पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भले ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में खिलाड़ी के तौर पर नहीं खेल रहे, लेकिन वे दर्शकों के पसंदीदा खिलाड़ी बने हुए हैं. उवराज सिंह ने खेल के सभी प्रारूपों में खेला है. वे एक ऑलराउंडर थे, जो मध्य क्रम में बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे और धीमी गति से बाएं हाथ से गेंदबाजी करते थे. उन्होंने वन डे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट में 7 प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार जीते हैं, जो कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ संयुक्त रूप से तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है. वह पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और अभिनेता योगराज सिंह के बेटे हैं.
2011 में, युवराज को उनके बाएं फेफड़े में कैंसर के ट्यूमर का पता चला था. उनका उपचार बोस्टन में कराया गया. इंडियानापोलिस में कीमोथेरेपी कराया गया. मार्च 2012 में, कीमोथेरेपी के तीसरे और अंतिम चक्र को पूरा करने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अप्रैल में भारत लौट आए. उन्होंने 2012 विश्व ट्वेंटी से कुछ समय पहले सितंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्वेंटी मैच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की.
2012 में, युवराज को भारत सरकार ने भारत के दूसरे सबसे बड़े खेल पुरस्कार अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया. 2014 में, उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ था. उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की. उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय के डीएवी कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री पूरी की.
उन्होंने 'मेहंदी सगना दी' और 'पुत्त सरदारा' में बाल कलाकार के रूप में दो छोटी भूमिकाएं भी की है.
12 नवंबर 2015 को, युवराज ने ब्रिटिश अभिनेत्री हेजल कीच से सगाई की और 30 नवंबर 2016 को शादी की. उनके एक बेटा और बेटी है.
अपने पिता योगराज सिंह के पेरेंटिंग के तरीके की आलोचना करने के बाद, बॉलीवुड एक्ट्रेस हेजल के पति और पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने हाल ही में पिता बनने और अपने खुद के पेरेंटिंग के तरीके के बारे में खुलकर बात की.
भारतीय क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. टीम इंडिया के लिए अंडर-19 लेवल पर खेल चुके क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह का 36 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने 6 मई को चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली. फिलहाल उनके निधन के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है.
टीम इंडिया के अंडर-19 और पंजाब के तेज गेंदबाज अमनप्रीत सिंह गिल का 36 साल की उम्र में निधन हो गया. वह विराट कोहली के अंडर-19 साथी रह चुके थे और IPL 2008 में किंग्स इलेवन पंजाब का हिस्सा भी थे. उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है. विराट कोहली और युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी.
ऋषभ पंत ने IPL 2026 से पहले मार्गदर्शन के लिए युवराज सिंह को धन्यवाद देते हुए उन्हें गोल्फ क्लब गिफ्ट किया. युवराज ने वीडियो शेयर कर शुभमन गिल समेत अन्य खिलाड़ियों को मजाक में 'शर्म करो' कहा. हालांकि, पंत का प्रदर्शन इस सीजन में साधारण रहा है और उनकी टीम प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर है.
यासीन करीब 10 साल साए की तरह की शाहरुख के साथ रहे. किंग खान जहां भी जाते यासीन सुरक्षा कवच बनकर उनके साथ नजर आते.
शाहरुख खान के पूर्व बॉडीगार्ड यासीन खान ने बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के कई रहस्यों का खुलासा किया है. यासीन ने एम एस धोनी, युवराज सिंह, विराट कोहली जैसे क्रिकेटर्स के साथ काम करने का भी अनुभव शेयर किया है.
2007 टी20 वर्ल्ड कप में छह छक्कों की ऐतिहासिक पारी से सुर्खियों में आए युवराज सिंह ने सालों बाद उस घटना का भावनात्मक पहलू साझा किया. उन्होंने बताया कि स्टुअर्ट ब्रॉड ने गुस्से में उनकी साइन की हुई जर्सी कूड़ेदान में फेंक दी थी, लेकिन युवराज ने इसे पूरी तरह 'स्वीकार्य' बताया.
ईशान किशन पिछले सात वर्षों से एक फ्रेंचाइज टीम के लिए खेल रहे हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. वे टीम के कप्तान भी हैं लेकिन उनसे कप्तानी के साथ वाइस कप्तानी का कोई विकल्प नहीं मिला है. इस स्थिति में ईशान किशन के मन में फ्रेंचाइज क्रिकेट खेलने को लेकर किस प्रकार की मानसिकता होगी, यह सवाल महत्वपूर्ण है.
