सुनील गावस्कर, पूर्व क्रिकेटर
सुनील मनोहर गावस्कर (Sunil Manohar Gavaskar) सर्वकालिक महानतम सलामी बल्लेबाजों में से एक थे, और निश्चित रूप से सबसे सफल भी थे (Sunil Gavaskar Greatest Opener of All Time). उनका खेल लगभग एकदम सही तकनीक और एकाग्रता की बेहतरीन संतुलन के इर्द-गिर्द तैयार हुआ था. डिफेंस की इससे सुंदर तकनीक विश्व क्रिकेट में अब तक नहीं देखी गई है. गावस्कर का विकेट लेना, किसी भी गेंदबाज के लिए, सबसे मुश्किल काम रहा. वह फ्रंटफुट और बैकफुट, दोनों पैरों से एक जैसी सरलता के साथ खेलते थे. गेंद की लाइन और लेंथ का फैसला आसानी से कर लेते थे. उनके पास क्रिकेट की किताब में मौजूद लगभग हर स्ट्रोक था (Gavaskar had Near-Perfect Technique). उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए कई सम्मान अर्जित किए और अपने साथियों को बिजनेस की खासियत भी समझाई. रिटायर होने के बाद से, गावस्कर ने एक टेलीविजन कमेंटेटर, विश्लेषक और स्तंभकार के रूप में काम किया है (Gavaskar served as a television commentator, analyst and columnist after retirement), साथ ही बीसीसीआई के साथ कई जिम्मेदारियों को निभाया है, और आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है (Gavaskar served as chairman of ICC cricket committee). उन्होंने मीडिया स्तंभकार और टिप्पणीकार के रूप में अपने कार्य को जारी रखने के लिए - कुछ विवादास्पद टिप्पणियों के बाद - बाद में इस पद को छोड़ दिया.
गावस्कर ने 6 - 10 मार्च 1971 को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया (Gavaskar Test Debut). वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले अपने करियर के पहले टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 65 और दूसरी पारी में नाबाद 67 रन बनाए थे (Gavaskar Debut Test Performance). इस मैच को भारत ने 7 विकेट से जीता था (Gavaskar Debut Test Result). उन्होंने अपने करियर में, 125 टेस्ट में 51.12 की औसत से 10122 रन बनाए जिसमें 34 शतक शामिल थे (Gavaskar Test Career). उन्होंने करियर का अंतिम टेस्ट 13 – 17 मार्च 1987 को पाकिस्तान के खिलाफ बैंगलोर में खेला (Gavaskar Last Test). इस मैच की पहली पारी में उन्होंने 21 और दूसरी पारी में 96 रन बनाए (Gavaskar Last Test Performance). गावस्कर 10 हजार टेस्ट रन बनाने वाले विश्व के पहले क्रिकेटर थे (Gavaskar First Cricketer to Score 10 Thousand Test Runs).
गावस्कर ने 13 जुलाई 1974 को लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया (Gavaskar ODI Debut). इस मैच में उन्होंने 28 रन बनाए (Gavaskar Debut ODI Performance). उन्होंने अपने वनडे करियर में कुल 108 मैच में 35.13 की औसत से 3092 रन बनाए जिसमें 1 शतक और 27 अर्धशतक शामिल थे (Gavaskar ODI Career). गावस्कर ने करियर का अंतिम वनडे इंटरनेशनल मैच 5 नवंबर 1987 को इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला. अपने आखिरी मुकाबले और वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में उन्होंने 4 रन बनाए (Gavaskar Last ODI Performance).
गावस्कर का जन्म 10 जुलाई 1949 को मुंबई में एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में हुआ था (Gavaskar Age). वह सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के छात्र रहे (Gavaskar School). उन्हें 1966 में अपने स्कूल के लिए खेलते हुए वर्ष का सर्वश्रेष्ठ स्कूली क्रिकेटर घोषित किया गया था. गावस्कर की शादी कानपुर के एक चमड़ा उद्योगपति की बेटी मार्शनील गावस्कर से हुई (Gavaskar Wife Marshneill Gavaskar). उनके बेटे रोहन भी एक अंतरराष्टीय क्रिकेटर थे (Gavaskar Son Rohan). गावस्कर के मामा, माधव मंत्री (Madhav Mantri) पूर्व भारतीय क्रिकेटर थे (Gavaskar Uncle). उनकी बहन कविता विश्वनाथ की शादी महान भारतीय क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ से हुई (Gavaskar Brother-in-law Gundappa Viswanath). उनकी दूसरी बहन, नूतन गावस्कर भारतीय महिला क्रिकेट संघ (WCAI) की मानद महासचिव थीं (Gavaskar Sister).
गावस्कर सत्य साईं बाबा के अनन्य भक्त हैं. उन्हें “सनी” नाम से भी जाना जाता है (Gavaskar also Known as Sunny).
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम अपना दमखम दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टी20 सीरीज के साथ भारतीय खिलाड़ी इस दौरे का आगाज करने वाले हैं. लेकिन इस सीरीज के शुरू होने से पहले सुनील गावस्कर ने भारतीय बल्लेबाजों को बड़ी चेतावनी दी है.
टी20 सीरीज अब 2-2 की बराबरी पर है और पांचवां मुकाबला निर्णायक होगा. भारतीय टीम के सामने बल्लेबाजी के आक्रामक रुख को बनाए रखने के साथ-साथ गेंदबाजी में हुई गलतियों को सुधारने की चुनौती होगी. सुनील गावस्कर की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में सिर्फ पिच को जिम्मेदार ठहराने के बजाय गेंदबाजों की सटीकता पर भी ध्यान देना जरूरी है.
