भारतीय टीम को इस महीने श्रीलंका के खिलाफ उसकी धरती पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. यह दौरा टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा. 15 अगस्त से शुरू होने वाली यह सीरीज में भारत पर सिर्फ जीत का दबाव नहीं होगा, बल्कि यह सीरीज तय करेगी कि टीम का ट्रांजिशन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं. गंभीर की कोचिंग के साथ-साथ शुभमन गिल की कप्तानी का भी इस दौरे पर टेस्ट होगा.
पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता का मानना है कि अगर भारत का खराब प्रदर्शन जारी रहा तो सबसे ज्यादा सवाल गौतम गंभीर पर उठेंगे. उन्होंने कहा कि कोच होने के नाते गंभीर इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. एक समाचार एजेंसी से बातचीत में दासगुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के नतीजों को देखते हुए दबाव बनना लाजिमी है.
दीप दासगुप्ता कहते हैं, 'गौतम गंभीर पर दबाव रहेगा. लेकिन सिर्फ उन पर ही नहीं, कप्तान शुभमन गिल और पूरी टीम पर भी जिम्मेदारी होगी.' उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में फिलहाल बदलाव का दौर चल रहा है, लेकिन अब उस बदलाव के नतीजे भी मैदान पर दिखने चाहिए.
ट्रांजिशन सही दिशा में बढ़ रहा?
दीप दासगुप्ता ने भारतीय टीम के ट्रांजिशन पर भी सवाल उठाए. दासगुप्ता कहते हैं, 'ट्रांजिशन की बात लगातार हो रही है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि उसकी कोई स्पष्ट दिशा भी दिखाई दे. फिलहाल मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि भारतीय टेस्ट टीम किस दिशा में आगे बढ़ रही है.' उनके मुताबिक सिर्फ युवा खिलाड़ियों को मौका देना ही ट्रांजिशन नहीं होता, बल्कि टीम का प्रदर्शन भी लगातार बेहतर होना चाहिए.
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पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में नतीजे ही सबसे बड़ी कसौटी हैं. दीप दासगुप्ता ने बताया, 'जब टीम लगातार हारती है तो सवाल उठना तय है. कोच, कप्तान और पूरी टीम जवाबदेह होती है. घरेलू मैदान पर सीरीज हारने के बाद विदेश में भी लगातार हार मिली है, इसलिए अब हर मैच महत्वपूर्ण हो गया है.'
WTC में भारत की हालत खराब
दीप दासगुप्ता ने कहा कि भारत अब किसी भी टेस्ट सीरीज को हल्के में लेने की स्थिति में नहीं है. टीम इंडिया के पास मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) चक्र में सिर्फ 9 टेस्ट मैच बचे हैं. भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में 2-2 टेस्ट मैच खेलने हैं. जबकि अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी धरती पर भारतीय टीम 5 टेस्ट मैच खेलेगी. दासगुप्ता के अनुसार अगर भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचना है तो उसे 7 टेस्ट जीतने होंगे, जो मौजूदा फॉर्म को देखते हुए आसान चुनौती नहीं है. भारत फिलहाल डब्ल्यूटीसी 2025-27 की अंकतालिका में पांचवें नंबर पर है.
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उन्होंने आगाह किया कि श्रीलंका की परिस्थितियां हमेशा से भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं. दीप दासगुप्ता ने बताया, 'श्रीलंका में स्पिन और मौसम दोनों बड़ी परीक्षा लेते हैं. इसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा भी आसान नहीं होगा. इसलिए भारत अब किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं ले सकता.'
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त के दौरान गॉल के गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा. जबकि दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त के दौरान कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा. यह सीरीज गौतम गंभीर की कोचिंग, शुभमन गिल की कप्तानी और टीम इंडिया के ट्रांजिशन मॉडल की बड़ी परीक्षा लेगी. अगर भारत यहां अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया, तो आने वाले दिनों में कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े होंगे.
श्रीलंका दौरे के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन (फिटनेस क्लियरेंस के अधीन), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, सारांश जैन और गुरनूर बरार.
भारत के श्रीलंका दौरे का शेड्यूल
7-9 अगस्त: प्रैक्टिस मैच, कोलंबो
15-19 अगस्त: पहला टेस्ट, गॉल, सुबह 10 बजे से
23-27 अगस्त: दूसरा टेस्ट, कोलंबो, सुबह 10 बजे से