अजीत अगरकर के भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर पद से हटने के बाद अब उनके लिए विदाई संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया है. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने अगरकर के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए उनके लिए भावुक पोस्ट लिखी है. गंभीर ने अगरकर की सबसे बड़ी ताकत उनके फैसलों से ज्यादा उनकी सोच को बताया और कहा कि इतिहास उनके साथ ज्यादा नरमी बरतेगा.
गंभीर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'डियर अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही. वो तीन ICC ट्रॉफियां आपके उस विश्वास की गवाही हैं, जिसमें टीम हमेशा पहले रही और टीम को हमेशा आगे रखा गया. मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके साथ ज्यादा नरमी बरतेगा. हर चीज के लिए आपका शुक्रिया. आपके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं.'
गंभीर का यह संदेश इसलिए भी खास है क्योंकि अगरकर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट ने तीन बड़ी ICC ट्रॉफियां अपने नाम कीं. गंभीर ने इन सफलताओं को सिर्फ ट्रॉफियों की गिनती नहीं माना, बल्कि अगरकर के उस विश्वास का नतीजा बताया जिसमें व्यक्तिगत हित से ऊपर टीम को रखा गया.
Dear Ajit Bhai, an absolute honour to work with you. Those 3 ICC trophies are testimony of your conviction: Team first & Team ahead, always.. I must say, History will be kinder to you. Thank you for everything. My heartfelt wishes for your future endeavours !! https://t.co/gYQN0fea8X
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) October 7, 2026
‘इतिहास आपके साथ ज्यादा नरमी बरतेगा’
गंभीर के पोस्ट की सबसे चर्चित लाइन रही- 'History will be kinder to you.' यानी इतिहास आपके बारे में ज्यादा उदारता से फैसला करेगा.
यह एक सामान्य विदाई संदेश से कहीं आगे की बात है. अगरकर के कार्यकाल में टीम चयन को लेकर कई बार बहस हुई, कुछ फैसलों पर सवाल भी उठे और कुछ खिलाड़ियों के चयन या बाहर होने को लेकर चर्चा हुई. लेकिन गंभीर का मानना है कि समय बीतने के साथ अगरकर के फैसलों को उनके नतीजों के आईने में देखा जाएगा.
और उस आईने में तस्वीर बेहद मजबूत है.
तीन ICC ट्रॉफियां इस बात की गवाही देती हैं कि अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की. गंभीर ने भी अपने संदेश में सबसे पहले इसी उपलब्धि को रखा.
सिर्फ ‘धन्यवाद’ नहीं, फैसलों पर मुहर भी
गंभीर ने अगरकर को सिर्फ धन्यवाद देकर विदा नहीं किया. उन्होंने उनके काम करने के तरीके को भी सार्वजनिक तौर पर सम्मान दिया.
'Team first & Team ahead, always' लिखकर गंभीर ने साफ किया कि उनके मुताबिक अगरकर के फैसलों के केंद्र में खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम रही. चयनकर्ता के पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इससे बड़ी प्रशंसा शायद ही कोई हो सकती है.
आखिरकार चीफ सेलेक्टर का काम लोकप्रिय फैसले करना नहीं, बल्कि टीम के लिए सही फैसले करना होता है. कई बार इसका मतलब ऐसे खिलाड़ियों को बाहर रखना भी होता है जिन्हें प्रशंसक टीम में देखना चाहते हैं. अगरकर के कार्यकाल को गंभीर ने इसी कसौटी पर देखने का संकेत दिया है.
गंभीर-अगरकर की जोड़ी का अंत
अगरकर और गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण दौर साथ देखा. दोनों की सोच में आक्रामकता और टीम को प्राथमिकता देने की बात अक्सर नजर आई. मैदान के बाहर भी दोनों की भूमिका अलग-अलग होते हुए टीम के फैसलों से जुड़ी रही.
अब अगरकर के जाने के साथ इस जोड़ी का एक अध्याय खत्म हो गया है.
गंभीर ने अपने संदेश के आखिर में लिखा, 'Thank you for everything. My heartfelt wishes for your future endeavours.'
यानी धन्यवाद भी, सम्मान भी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी. लेकिन इस पूरे संदेश में सबसे ज्यादा वजन उस एक लाइन का है- 'History will be kinder to you.'
... क्योंकि क्रिकेट में किसी चयनकर्ता के फैसले का फैसला अक्सर उसी वक्त नहीं होता. कुछ फैसलों की कीमत तुरंत दिखती है, कुछ का फायदा महीनों या सालों बाद समझ आता है. अगरकर के मामले में गंभीर का संदेश यही कहता नजर आया कि अब फैसला वक्त को करने दीजिए. और वक्त के खाते में अगर तीन ICC ट्रॉफियां दर्ज हों, तो बचाव के लिए इससे बड़ा तर्क भी क्या होगा.
अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म
अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्यकाल मंगलवार को औपचारिक रूप से खत्म हो गया. BCCI ने पुरुष चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन मंगाए हैं. अगरकर ने 2023 में चीफ सेलेक्टर का पद संभाला था. उनका कार्यकाल पिछले सप्ताह खत्म हो गया और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने इसके आगे विस्तार की मांग नहीं की.
BCCI ने पुरुष चयन समिति में खाली हुए एक पद के लिए आवेदन मंगाए हैं. इसके साथ ही अजीत अगरकर की जगह नए चीफ सेलेक्टर के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब चयन समिति में उनकी जगह कौन लेगा, इस पर नजरें टिक गई हैं. फिलहाल प्रज्ञान ओझा अंतरिम चीफ सेलेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं.
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने बड़े टूर्नामेंटों में लगातार सफलता हासिल की. भारत ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला, जबकि इसके बाद 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. यानी अगरकर के चयन समिति प्रमुख रहते टीम इंडिया ने तीन ICC ट्रॉफियां जीतीं और एक वर्ल्ड कप फाइनल भी खेला.