रणजी ट्रॉफी को टीम इंडिया की बुनियाद माना जाता है, लेकिन घरेलू सीजन के बीच इंडिया-ए के दौरों से खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं. रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से राज्य टीमों पर असर पड़ता है. सवाल है कि टीम इंडिया के लिए खिलाड़ी तैयार करने वाले इस टूर्नामेंट को BCCI खुद कितनी अहमियत देता है.
सुनील गावस्कर का मानना है कि रणजी ट्रॉफी की अहमियत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि प्रमुख खिलाड़ी अपनी राज्य टीमों के लिए उपलब्ध रहें और रिकॉर्ड का मूल्यांकन करते समय मुकाबले के लेवल को भी ध्यान में रखा जाए. गावस्कर ने इंडिया-ए के शेड्यूल को लेकर खासतौर पर नाराजगी जताई.
आज ही के दिन 7 अक्टूबर 1979 को कानपुर में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच में ज्योफ डाइमॉक ने इतिहास रच दिया था. वह टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में नहीं, बल्कि पूरे मैच में भारत के सभी 11 बल्लेबाजों को आउट करने वाले तीसरे गेंदबाज और पहले ऑस्ट्रेलियाई बने थे. जानिए उस मैच के बारे में.
टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा की नजरें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज पर हैं. अगर वह इसी तरह रन बनाते रहे तो ना सिर्फ वर्ल्ड कप 2027 के लिए अपनी जगह मजबूत करेंगे, बल्कि सुनील गावस्कर की उस खास इच्छा को पूरा करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेंगे.
बीसीसीआई ने टीम इंडिया के नए चीफ सेलेक्टर के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. बीसीसीआई की ओर से चयन प्रक्रिया को लेकर मंजूरी मिल चुकी है और आने वाले समय में नए चीफ सेलेक्टर के नाम पर फैसला होने की उम्मीद है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 40 साल पहले 1986 के चेन्नई टेस्ट की वो रोमांचक कहानी, जब टीम इंडिया जीत से सिर्फ 4 रन दूर थी, लेकिन आखिरी पलों में मुकाबला टाई हो गया. ग्रेग मैथ्यूज ने मनिंदर सिंह को आउट कर क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार टेस्ट मैचों में से एक को खत्म किया.
सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल पर चिंता जताते हुए ICC से कैलेंडर पर नए सिरे से विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को लगातार सीरीज और टूर्नामेंट में झोंकना उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।
सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेटरों के लगातार व्यस्त शेड्यूल पर सवाल उठाते हुए ICC से 2027 से शुरू होने वाले नए चार साल के क्रिकेट कैलेंडर पर खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेटर न तो मशीन हैं और न गन्ना, जिन्हें लगातार निचोड़ा जाए.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर इन दिनों चर्चाओं का माहौल गर्म है. दलीप ट्रॉफी के बाद वैभव अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में बल्ले से अपना जौहर दिखाते नजर आएंगे.
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की, लेकिन कोलंबो टेस्ट मैच में जीत नहीं मिलने से टीम को महत्वपूर्ण डब्ल्यूटीसी अंक गंवाने पड़े. कोलंबो टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों ने कई मौकों पर नो-बॉल फेंके, जिससे टीम पर प्रेशर बना. अब सुनील गावस्कर ने ओवरस्टेपिंग को लेकर अपनी राय रखी है.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मेडिकल सुविधाओं को लेकर 21 पूर्व इंटरनेशल ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपील की है. माइकल आथर्टन ने कहा कि मामला सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सार्वजनिक जीवन से मिटाने की कोशिश भी चिंता का विषय है, भारतीय दिग्गज भी इस अपील में शामिल हैं.
भारत के महान ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है. कपिल ने कहा कि वह अपने पुराने दोस्त के लिए इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि मामला अब सिर्फ क्रिकेट या राजनीति का नहीं, बल्कि इंसानियत का है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा है। सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत इन खिलाड़ियों ने इमरान के उचित इलाज की मांग की।
सुनील गावस्कर के बयान के बाद अब बहस केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि चोटिल खिलाड़ियों का रिहैब कैसे हो रहा है. बड़ा सवाल यह है कि खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो रहे हैं और क्या मौजूदा ट्रेनिंग एवं वर्कलोड मैनेजमेंट उन्हें मैच की वास्तविक जरूरतों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार कर रहा है.
अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर के दौरान भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं. बल्लेबाजी के अलावा बतौर टेस्ट कप्तान भी भारत के लिए उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है.
वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैचों के बाद प्लेइंग-11 से बाहर करने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं. टीम मैनेजमेंट ने आखिरी मुकाबले में अनुभव को प्राथमिकता देते हुए संजू सैमसन की वापसी कराई. सुनील गावस्कर और ग्रीम स्वान का मानना है कि सीरीज का फैसला हो चुका था, ऐसे में युवा बल्लेबाज को एक और मौका देना बेहतर होता.
इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम टी20 में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने माना कि युवा बल्लेबाज को एक और मौका मिलना चाहिए था. दोनों का कहना है कि कम उम्र के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखना और उन्हें पर्याप्त अवसर देना बेहद जरूरी है.
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर 77 साल के हो गए हैं. 39 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद उनका क्रिकेट से रिश्ता आज भी कायम है. जानिए उनके आखिरी मैच, कमेंट्री करियर, गजब की फिटनेस और कानपुर से जुड़ी उनकी प्रेम कहानी की दिलचस्प दास्तान.
अपने बर्थडे पर ट्रेंट ब्रिज में कैमरे पर नजर आए महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी सफेद दाढ़ी और उम्र को लेकर मजाकिया इशारा किया. सोशल मीडिया पर फैन्स इसे आईपीएल और रिटायरमेंट से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि सुनील गावस्कर ने भी उन्हें एक बार फिर CSK की जर्सी में देखने की इच्छा जताई.