Shani Sadesati 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को न्याय और कर्मफल दाता माना गया है. शनिदेव बहुत धीमी गति से चलते हैं और एक राशि में लगभग ढाई साल तक रहते हैं. जब शनि किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस राशि के साथ-साथ उसकी आगे और पीछे वाली राशि पर भी शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है.
साल 2026 में कुंभ, मीन और मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं कि इन तीनों राशियों के लिए यह समय कैसा रहेगा और उन्हें साढ़ेसाती से कब राहत मिलेगी.
मेष राशि (Aries)- पहला चरण (First Phase)
मेष राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो चुका है. पहला चरण सिर पर रहता है, जिससे मानसिक तनाव, बेवजह की भागदौड़, बनते काम में अड़चनें और अचानक खर्चे बढ़ने जैसी समस्याएं आ सकती हैं. किसी से भी बहस या कानूनी विवाद में न पड़ें. संयम और धैर्य से काम लें.
कब मिलेगी राहत?
मेष राशि वालों की साढ़ेसाती मई 2032 में जाकर समाप्त होगी.
कुंभ राशि (Aquarius)- अंतिम चरण (Last Phase)
कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है. अंतिम चरण तुलनात्मक रूप से राहत देने वाला होता है. इस दौरान आपकी मानसिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होंगी और रुके हुए काम गति पकड़ेंगे. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें और फिजूलखर्च पर नियंत्रण रखें.
कब मिलेगी राहत?
जब शनिदेव मेष राशि में पूर्ण रूप से प्रवेश कर जाएंगे (जून 2027 के बाद), तब कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
मीन राशि (Pisces)- दूसरा चरण (Peak Phase)
मीन राशि के जातकों पर इस समय साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे कठिन चरण चल रहा है. दूसरा चरण सबसे ज्यादा प्रभाव डालता है. इस समय करियर में चुनौतियां, काम का दबाव, पारिवारिक मतभेद और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. धन से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में सावधानी बरतें. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें.
कब मिलेगी राहत?
मीन राशि वालों को अगस्त 2029 के बाद शनि के राशि परिवर्तन से साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी.
शनि के प्रकोप को शांत करने के असरदार उपाय
- हर शनिवार शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और छाया दान करें (कटोरी में तेल लेकर अपना चेहरा देखें फिर दान करें).
- नियमित रूप से हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें. हनुमान जी के भक्तों को शनि कष्ट नहीं पहुंचाते.
- शनिवार के दिन काले तिल, काली उड़द, लोहे के बर्तन या काले वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें.
- ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का रोजाना 108 बार जाप करें.