क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आखिरकार पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से अचानक बाहर निकलने के पीछे की पूरी कहानी दुनिया के सामने रख दी है. पुर्तगाल के कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर ने करीब 2,000 शब्दों के लंबे बयान में कोच जॉर्ज जीसस के साथ हुए विवाद, टूटे वादों, कैंप छोड़ने के फैसले और अपने भविष्य को लेकर खुलकर बात की.
रोनाल्डो ने साफ किया कि वह पुर्तगाल के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं और अगर उन पर कोई प्रतिबंध लगाया जाता है तो उसे स्वीकार करने के लिए भी तैयार हैं.
रोनाल्डो के अनुसार, इस मतभेद की जड़ें 2026 वर्ल्ड कप के बाद के समय से जुड़ी हैं. उन्होंने बताया कि पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट ने उनसे नेशनल टीम छोड़ने के फैसले पर फिर से सोचने को कहा और बताया कि फेडरेशन चाहता है कि वह खेलते रहें. इसके बाद रोनाल्डो से मौजूदा कोच की नियुक्ति के बारे में उनकी राय पूछी गई.
रोनाल्डो ने कहा कि वह उस नियुक्ति के पक्ष में थे और कोच के नाम की घोषणा होने पर उन्हें खुशी भी हुई थी. बाद में दोनों की आमने-सामने मुलाकात हुई, जिसमें रोनाल्डो ने बताया कि उन्होंने नेशनल टीम में अपनी भूमिका पर चर्चा की और उनके खेलने के समय को मैनेज करने के लिए एक प्लान पर सहमति बनी. रोनाल्डो के अनुसार, यह मुख्य रूप से फिटनेस को ध्यान में रखकर बनाई गई थी.
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हालांकि, बाद में एक प्रस्ताव आया कि रोनाल्डो नॉर्वे और डेनमार्क जाने वाली टीम के साथ न जाकर पुर्तगाल में ही रुकें, लेकिन कप्तान ने इसे तुरंत ठुकरा दिया. रोनाल्डो का कहना था कि उन्हें लगा कि टीम का कप्तान रहते हुए पीछे रुकने से गलत संदेश जाएगा.
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत पुर्तगाल के नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले से हुई. रोनाल्डो को इस मैच में शुरुआती प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी. वह मैच के दौरान वॉर्मअप करते रहे, लेकिन अंत तक उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला.
रोनाल्डो के मुताबिक, इससे पहले कोच जॉर्ज जीसस के साथ उनकी फिटनेस और मैचों में खेलने को लेकर एक योजना बनी थी. जीसस ने उनसे कहा था कि फिटनेस को ध्यान में रखते हुए वह कुछ मुकाबलों में आराम कर सकते हैं. रोनाल्डो का दावा है कि बाद में कोच ने उनसे कहा कि वह नॉर्वे के खिलाफ करीब 30 मिनट खेलेंगे.
रोनाल्डो ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और दूसरे हाफ में वॉर्मअप भी किया. लेकिन अंत में उन्हें मैदान पर नहीं उतारा गया. रोनाल्डो के मुताबिक, यहीं से उनका भरोसा टूट गया. उन्होंने कहा कि कोच ने उनसे किया अपना वादा पूरा नहीं किया.
'कोच ने दूसरी बार अपना वादा तोड़ा'
रोनाल्डो ने बताया कि नॉर्वे मैच के बाद उनकी जॉर्ज जीसस से बातचीत हुई. उनके मुताबिक, दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि कोच अगले प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले को स्पष्ट करेंगे.
रोनाल्डो का दावा है कि इस बातचीत में कुछ बातों पर सहमति बनी थी. इनमें यह भी शामिल था कि उन्होंने कभी खेलने की मांग नहीं की थी और उन्होंने कोच के फैसलों का सम्मान किया था.
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लेकिन रोनाल्डो के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीसस ने वैसा नहीं कहा जैसा उनके बीच तय हुआ था. उन्होंने इसे कोच की तरफ से अपना दूसरा वादा तोड़ना बताया. इसके बाद रोनाल्डो ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ने का फैसला किया.
उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनके लिए रिश्तों में सबसे महत्वपूर्ण चीज भरोसा और सच है. जब उन्हें लगा कि दोबारा वादा टूट सकता है तो उन्होंने टीम के साथ बने रहने के बजाय कैंप छोड़ना बेहतर समझा.
'मैंने कभी कोच के फैसलों में दखल नहीं दिया'
रोनाल्डो ने अपने लंबे इंटरनेशनल करियर का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 25 साल के करियर में कभी किसी कोच के तकनीकी या रणनीतिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं किया.
