30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है. इस महीने देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में रहेंगे जो कि उनकी उच्च की राशि है. कर्क राशि में उच्च के गुरु पंच महापुरुष राजयोग का निर्माण करेंगे. सावन में यह संयोग करीब 12 साल बाद बना है. 17 अगस्त तक कर्क राशि में गुरु-सूर्य की युति भी रहने वाली है. ज्योतिषविदों का कहना है कि सावन में बन रहा पंच महापुरुष योग तीन राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है. इन राशियों को आने वाले दिनों में बड़ा लाभ मिल सकता है.
मेष राशि: पराक्रम बढ़ेगा, करियर को मिलेगी नई गति
मेष राशि के जातकों के लिए सावन का महीना प्रगति के संकेत लेकर आ सकता है. गुरु का प्रभाव आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा और ग्रहों की अनुकूल स्थिति सकारात्मक परिणाम दिलाने में मदद करेगी. धनधान्य में वृद्धि के संकेत हैं. अचानक से रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है. मंगल का गोचर साहस और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे करने का अवसर मिलेगा. करियर में गति आएगी और सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि होने के संकेत हैं.
मिथुन राशि: धन और करियर में लाभ
मिथुन राशि के लिए गुरु का प्रभाव दूसरे भाव पर रहेगा, जो धन, वाणी, शिक्षा और संचित संपत्ति का कारक माना जाता है. पैतृक संपत्ति से आपको लाभ मिल सकता है. कर्ज, उधार की समस्या से बहुत जल्द राहत पाएंगे. सावन में बुध का कर्क राशि में गोचर और सूर्य के साथ युति बुधादित्य योग का निर्माण करेगी. इससे करियर की रुकावटें कम हो सकती हैं. आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं. विद्यार्थियों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं और धार्मिक या अन्य यात्रा का योग भी बन सकता है.
कर्क राशि: मान-सम्मान और नेतृत्व में वृद्धि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह सावन विशेष शुभ माना जा रहा है. 12 साल बाद उच्च के गुरु का लग्न भाव में गोचर और सूर्य की युति प्रभावशाली योग बना रही है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए सहयोग मिलने की संभावना है. सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. स्वास्थ्य में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं. इससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी. ज्ञान में वृद्धि होगी और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं.
मकर राशि: प्रबंधन क्षमता होगी मजबूत
मकर राशि के लिए सावन में गुरु का गोचर सातवें भाव में रहेगा. गुरु की दृष्टि आपकी राशि पर पड़ने से धार्मिक रुचि बढ़ सकती है. सोच अधिक स्थिर और गंभीर होगी. कार्यक्षेत्र में प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी और सफलता के अवसर मिल सकते हैं. आर्थिक स्थिति संतुलित रहने के संकेत हैं. हालांकि दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकता है. रुपया-पैसा आसानी से आपको प्राप्त होगा. आय के स्रोत भी उत्पन्न हो सकते हैं.