क्रिकेट इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे होते हैं, जिनका रोमांच आखिरी गेंद तक बना रहता है. 40 साल पहले यानी साल 1986 में आज ही के दिन (22 सितंबर) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चेन्नई (तब मद्रास) में खेला गया सीरीज का दूसरा टेस्ट भी कुछ इसी प्रकार का था. इस टेस्ट का नतीजा टाई रहा था और आखिरी दिन का रोमांच आज भी क्रिकेट फैन्स के जेहन में ताजा है.
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 574/7 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड बून ने 122, डीन जोन्स ने 210 और एलन बॉर्डर ने 106 रन बनाए. जवाब में टीम इंडिया पहली पारी में 397 रन ही बना पाई. भारत की ओर से कपिल देव ने सबसे ज्यादा 119 रन बनाए. वहीं, मोहम्मद अजहरुद्दीन (50) और कृष्णमाचारी श्रीकांत (53) ने अर्धशतक जड़े.
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दूसरी पारी में 170 रन और जोड़कर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर ने आखिरी दिन पारी घोषित कर भारत के सामने 348 रनों का लक्ष्य रखा था. भारत को 87 ओवर में यह लक्ष्य हासिल करना था.
#ThisDayThatYear: Remembering the 1986 #TiedTest - India v Australia pic.twitter.com/srOzVbMGmz
— BCCI (@BCCI) September 21, 2016
शुरुआत में भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा शानदार अंदाज में किया. चाय तक भारत का स्कोर 2 विकेट पर 190 रन था. इसके बाद टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई. भारत ने 330 रन पर 6 विकेट गंवाए थे और जीत के लिए सिर्फ 18 रन चाहिए थे.
उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से मुकाबला जीत लेगा. लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज रे ब्राइट ने मैच का रुख ही बदल दिया. ब्राइट ने अगले ओवर में 2 विकेट झटक लिए और अचानक मुकाबले में जीत, हार, टाई और ड्रॉ- चारों नतीजों की संभावना बन गई.
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इसके बाद शिवलाल यादव ने ग्रेग मैथ्यूज की गेंद पर जोरदार छक्का जड़कर भारत को जीत के और करीब पहुंचा दिया. लेकिन ब्राइट ने उन्हें आउट कर दिया. भारत का स्कोर 344/9 हो चुका था. जीत के लिए सिर्फ 4 रन चाहिए थे और 8 गेंद बाकी थीं.
अब क्रीज पर थे रवि शास्त्री और मनिंदर सिंह. मनिंदर सिंह टीम की बल्लेबाजी क्रम में आखिरी खिलाड़ी थे. उन्होंने ब्राइट का ओवर निकाल दिया और आखिरी ओवर में स्ट्राइक रवि शास्त्री के पास आ गई.
भारत को जीत के लिए 4 रन चाहिए थे
रवि शास्त्री ने आखिरी ओवर की दूसरी गेंद पर 2 रन लिए. इसके बाद तीसरी गेंद पर उन्होंने एक रन लेकर स्ट्राइक मनिंदर सिंह को दे दी. इस एक रन के साथ भारत की हार की संभावना खत्म हो गई, लेकिन जीत के लिए अभी भी 3 रन चाहिए थे. अब गेंदबाज थे ग्रेग मैथ्यूज और स्ट्राइक पर थे मनिंदर सिंह. मैथ्यूज के पास मैच खत्म करने के लिए तीन गेंदें थीं.
The second tied Test "India vs Australia" came to a conclusion #ONTHISDAY 22-09-1986 in Madras when Greg Matthews trapped Maninder Singh with the penultimate delivery of the match. 14 runs to win off 20 balls with 3 Wickets remaining. Enjoy an exciting endpic.twitter.com/1FhtfAF69E
— Zohaib (Cricket King)🇵🇰🏏 (@Zohaib1981) September 22, 2022
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फिर आया वह ऐतिहासिक पल
मैथ्यूज ने मनिंदर सिंह को फंसा लिया. मैथ्यूज ने मैच की सेकंड लास्ट बॉल पर उनको LBW आउट कर दिया. भारत की जीत की उम्मीद खत्म हो गई और मुकाबला टाई हो गया. दूसरी पारी में टीम इंडिया की ओर से सुनील गावस्कर ने सबसे ज्यादा 90 रन बनाए.
इस मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड मिला. भारतीय टीम से कपिल देव को 119 रन बनाने के लिए यह सम्मान मिला, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम से डीन जोन्स को मैच में दोहरा शतक लगाने के लिए यह अवॉर्ड दिया गया.
इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा मुकाबला दर्ज हुआ, जिसमें दोनों टीमों के स्कोर बिल्कुल बराबर रहे. चेन्नई टेस्ट का यह रोमांच आज भी क्रिकेट के सबसे यादगार आखिरी पलों में गिना जाता है.
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टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल दो ही मैच टाई हुए हैं
पहला टाई टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज
9 दिसंबर 1960 ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया
वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 453 और दूसरी पारी में 284 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 505 और दूसरी पारी में 232 रन बनाकर मैच टाई करा दिया.
दूसरा टाई टेस्ट
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
18 सितंबर 1986 (22 सितंबर को परिणाम) मद्रास (चेन्नई), भारत
ऑस्ट्रेलिया ने 574/7 (पारी घोषित) और 170/5 (पारी घोषित) के स्कोर बनाए. भारतीय टीम पहली पारी में 397 और चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए 347 रनों पर ऑलआउट हो गई, जिससे मुकाबला टाई पर छूटा.