रोहित शर्मा को सबसे बेहतरीन ओपनर माना जाता है जो अपनी व्यापक गेंदबाजी से खेल में विशिष्टता रखते हैं. वह टी20 विश्व कप चैंपियंस ट्रॉफी के विजेता कप्तान भी रह चुके हैं. उनके नेतृत्व और खेल कौशल ने टीम को कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाई है. उनकी बल्लेबाजी शैली और कप्तानी के कारण उन्हें खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की ओर से गहरा सम्मान मिला है.
विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को मजबूती दी है. पिछले डेढ़ साल में दूसरी पंक्ति के खिलाड़ी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं और वनडे मैचों की संख्या कम होने के कारण तैयारी की गुणवत्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है. कोच और टीम मैनेजमेंट उन 20 खिलाड़ियों पर नजर रख रहे हैं जो आगामी विश्व कप के लिए तैयार किए जाएंगे.
मेरी संजू से बातचीत 2024 में हुई थी जब इंडिया अमेरिका में वर्ल्ड कप जीता था. उस बारबडोस के फाइनल में संजू खेल नहीं रहे थे लेकिन मैं उनकी बैटिंग आईपीएल में देख रहा था. मैंने उनसे उस वक्त कहा था कि जब मौका मिलेगा तो बात करेंगे। मेरी मुख्य बात थी कि संजू को अपने फुटवर्क में सुधार करना होगा. अगर फुटवर्क बेहतर नहीं होगा तो वह लगातार मुश्किल में पड़ेंगे.
आजतक से खास बातचीत में पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने खुलकर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा के बीच युवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया. साथ ही अभिषेक शर्मा को SRH की कप्तानी नहीं मिलने पर भी बयान दिया. देखें एक्सक्लूसिव इंटरव्यू.
अभिषेक शर्मा को कप्तानी नहीं मिलने पर उनके मेंटर युवराज सिंह ने खुलकर नाराजगी जताई है. उनका मानना है कि लंबे समय से टीम के लिए प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को नजरअंदाज करना उसके आत्मविश्वास और मानसिकता पर असर डाल सकता है.
रोहित शर्मा और विराट कोहली टेस्ट के साथ-साथ टी20 इंटंरनेशनल को भी अलविदा कह चुके हैं. ये दोनों दिग्गज केवल वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं. दोनों की निगाहें क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 पर हैं, जो साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होना है.
भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा के बीच युवराज सिंह ने साफतौर पर कहा कि टीम मैनेजमेंट को इन दोनों दिग्गजों के रोल को लेकर स्पष्टता देनी चाहिए.युवराज ने कहा कि इतने बड़े खिलाड़ियों को इस तरह अंधेरे में रखना सही नहीं है.
IPL टीम सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी को लेकर उठे विवाद पर भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने अपने 'चेले' अभिषेक शर्मा को कप्तानी ना दिए जाने पर निराशा जताई है.
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने पंजाब के 18 वर्षीय बल्लेबाज राहुल कुमार को भविष्य का स्टार बताया है. उन्होंने कहा कि राहुल में वैभव सूर्यवंशी जैसा एक्स फैक्टर है और वे अगले एक साल तक उन्हें बड़े टूर्नामेंट्स के लिए तैयार करेंगे. राहुल ने अंडर-19 और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से पहले ही अपनी प्रतिभा साबित की है.
युवराज सिंह ने कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी से माफी मांगी है. यह माफी युवराज के पिता योगराज सिंह द्वारा वर्षों से दिए जा रहे विवादित बयानों को लेकर आई है. दरअसल, योगराज सिंह लंबे समय से पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने युवराज को भारतीय टीम से बाहर कराया.
युवराज सिंह उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे, जिसने टी20 वर्ल्ड कप 2007 और क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 अपने नाम किया था. युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी की मैदान पर बॉन्डिंग शानदार रही. हालांकि युवराज के पिता योगराज सिंह अक्सर धोनी से खफा रहते हैं.
2 अप्रैल 2011 को क्रिकेट की दुनिया में भारत ने एक ऐतिहासिक पल देखा, जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 28 साल बाद अपना दूसरा वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता.
युवराज सिंह के पिता योगराज ने खिलाड़ियों की पत्नियों को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे वो आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं.योगराज सिंह ने कहा कि अक्सर घर की महिलाएं, पत्नियां आपको समझाने लगती हैं कि अब रिटायर हो जाओ, परिवार और बच्चों पर ध्यान दो.