उनका कहना है कि वह कोच के फैसले को स्वीकार करते हैं, चाहे वह उनके पक्ष में हो या नहीं. लेकिन अगर उनके साथ किया गया वादा पूरा नहीं किया जाता, तो उन्हें लगता है कि उस स्थिति में उनका वहां रहना सही नहीं है.
रोनाल्डो ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उन्हें हर मैच में खिलाया जाए. उनका विवाद खेलने के समय से ज्यादा भरोसे और उनके साथ हुई बातचीत से जुड़ा था.
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कैंप छोड़ने पर मांगी माफी
हालांकि रोनाल्डो ने अपने फैसले का बचाव भी किया, लेकिन उन्होंने पुर्तगाल की टीम और फैन्स से माफी भी मांगी. उन्होंने स्वीकार किया कि कप्तान होने के नाते उनकी जिम्मेदारी ज्यादा थी और उन्हें कैंप छोड़कर नहीं जाना चाहिए था.
रोनाल्डो ने कहा कि उनके इस कदम की पूरी जिम्मेदारी उनकी है और पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन को इस मामले में जो सजा उचित लगे, वह देनी चाहिए.
खास बात यह है कि रोनाल्डो ने किसी तरह की मांग नहीं की. उन्होंने कहा कि वह कप्तान हैं और इसलिए उनके ऊपर ज्यादा जिम्मेदारी है. उनके मुताबिक, फुटबॉल में नियम सभी के लिए समान होने चाहिए.
क्या रोनाल्डो पुर्तगाल से संन्यास लेंगे?
रोनाल्डो ने अपने बयान से इस सवाल का जवाब भी दे दिया है. उन्होंने साफ कर दिया कि वह अभी पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास नहीं ले रहे हैं. रोनाल्डो के मुताबिक, अगर वह शारीरिक रूप से फिट रहते हैं, अल-नस्र के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं और सजा पूरी कर लेते हैं, तो वह पुर्तगाल के लिए खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे.
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'विदाई मैच बाद में, अभी मैं जीतना चाहता हूं'
रोनाल्डो ने अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी बातें सुनी हैं कि अब उन्हें एक सम्मानजनक विदाई दी जानी चाहिए और पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन उन्हें ऐसा मौका देना चाहता है.
लेकिन रोनाल्डो का कहना है कि अभी उनका ध्यान विदाई पर नहीं बल्कि खेलने पर है. उन्होंने संकेत दिया कि विदाई मैचों का समय बाद में आएगा, लेकिन फिलहाल वह पुर्तगाल के लिए खेलना और जीतना चाहते हैं. यह बयान बताता है कि 41 साल की उम्र में भी रोनाल्डो की नजर इंटरनेशनल फुटबॉल से तुरंत विदा लेने पर नहीं है.
पिता की मौत का भी किया जिक्र
रोनाल्डो ने अपने बयान में अपने पिता की मौत से जुड़ी भावुक घटना का भी जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि पिता के निधन की खबर मिलने के बावजूद उन्होंने उस समय पुर्तगाल के कैंप में रहने और अगले दिन मैच पूरा करने का फैसला किया था.
रोनाल्डो ने इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय टीम के प्रति उनकी भावना कितनी गहरी रही है. उनका कहना है कि देश के लिए उन्होंने कई बार निजी भावनाओं से ऊपर उठकर जिम्मेदारी निभाई है.
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अब आगे क्या होगा?
रोनाल्डो के बयान के बाद विवाद का अगला मौड़ पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन के फैसले पर निर्भर करेगा. रोनाल्डो खुद कह चुके हैं कि उन्हें लगता है कि उनके कैंप छोड़ने की कार्रवाई पर सजा होनी चाहिए.
दूसरी तरफ, जॉर्ज जीसस ने पहले रोनाल्डो के बताए समझौते से इनकार किया था. ऐसे में दोनों पक्षों के बयानों में अंतर अभी भी बना हुआ है. लेकिन एक बात रोनाल्डो ने बिल्कुल साफ कर दी है, कि वह अभी पुर्तगाल की जर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं.
रोनाल्डो के समर्थन में उतरे युवराज सिंह
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के भावुक पोस्ट पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह ने भी कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है. युवराज ने रोनाल्डो का समर्थन करते हुए लिखा कि करियर के आखिरी दौर में अक्सर लोग सामने से सच नहीं बताते और उन्होंने रोनाल्डो के दर्द को महसूस करने की बात कही. युवराज ने आगे रोनाल्डोको 'ऑल टाइम ग्रेटेस्ट' बताते हुए उन्हें सम्मान देने की बात कही और लिखा कि देश हमेशा पहली प्राथमिकता होना चाहिए.