम भी कर सकते हैं. इसी वजह से अमेरिका अपनी सरकारी भाषा में AI की जगह सुपर इंटेलिजेंस शब्द को बढ़ावा दे रहा है.
नए आदेश का नाम “Inaugurating the Era of Super Intelligence” रखा गया है. इसके तहत सरकारी विभागों और एजेंसियों को अपनी वेबसाइट, रिपोर्ट, पब्लिक कम्युनिकेशन और दूसरे नए दस्तावेजों में AI की जगह SI या सुपर इंटेलिजेंस इस्तेमाल करने को कहा गया है.
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इसका मतलब ये नहीं है कि पुराने सभी सरकारी दस्तावेजों को बदल दिया जाएगा. पुराने रिकॉर्ड, पहले से जारी नियम और पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स को बदलने की जरूरत नहीं होगी. अब एक और जरूरी बात. सुपर इंटेलिजेंस सुनने में काफी बड़ा शब्द लगता है. टेक्नोलॉजी की दुनिया में इसका मतलब आम तौर पर ऐसी इंटेलिजेंस से होता है जो इंसानी कैपेसिटी से आगे निकल जाए.
लेकिन अमेरिका के इस आदेश में फिलहाल इसका इस्तेमाल मौजूदा AI सिस्टम और टेक्नोलॉजी के लिए सरकारी शब्द के तौर पर किया जा रहा है. सरकार आगे चलकर सुपर इंटेलिजेंस की एक आधिकारिक फेडरल डेफिनिशन भी तैयार करेगी.
यानी फिलहाल AI टूल्स जैसे ChatGPT या दूसरे AI प्लेटफॉर्म का नाम नहीं बदला है. बदलाव मुख्य रूप से अमेरिकी सरकार की भाषा और सरकारी कम्युनिकेशन में किया गया है.