scorecardresearch
 

अमेरिका-चीन अब ह्यूमनॉइड और रोबोटिक डॉग पर भिड़े, US ने लगाया बैन, ये वजह

अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले ह्यूमनॉयड रोबोट, रोबो डॉग के आयात पर बैन लगा दिया है. अमेरिका ने सुरक्षा का हवाला देते हुए इनपर बैन लगाया है. इस बैन का ऐलान मंगलवार को किया है. आइए इनके बारे में जानते हैं.

Advertisement
X
अमेरिका ने चीन के रोबोट पर लगाया बैन. (Photo: AI Generated )
अमेरिका ने चीन के रोबोट पर लगाया बैन. (Photo: AI Generated )

अमेरिका ने चीन को एक बड़ा झटका दिया है. अब अमेरिका ने चीन से इंपोर्ट किए जाने वाला ह्यूमनॉइड और रोबोटिक डॉग पर बैन लगा दिया है. साथ ही चीन से आने वाले इन्वर्टर को भी बैन कर दिया है. ये जानकारी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दी है. 

फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने चीन से आने वाले नए ह्यूमनॉइड (मानव जैसे) और चारों पैरों पर चलाने वाले रोबोट के इंपोर्ट पर पूरी तरह से बैन कर दिया है. FCC ने चीन में तैयार किए गए पावर इन्वर्टर मॉडल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

चीन के रोबोट और रोबो डॉग पर बैन लगाने के पीछे की मुख्य वजह राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया है. FCC इस बैन की मदद से जोखिमों को कम करना चाहती है. महत्वपूर्ण उद्योगों के निर्माण को अमेरिका में बढ़ावा देना है. 

ट्रंप सरकार ने मंगलवार को इन नए बैन का ऐलान किया, जिसका मकसद चीन से आने वाले नए रोबोट और पावर इन्वर्टर के आयात को रोकना है. इससे अमेरिका में डेवलप हो रहे AI इंफ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधित खतरों से सुरक्षित रखा जा सके.

Advertisement

जिस इन्वर्टर पर रोक लगाई वो क्या करता है? 

FCC के आदेश के तहत चीन से आने वाले नए ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट के अलावा कनेक्टेड पावर इन्वर्टर पर भी रोक लगाई है. ये इन्वर्टर सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, बैटरियों, पावर ग्रिड और डेटा सेंटर उपकरणों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं. 

यह भी पढ़ें: घर में घूम-घूम कर सफाई कर रहे ये रोबोट, इतनी है कीमत

रोबोट और इन्वर्टर से क्या हैं खतरें 

  • डेटा चोरी का खतरा : ह्यूमनॉइड और रोबोटिक डॉग्स में कैमरे, माइक्रोफोन, GPS और कई सेंसर लगे होते हैं. इन्हें हैक करके सेंसटिव डिटेल्स को चोरी किया जा सकता है. 
  • साइबर अटैक का खतरा: इंटरनेट से कनेक्ट रहने वाले रोबोट और पावर इन्वर्टर किसी नेटवर्क में एंट्री करने का रास्ता बन सकते हैं. 
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर: पावर इन्वर्टर बिजली ग्रिड, सोलर सिस्टम और डेटा सेंटर से जुड़े होते हैं. इनमें खामी पाई गई तो ये बिजली आपूर्ति या डेटा सेंटर के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं. 
  • रिमोटली कंट्रोल का खतरा: डिवाइस पर मैन्युफैक्चरर या हैकर द्वारा कंट्रोल कर लिया जाता है तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है. 
  • सप्लाई चेन जोखिम: अगर एक देश पर ज्यादा निर्भरता हो और तनाव बढ़ जाए, तो जरूरी उपकरणों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. 

ट्रंप का मकसद, संभावित खतरों से बचाव करना है

Advertisement

ट्रंप प्रशासन के ये कदम दिखाते हैं कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सप्लाई चेन में चीन से संभावित खतरों, डेटा चोरी और साइबर हमलों के खतरे से बचाना चाहता है. साथ ही कंपनियों को अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस अमेरिका में ट्रांसफर करने के लिए कहा जा रहा है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement