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लैंडफॉल के समय 150 KM की होगी स्पीड, साइक्लोन अर्नब दिखा सकता है खतरनाक तेवर

चक्रवात अर्नब बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान बन गया है. यह 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यानम के पास 125-135 किमी प्रति घंटा हवा के साथ लैंडफॉल करेगा. मछुआरों को 30 तारीख तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है.

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विशाखपट्टनम में साइक्लोन की वजह से समंदर तटों को काट रहा है. लहरे तेज और भयानक हो गई हैं. (Screengrab: PTI)
विशाखपट्टनम में साइक्लोन की वजह से समंदर तटों को काट रहा है. लहरे तेज और भयानक हो गई हैं. (Screengrab: PTI)

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक डॉ. पी.एल.एन. मूर्ति के अनुसार चक्रवात अर्नब अब बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया है. कल पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में स्थित गंभीर चक्रवाती तूफान 23 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. आज सुबह 2.30 बजे बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदल गया. 

यह शुरुआत में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यानम के पास तट से टकराएगा. लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.

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डॉ. मूर्ति ने मछुआरों के लिए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि 30 अक्टूबर की सुबह तक वे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में बिल्कुल न जाएं. समुद्र की स्थिति खराब बनी रहेगी. बंदरगाहों के लिए भी खतरे के सिग्नल जारी किए गए हैं. काकीनाड़ा बंदरगाह को ग्रेट डेंजर 10 यानी जीडी-10 सिग्नल दिया गया है जो सबसे ऊंचा खतरा दर्शाता है. 

विशाखापट्टनम और गंगावरम को जीडी-9 तथा मछलीपट्टनम और निजामापट्टनम को जीडी-8 सिग्नल मिला है. कलिंगपट्टनम, कृष्णापट्टनम और वडारेवु जैसे अन्य बंदरगाहों को लोकल कॉशनरी 3 यानी एलसी-3 चेतावनी दी गई है. इन सिग्नलों का मतलब है कि जहाजों और नावों को सुरक्षित रखना होगा. आवाजाही पर सख्त नियंत्रण रहेगा.

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cyclone Arnab landfall wind speed

तटीय क्षेत्रों पर असर

इस तीव्र तूफान से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. तेज हवाएं पेड़ों को उखाड़ सकती हैं. बिजली व्यवस्था बाधित कर सकती हैं. कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. समुद्र का जल स्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा रहेगा. 

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प्रशासन पहले से निकासी, राहत शिविर और बचाव दलों की तैयारी कर चुका है. आम लोगों को सलाह है कि वे आधिकारिक अपडेट पर ध्यान दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और जरूरी सामान का इंतजाम रखें. मौसम विभाग लगातार सैटेलाइट और रडार के जरिए तूफान की निगरानी कर रहा है. 

रास्ता या तीव्रता में कोई बदलाव होने पर तुरंत अपडेट जारी किए जाएंगे. तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए. चक्रवात के गुजरने तक समुद्र और तट दोनों पर सावधानी बरतना नुकसान कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है.

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