scorecardresearch
 

FBI डायरेक्टर काश पटेल का अकाउंट हैक! ईरानी हैकर्स का दावा- लीक किए पर्सनल फोटोज और डॉक्यूमेंट्स

अमेरिका की FBI को दुनिया की सबसे पावरफुल एजेंसियों में से एक माना जाता है. खबर आई है कि ईरानी हैकर ग्रुप ने FBI के डायरेक्टर काश पटेल की ईमेल आईडी हैक कर ली है और पर्सलन और प्रोफेशनल डिटेल्स लीक कर दिए गए हैं.

Advertisement
X
FBI चीप काश पटेल की ये तस्वीर ईरान से जुड़़े हैकिंग ग्रुप ने लीक की हैं!
FBI चीप काश पटेल की ये तस्वीर ईरान से जुड़़े हैकिंग ग्रुप ने लीक की हैं!

मिडिल ईस्ट वॉर फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच खबर आ रही है कि FBI डायरेक्टर काश पटेल का पर्सनल ईमेल अकाउंट हैक कर लिया गया है. बता दें कि FBI यानी फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन अमेरिकी एजेंसी है जिसे दुनिया की सबसे पावरफुल इंटेलिजेंस एजेंसी भी कहा जाता है. 

FBI डायरेक्टर के ईमेल अकाउंट हैक करने का ये दावा ईरान के हैकर ग्रुप ने किया है. लेकिन अब तक इसकी तस्दीक नहीं हो पाई है. इस दावे के बाद अमेरिकी एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू हो गई है. मिडिल ईस्ट की इस महाजंग में साइबर वॉर भी लड़ी जा रही है. 

माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट X पर FBI डायरेक्टर काश पटेल की कई पर्सनल फोटोज शेयर की जा रही हैं. दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें हैक्टिविस्ट ग्रुप Handala Hack ने जारी की हैं. टेलीग्राम और Handala Hack ने अपनी वेबसाइट्स के जरिए काश पटेल के पर्सनल डॉक्यूमेंट्स और फोटोज लीक करने का दावा किया है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हंदाला हैक टीम नाम का एक ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. इसे प्रो फिलिस्तीनी हैकिंग ग्रुप माना जाता है. हैकर्स ने ऑनलाइन कुछ तस्वीरें और ईमेल से जुड़े दस्तावेज भी शेयर किए हैं और दावा किया है कि उन्होंने काश पटेल के पर्सनल मेलबॉक्स तक पहुंच बना ली थी.

Advertisement

रतलअमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) के एक अधिकारी ने भी माना है कि जो डेटा ऑनलाइन सामने आया है, वह असली जैसा दिखता है. इसके बाद से इस साइबर अटैक की गंभीरता और बढ़ गई है.

बताया जा रहा है कि यह ईमेल अकाउंट एक पर्सनल Gmail आईडी थी, जिसमें 2010 से 2019 तक के ईमेल मौजूद थे. इन ईमेल्स में पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह की बातचीत शामिल बताई जा रही है. हालांकि, अब तक FBI की ओर से इस पूरे मामले पर ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है. 

यह भी सामने आया है कि जिस ईमेल आईडी को हैक करने का दावा किया गया है, वह पहले भी कुछ डेटा लीक मामलों में सामने आ चुकी थी. इससे यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुराने डेटा ब्रीच का फायदा उठाकर इस बार हमला किया गया. आम तौर पर हैकर्स पुराने डेटा ब्रीच से डेटा निकाल कर इस तरह के दावे करते हैं और कई बार इस तरह की हैकिंग भी मुमकिन हो जाती है. 

फिलहाल इस साइबर अटैक की खबर से अमेरिकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के प्रमुख से जुड़ा है. ऐसे में नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं.

Advertisement

गौरतलब है कि कुछ सालों में ईरान से जुड़े हैकर्स पर कई बड़े साइबर अटैक के आरोप लगते रहे हैं. अमेरिका के कई अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों को पहले भी इस तरह के साइबर अटैक का निशाना बनाया जा चुका है.

फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस हैकिंग से कितनी सेंसिटिव जानकारी लीक हुई है और इसका असर कितना बड़ा हो सकता है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement