फ्रांस फुटबॉल में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है. महान फुटबॉलर जिनेदिन जिदान को फ्रांस की राष्ट्रीय टीम (ले ब्लू) का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद सबसे भावुक प्रतिक्रिया टीम के कप्तान कीलियन एम्बाप्पे की आई. उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिर्फ दो शब्द लिखे- 'Bienvenue chez toi" (वेलकम होम). यह छोटा-सा संदेश फ्रांसीसी फुटबॉल के भविष्य की बड़ी कहानी बयां कर गया.
बचपन के हीरो, अब होंगे कोच
एम्बाप्पे ने कभी नहीं छिपाया कि जिदान उनके बचपन के सबसे बड़े आदर्श रहे है. पेरिस के बॉन्डी में बड़े होते हुए उन्होंने जिदान को देखकर फुटबॉल खेलना सीखा. किशोर उम्र में जब एम्बाप्पे पहली बार रियल मैड्रिड के ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे थे, तब जिदान भी इस मुलाकात का हिस्सा थे.
साल 2024 में जब एम्बाप्पे आखिरकार रियल मैड्रिड से जुड़े, तब सैंटियागो बर्नाबेउ में उनके आधिकारिक स्वागत समारोह में भी जिदान मौजूद थे. अब वही रिश्ता फ्रांस की राष्ट्रीय टीम में कोच और कप्तान के रूप में नया अध्याय लिखने जा रहा है.
🇫🇷 ZINEDINE ZIDANE EST OFFICIELLEMENT LE NOUVEAU SÉLECTIONNEUR DES BLEUS
— Said Amdaa (@SaidAmdaa) July 28, 2026
IL EST LÀ 💎 pic.twitter.com/1hrJ64LY1U
एम्बाप्पे ही रहेंगे कप्तान!
फ्रांसीसी अखबार Le Parisien की रिपोर्ट के मुताबिक, जिदान के कार्यकाल में भी एम्बाप्पे ही टीम के कप्तान बने रहेंगे. मार्च 2023 में ह्यूगो लोरिस के संन्यास के बाद तत्कालीन कोच डिडिएर डेशां ने उन्हें कप्तानी सौंपी थी.
हालांकि, जिदान ने अपने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तानी पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की. उन्होंने कहा कि अभी खिलाड़ियों से उनकी बातचीत नहीं हुई है. लंबा क्लब सीजन और विश्व कप खेलने के बाद खिलाड़ियों को आराम की जरूरत है. सितंबर में टीम के दोबारा जुटने पर सभी खिलाड़ियों से विस्तार से चर्चा होगी.
विश्व कप में चमके, लेकिन ट्रॉफी नहीं दिला सके
जिदान के कार्यकाल की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है, जब एम्बाप्पे अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं. 27 साल के स्टार स्ट्राइकर फ्रांस के लिए 66 गोल कर चुके हैं और देश के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं.
2026 फीफा विश्व कप में भी एम्बाप्पे ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 10 गोल दागकर टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर का सम्मान हासिल किया. हालांकि उनकी शानदार फॉर्म भी फ्रांस को खिताब नहीं दिला सकी. टीम चौथे स्थान पर रही और इसके साथ ही डिडिएर डेशां के 14 साल लंबे सफल कार्यकाल का अंत हो गया.

डेशां के बाद अब जिदान की बारी
डिडिएर डेशां फ्रांस के सबसे सफल कोचों में गिने जाते हैं. उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 फीफा विश्व कप, 2021 यूईएफए नेशंस लीग जीती, जबकि यूरो 2016 और 2022 विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंचा.
अब जिम्मेदारी जिदान के कंधों पर है, जो 2021 में रियल मैड्रिड छोड़ने के बाद पिछले पांच वर्षों से कोचिंग से दूर थे. फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के साथ यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कोचिंग अभियान होगा.
25 सितंबर से होगी नई शुरुआत
जिदान का पहला मुकाबला 25 सितंबर को तुर्किये के खिलाफ यूईएफए नेशंस लीग में होगा. यह मैच सिर्फ फ्रांस के नए कोच का डेब्यू नहीं होगा, बल्कि एम्बाप्पे और उनके बचपन के आदर्श जिदान की साझेदारी का भी पहला आधिकारिक अध्याय होगा.
एम्बाप्पे के दो शब्द- 'वेलकम होम'...साफ संकेत हैं कि फ्रांस का कप्तान इस नए युग का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि खिलाड़ी और कोच की यह जोड़ी फ्रांस को एक बार फिर विश्व फुटबॉल की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचा पाती है या नहीं.