किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने सीमारेखा पर उनका कैच लपकने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली की प्रतिक्रिया को ज्यादा तूल नहीं देते हुए कहा कि वे दोनों जुनून के कारण इस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं. पंजाब को आखिरी ओवर में 27 रन की जरूरत थी. अश्विन ने पहली गेंद पर छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद पर लांग ऑन में कोहली को कैच दे बैठे. कोहली ने इस पर अपने तरीके से जश्न मनाया.
अश्विन ने कहा, ‘मैं जुनून के साथ खेल रहा था और वह भी. इतनी सी बात है.’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने आखिरी तीन ओवर में 60 से ज्यादा रन बनाए जो नहीं बनाने चाहिए थे. हम उन हालात में फिनिश नहीं कर सके जबकि सीनियर खिलाड़ियों से इसकी अपेक्षा की जाती है.’
अश्विन ने कहा, ‘हम कठिन हालात से निकलकर जीते हैं और जब हालात का सामना नहीं कर सके तो हार गए. हमारे लिए हर मैच अहम है.’ बीच के ओवरों में पंजाब की पकड़ ढीली हो गई थी लेकिन निकोलस पूरन और डेविड मिलर ने उसे मैच में लौटाया.
Both Virat and I react out of passion - R Ashwin
— Tarun Singh Verma (@TarunSinghVerm1)
अश्विन ने कहा, ‘जब आप 200 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे हैं तो एक बल्लेबाज को तो 70-80 रन बनाने चाहिए. हम ऐसा नहीं कर सके. हमारे दस ओवर में 105 रन थे लेकिन बीच के ओवरों में हमने लय खो दी. निकोलस पूरन ने अच्छा खेला और हमें मैच में लौटाया. यह निराशाजनक रहा कि हम जीत नहीं सके.’
अश्विन ने कहा कि एबी डिविलियर्स पर अंकुश लगाना जरूरी था जिसने आखिरी ओवरों में धुंआधार पारी खेली. उन्होंने कहा, ‘एबी डिविलियर्स ऐसा खिलाड़ी है जो उन ओवरों में मैच का नक्शा बदल सकता है. उस पर अंकुश लगाना जरूरी था. हम आखिरी दो तीन ओवर में ऐसा कर ही नहीं सके.’