जापान में बेसबॉल का बल्ला चलता है, लेकिन मंगलवार को क्रिकेट का बल्ला सुर्खियां बटोरने वाला है. मैदान पर भारत होगा, सामने जापान और निगाहें सिर्फ इस ऐतिहासिक मुकाबले पर नहीं, बल्कि एक ऐसी ओपनिंग जोड़ी पर भी होंगी, जिसकी कल्पना भर से मैच का रोमांच बढ़ जाता है... और ये है- वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा की जोड़ी. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे शुरू होगा. हालांकि इस ऐतिहासिक मुकाबले पर टाइफून का खतरा भी मंडरा रहा है.
सोचिए... एक छोर पर 15 साल का 'Baby Boss' वैभव और दूसरे छोर पर 30 गेंदों में टी20 इंटरनेशनल शतक ठोककर रिकॉर्ड बुक हिला चुके अभिषेक शर्मा. दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज. दोनों पहली गेंद से गेंदबाज पर टूट पड़ने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं. अगर दोनों ने सानो की पिच पर साथ ओपन कर दिया, तो जापान के लिए यह सिर्फ भारत के खिलाफ मैच नहीं रहेगा, बल्कि क्रिकेट के उस अंदाज से सामना होगा, जिसे उसने शायद ही कभी इस स्तर पर देखा हो.
हालांकि अभी इसे संभावित तस्वीर ही माना जाना चाहिए. भारत के पास ओपनिंग के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का विकल्प भी है और वैभव को लेकर टीम प्रबंधन पहले ही धैर्य रखने का संकेत दे चुका है. अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी, जबकि अभिषेक और सैमसन ने पारी की शुरुआत की थी.
Baby Boss के साथ कौन? सवाल यहीं से शुरू होता है
हेड कोच गौतम गंभीर साफ कह चुके हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा. कोच का तर्क है कि जो खिलाड़ी पिछले कुछ वर्षों से प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें अचानक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लेकिन जापान के खिलाफ हालात थोड़े अलग हैं. यही वह जगह है जहां वैभव-अभिषेक की जोड़ी वाली कल्पना दिलचस्प हो जाती है.
एशियन गेम्स के लिए भारतीय पुरुष टीम के हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण हैं. ऐसे में टीम संयोजन में बदलाव की गुंजाइश है और वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है. अगर लक्ष्मण ने 15 साल के 'Baby Boss' को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग के लिए उतार दिया, तो सानो में मुकाबले का सबसे बड़ा तमाशा पहले ही ओवर से शुरू हो सकता है.
एक तरफ अभिषेक हैं, जिन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में सिर्फ 30 गेंदों पर शतक ठोककर इतिहास रचा. दूसरी तरफ वैभव हैं, जिनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत से ही उनके बल्ले की रफ्तार चर्चा में रही है. दोनों को एक साथ शुरुआत मिलती है तो भारत के पास पावरप्ले में बाएं हाथ के दो ऐसे बल्लेबाज होंगे, जो गेंदबाज को सोचने का समय देने की बजाय उसे लगातार फैसले लेने पर मजबूर कर सकते हैं.
Touchdown Tokyo 🛬
— BCCI (@BCCI) September 21, 2026
All smiles as #TeamIndia has arrived for their historic one-off T20I against Japan and the #AsianGames 2026 campaign 🙌 pic.twitter.com/GfoJBVVknY
बेसबॉल के देश में क्रिकेट का सबसे बड़ा शो
भारत-जापान मुकाबले की असली कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं है. जापान में बेसबॉल की लोकप्रियता बेहद गहरी है. वहां क्रिकेट अभी उस मुकाम पर नहीं है, जहां भारत या कई अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों में है. लेकिन भारत जैसी विश्व चैम्पियन टीम का जापान पहुंचना इस खेल के लिए बड़ा मौका है.
भारत और जापान के बीच यह पुरुष क्रिकेट में पहला T20 इंटरनेशनल मुकाबला है. सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मैच 75 साल के भारत-जापान राजनयिक संबंधों के मौके से भी जुड़ा है. दोनों टीमें एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेने वाली हैं. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल से अभियान शुरू करना है, जबकि जापान ग्रुप चरण में खेलेगा.
