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रूस संसदीय चुनाव: एंटी-वॉर याब्लोको को संसद में नहीं मिली जगह, 355 सीटों पर पुतिन की पार्टी का कब्जा

रूस में हाल ही हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ पार्टी यूनाइटेड रशिया ने भारी बहुमत हासिल किया है. पार्टी ने ड्यूमा की 450 सीटों में से 355 सीटें जीतीं, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. वहीं, एंटी-वॉर याब्लोको पार्टी को ड्यूमा में एक भी सीट नहीं मिल पाई.

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रूस में पुतिन की पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला. (Photo- ITGD)
रूस में पुतिन की पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला. (Photo- ITGD)

रूस में हुए संसदीय चुनावों के लगभग पूरे आ चुके नतीजे सामने आ चुके हैं. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ 'यूनाइटेड रशिया' पार्टी ने इन चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. सोमवार को जारी हुए नतीजों में पार्टी ने राष्ट्रीय संसद (ड्यूमा) में रिकॉर्ड 355 सीटों पर कब्जा जमाया है. 

हालांकि, यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी 'याब्लोको' को सिर्फ एक प्रांतीय विधानसभा में ही छोटी-सी जगह मिल सकी है.

केंद्रीय चुनाव आयोग की अध्यक्ष एला पामफिलोवा ने बताया कि 95% से ज्यादा वोटों की गिनती के बाद यूनाइटेड रशिया ने 57.83% वोट हासिल किए हैं. ये 2021 के पिछले संसदीय चुनाव के 49.8% से काफी ज्यादा है.

पुतिन की पार्टी का शानदार प्रदर्शन

संसद की 450 सीटों में से अब यूनाइटेड रशिया का करीब 80 प्रतिशत यानी 355 सीटों पर कब्जा होगा. ये 2016 में जीती गई 343 सीटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इस प्रचंड बहुमत के बल पर पार्टी बिना किसी दूसरे दल के समर्थन के कानून और संवैधानिक संशोधन पारित कर सकेगी.

राष्ट्रीय संसद में प्रवेश करने वाली चार और पार्टियों में कम्युनिस्ट पार्टी (13.81%), LDPR (8.98%), न्यू पीपल (7.96%) और जस्ट रशिया शामिल हैं. ये सभी दल अहम मुद्दों पर पुतिन की नीतियों का ही समर्थन करते आए हैं. इसके अलावा, चेचन्या में पुतिन के करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव को लगभग 100% वोटों के साथ पांचवें कार्यकाल के लिए फिर से नेता चुना गया है.

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रिकॉर्ड 59.3% मतदान, विपक्ष ने लगाए धांधली के आरोप

एला पामफिलोवा के मुताबिक, रूस के 11.1 करोड़ मतदाताओं में से 59.3% लोगों ने वोट डाला, जो संसदीय चुनावों के लिए एक रिकॉर्ड है. मतदान के आखिरी दिन यानी रविवार को मॉस्को पर यूक्रेन के भारी ड्रोन हमलों के बावजूद मतदान जारी रहा. 

चुनाव आयोग ने विपक्षी कार्यकर्ताओं के लगाए गए धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए मतदान को 'पारदर्शी' बताया.

युद्ध विरोधी 'याब्लोको' को नहीं मिली कोई सीट

यूक्रेन में सीजफायर का समर्थन करने वाली एकमात्र पार्टी 'याब्लोको' कोई भी सीट जीतने में पूरी तरह नाकाम रही. हालांकि, मॉस्को से लगभग 480 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित नोवगोरोड प्रांतीय संसद में पार्टी 5% का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही.

यह भी पढ़ें: रूस के संसदीय चुनाव में पुतिन की पार्टी का दबदबा, यूनाइटेड रशिया ने जीतीं 450 में 355 सीटें

पार्टी ने अपने बयान में कहा, 'नोवगोरोड के 12,000 से ज्यादा निवासियों ने याब्लोको का समर्थन किया है. शांति, आजादी और डर मुक्त जिंदगी ऐसे मूल्य हैं जिन्होंने लोगों के दिलों को छुआ है.'

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