भारतीय क्रिकेट टीम की सेलेक्शन कमेटी में अजीत अगरकर की जगह लेने वाले पांचवें सेलेक्टर का इंटरव्यू गुरुवार को पूरा हो गया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) जल्द ही इस पद पर नियुक्ति का फैसला ले सकती है.
इसी बीच इंटरव्यू के दौरान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और वैभव सूर्यवंशी को T20I प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिलने जैसे अहम मुद्दों पर उम्मीदवारों से सवाल पूछे गए.
'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमेश पोवार और सलिल अंकोला इस पद की दौड़ में शामिल हैं. वहीं वसमीम जाफर ने भी इसके लिए आवेदन किया है. पोवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं, जबकि अंकोला के नाम 1 टेस्ट और 20 वनडे हैं. CAC में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल हैं. इन्हीं ने उम्मीदवारों से रोहित के वनडे भविष्य पर उनकी राय जानी.
रोहित शर्मा के 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर सवाल
रोहित शर्मा के 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने की संभावनाएं चर्चा का अहम विषय रहीं. अगरकर को रोहित की अगले वर्ल्ड कप तक खेलने की क्षमता को लेकर कुछ आशंकाएं थीं. यह मुद्दा BCCI के साथ उनके मतभेद की वजह बना. शानदार रिकॉर्ड के बावजूद अगरकर को कार्यकाल में विस्तार नहीं मिला. उनकी अध्यक्षता में भारत ने तीन ICC व्हाइट-बॉल ट्रॉफी जीतीं- 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप.
शुक्रवार को सेलेक्टर्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे फेज के लिए यशस्वी जायसवाल को भी टीम में नहीं चुना, जबकि उस फेज में शुभमन गिल उपलब्ध नहीं होंगे. इससे जायसवाल को आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी का मौका मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले को वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए रोहित को लेकर सेलेक्टर्स की बदली हुई सोच के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.
वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं मिल रहा?
इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी सवाल पूछे गए. प्रतिभा और टीम में लगातार मौजूदगी के बावजूद उन्हें भारतीय T20 टीम की प्लेइंग 11 में जगह क्यों नहीं मिल रही है, उम्मीदवारों से इस पर उनकी राय मांगी गई. इंटरव्यू लेने वाले यह समझना चाहते थे कि नए सेलेक्टर्स वैभव के चयन को लेकर
किस तरह का नजरिया अपनाएंगे.
उम्मीदवारों के सामने एक काल्पनिक स्थिति भी रखी गई. उनसे पूछा गया कि अगर शुभमन गिल चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं, तो उनके पास वैकल्पिक कप्तान के तौर पर कौन-कौन से विकल्प होंगे.
प्रज्ञान ओझा के पूर्णकालिक चीफ सेलेक्टर बनने की संभावना
ऑनलाइन इंटरव्यू की प्रक्रिया विस्तृत रही, लेकिन फाइनल सेलेक्शन BCCI की चीफ सेलेक्टर को लेकर पसंद पर भी निर्भर करेगा. BCCI के संविधान के मुताबिक, चुने गए पांच सदस्यों में सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाला खिलाड़ी चयन समिति का अध्यक्ष बनता है.
अगरकर के जाने के बाद प्रज्ञान ओझा अंतरिम चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने 24 टेस्ट खेले हैं और अगरकर के साथ एक साल काम भी किया है. अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों और चयन प्रक्रिया में निरंतरता को देखते हुए ओझा के पूर्णकालिक चीफ सेलेक्टर बनने की संभावना जताई जा रही है.
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में वसीम जाफर ने सबसे ज्यादा 31 टेस्ट खेले हैं. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI सेलेक्शन प्रोसेस में कंटीन्यूटी बनाए रखने के पक्ष में है, इसलिए जाफर के चुने जाने की संभावना कम मानी जा रही है. इनके अलावा बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन से जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स का भी इंटरव्यू हुआ. मार्टिन ने 10 वनडे खेले हैं, जबकि विलियम्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक अनौपचारिक टेस्ट मैच खेला था.
जानें कैसे बन सकते हैं BCCI का सेलेक्टर
बीसीसीआई ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति में एक सदस्य के पद के लिए आवेदन मांगे थे. इसके लिए उम्मीदवारों के सामने टेस्ट, फर्स्ट क्लास या वनडे क्रिकेट खेलने का अनुभव और संन्यास से जुड़ी शर्तें रखी गई थीं. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 14 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे थी.
सेलेक्टर बनने के लिए प्रमुख शर्तें:
सेलेक्टर की जिम्मेदारियां:
कितने पद खाली थे?
BCCI ने चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग के बाद योग्य उम्मीदवारों को व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था. आवेदन की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 थी.