यानी भारत के लिए यह एशियन गेम्स से पहले तैयारी है, लेकिन जापान के लिए इससे कहीं बड़ा मौका. उस देश में, जहां क्रिकेट को अभी बेसबॉल की लोकप्रियता से मुकाबला करना है, वहां दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट टीमों में से एक का उतरना अपने आप में बड़ा संदेश है.
जापान सिर्फ मेजबान नहीं, कुछ दिखाना भी चाहता है
जापान की टीम इस मुकाबले को सिर्फ भारत के सितारों को देखने के मौके के तौर पर नहीं ले रही. कप्तान केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग की टीम के लिए यह खुद को परखने का मौका है.
जापान ने उसी टीम को चुना है जो एशियन गेम्स के लिए भी अभियान शुरू करेगी. कप्तान कडोवाकी-फ्लेमिंग टीम की अगुआई करेंगे और जापान की ओर से कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो देश के क्रिकेट ढांचे में लंबे समय से खेल रहे हैं.
इसलिए भारत के लिए मुकाबला जितना तैयारी का है, जापान के लिए उतना ही पहचान बनाने का.
और अगर भारत ने वैभव और अभिषेक को साथ भेज दिया, तो जापान के सामने शुरुआती ओवरों में एक बेहद अलग परीक्षा होगी.
सानो में 2000 दर्शक... लेकिन नजरें करोड़ों की
मुकाबला सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होना है. यह मैदान तोचिगी प्रीफेक्चर में है और टोक्यो से करीब 100 किलोमीटर दूर है. मैदान की क्षमता करीब 2000 दर्शकों की है. दिलचस्प बात यह भी है कि इसका इस्तेमाल बेसबॉल के लिए भी होता है.
यानी जिस देश में बेसबॉल का खेल लोगों की आदत और संस्कृति का हिस्सा है, उसी जमीन पर क्रिकेट का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाएगा.
आईसीसी ने भी इस मुकाबले को क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. भारत के विश्व चैम्पियन होने और जापान के उभरते क्रिकेट ढांचे के बीच यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने रखता है.
और फिर आएगा सवाल- वैभव की बारी कब?
वैभव के साथ इस मुकाबले का रोमांच सिर्फ उनकी उम्र की वजह से नहीं है. सवाल यह है कि भारतीय टीम उन्हें किस भूमिका में देखती है.
वह सिर्फ 15 साल के खिलाड़ी नहीं हैं. पिछले कुछ महीनों में उन्होंने जिस तेजी से अलग-अलग स्तरों पर प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे ज्यादा चर्चा वाले युवा बल्लेबाजों में ला दिया है.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह सिर्फ प्रतिभा से नहीं मिलती. यही संदेश गंभीर ने भी दिया है. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज बाहर बैठना पड़ा और अब जापान के खिलाफ मुकाबला उनके लिए एक और मौका हो सकता है-अगर टीम उन्हें उतारती है. और अगर यह मौका अभिषेक के साथ ओपनिंग का बन गया, तो कहानी और भी दिलचस्प हो जाएगी.
अगर भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनी, तो असली सवाल स्कोर का नहीं, ओपनिंग जोड़ी का होगा. क्या सानो में वैभव और अभिषेक साथ उतरेंगे? अगर दोनों ने बल्ला थाम लिया, तो बेसबॉल के देश में क्रिकेट वाली कुटाई का ऐसा नजारा दिख सकता है, जिसे जापान लंबे समय तक याद रखे.
भारत स्क्वॉड
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, ईशान किशन, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, विप्रज निगम, वैभव सूर्यवंशी.
जापान स्क्वॉड
केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा-हिंजे, बेंजामिन इटो-डेविस, एलेस्टर काडोवाकी-फ्लेमिंग, कोहेई कुबोटा, जेक कुसुडा-नैर्न, वातरू मियाउची (विकेटकीपर), रियो सकुरानो-थॉमस, एलेक्स शिराई-पैटमोर (विकेटकीपर), शोमा सुगाया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी-मैककॉम्ब, त्सुयोशी ताकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा, लचलान यामामोटो-लेक.