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हवा में कलाबाजी और पैरों का कमाल... भारतीय टीम की सेपक टकरा में नई उड़ान, किंग्स कप में जीता ब्रॉन्ज मेडल

भारतीय सेपक टकरा के लिए मार्च 2025 भी यादगार रहा था. पटना में आयोजित इंटरनेशनल सेपक टकरॉ फेडरेशन वर्ल्ड कप में भारत ने मेंस रेगु का अपना पहला गोल्ड मेडल हासिल किया था. अब अगला बड़ा लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स है.

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भारत की सेपक टकरा टीम का शानदार प्रदर्शन. (Photo: Screengrab/YouTube)
भारत की सेपक टकरा टीम का शानदार प्रदर्शन. (Photo: Screengrab/YouTube)

भारत ने थाईलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित किंग्स कप सेपक टकरा चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है. मेंस क्वाड्रेंट इवेंट में भारतीय टीम सेमीफाइनल तक पहुंची, जहां मेजबान थाईलैंड के खिलाफ तीन सेट तक चले मुकाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा. हालांकि अंतिम चार में पहुंचने के साथ ही भारत का ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो गया था.

2026 एशियन गेम्स से पहले यह नतीजा भारतीय टीम के लिए अहम है. पिछले कुछ समय में भारत ने सेपक टकरा में इंटरनेशनल स्तर पर कई बड़े नतीजे हासिल किए हैं और अब किंग्स कप का मेडल भी इस सूची में जुड़ गया है.

सेमीफाइनल में भारत ने मजबूत शुरुआत करते हुए पहला सेट 15-9 से अपने नाम किया. मेजबान टीम पर शुरुआती दबाव बनाने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी इस बढ़त को बरकरार नहीं रख सके. थाईलैंड ने दूसरे सेट में अपना खेल बदला और 15-9 से जीत दर्ज कर स्कोर बराबर कर दिया. निर्णायक सेट भी इसी अंतर से मेजबान टीम के नाम रहा. भारत 15-9, 9-15, 9-15 से मुकाबला हारकर फाइनल की रेस से बाहर हो गया. मेडल जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ.

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क्या है सेपक टकरा?
भारत में क्रिकेट, फुटबॉल या बैडमिंटन के मुकाबले सेपक टकरा की लोकप्रियता कम है, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया में इसका बड़ा आधार है. थाईलैंड और मलेशिया इस खेल की पारंपरिक ताकतों में गिने जाते हैं. यह खेल वॉलीबॉल और फुटबॉल का अनोखा मिश्रण नजर आता है. खिलाड़ी अपने पैरों, सिर और घुटनों की मदद से गेंद को नेट के पार पहुंचाते हैं. हाथों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती. इसकी तेज रफ्तार के साथ हवा में उछलकर लगाए जाने वाले किक इसे काफी रोमांचक बनाते हैं. रेगु फॉर्मेट में एक टीम की तरफ से तीन खिलाड़ी कोर्ट पर होते हैं, जबकि क्वाड्रेंट में चार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.

किंग्स कप इस खेल के प्रमुख इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में से एक है. इसकी शुरुआत 1985 में बैंकॉक में हुई थी. पहले संस्करण का खिताब मलेशिया ने अपने नाम किया था और उसने 1988 में दोबारा ट्रॉफी जीती. इसके बाद थाईलैंड ने प्रतियोगिता में अपना दबदबा स्थापित किया. दुनिया की मजबूत टीमों की मौजूदगी के कारण यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराता है.

जापान को हरा भारत बना था एशियाई चैम्पियन
भारतीय टीम इसी साल एक बड़ी ट्रॉफी भी जीत चुकी है. मई में जापान के नागोया में आयोजित एशिया सेपक टकरा चैम्पियनशिप 2026 के मेंस क्वाड्रेंट फाइनल में भारत ने मेजबान जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था. उस प्रतियोगिता में भारत का सफर खास रहा था. ग्रुप-B में मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराने के बाद टीम ने सेमीफाइनल में मजबूत थाईलैंड को सीधे सेटों में शिकस्त दी थी.

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