अक्सर हम अपने आशियाने को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के पौधे ले आते हैं. घर की बालकनी या गार्डन में तुलसी और मनी प्लांट होना तो बहुत आम बात है. हम में से ज्यादातर लोग इन्हें घर की तरक्की और सुख-समृद्धि का प्रतीक मानकर बड़े चाव से लगाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरा सी लापरवाही आपके बनते काम बिगाड़ सकती है? जी हां, वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि तुलसी और मनी प्लांट को कभी भी एक-साथ या पास-पास नहीं रखना चाहिए. आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इन दोनों पौधों को साथ रखने की मनाही क्यों है और इससे जुड़े जरूरी नियम क्या हैं.
क्यों वर्जित है तुलसी और मनी प्लांट को एक साथ रखना?
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि हर पौधे की अपनी एक विशेष ऊर्जा और तासीर होती है.
तुलसी का स्वरूप: तुलसी का पौधा अत्यधिक पवित्र, सात्विक और ऊर्जावान माना जाता है. ज्योतिष में इसका संबंध बुध ग्रह और भगवान विष्णु से है. यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर मानसिक शांति और आरोग्य प्रदान करती है.
मनी प्लांट का स्वरूप: वहीं, मनी प्लांट का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं, ऐश्वर्य और धन का कारक है.
जब इन दोनों अलग-अलग स्वभाव और ऊर्जा वाले पौधों को बिना किसी नियम के आपस में सटाकर रख दिया जाता है, तो इनकी ऊर्जा आपस में टकराती है, जिससे घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है.
किन जरूरी नियमों का पालन करना है बेहद जरूरी?
गमले कभी साझा न करें: कुछ लोग जगह की कमी के कारण एक ही बड़े गमले में तुलसी और मनी प्लांट दोनों की कटिंग लगा देते हैं. वास्तु के अनुसार यह बिल्कुल गलत है. दोनों पौधों के गमले हमेशा अलग-अलग होने चाहिए. उनके बीच उचित दूरी भी होनी चाहिए.
दिशा का रखें विशेष ध्यान:
तुलसी की सही दिशा: तुलसी के पौधे को हमेशा घर की उत्तर, पूर्व या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखना चाहिए. यह दिशा देवताओं की मानी जाती है, जिससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है.
मनी प्लांट की सही दिशा: मनी प्लांट को हमेशा आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है. इस दिशा के प्रतिनिधि ग्रह शुक्र हैं, जिससे आर्थिक तंगी दूर होती है.
बेल के फैलाव और स्वच्छता का रखें ध्यान: मनी प्लांट एक तेजी से बढ़ने वाली बेल है. यदि इसे तुलसी के पास रखा जाए, तो इसकी लताएं तुलसी के पौधे को ऊपर से ढक सकती हैं, जो वास्तु के लिहाज से बहुत अशुभ माना जाता है. इसके अलावा, तुलसी के गमले के आसपास हमेशा साफ-सफाई रखें. वहां जूते-चप्पल या किसी भी तरह का कचरा बिल्कुल न इकट्ठा होने दें.