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Premanand Maharaj: 5 करोड़ के दावे को विराट कोहली ने नकारा, प्रेमानंद से जुड़े संत ने क्या बताया?

25 सितंबर को रसिक दुलारी ने गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद प्रेमानंद महाराज विवादों के घेरे में आ गए. केलि कुंज आश्रम पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे. यहां तक कि विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए में प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाने का दावा भी किया गया. हालांकि विराट कोहली के प्रवक्ता और केलि कुंज से जुड़े एक संत ने इस दावे को खारिज कर दिया है.

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प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके आश्रमों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. (Photo: ITG)
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके आश्रमों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. (Photo: ITG)

प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला इन दिनों बड़ा सुर्खियों में है. 25 सितंबर को रसिक दुलारी ने गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. यह विवाद तब और गहरा गया, जब रसिक दुलारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसका प्राइवेट पार्ट कटे होने की बात सामने आई. इसके बाद तो मानो यह घटना आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल गई. प्रेमानंद महाराज विवादों के घेरे में आ गए. केलि कुंज आश्रम पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे. यहां तक कि विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाने का दावा भी किया गया. हालांकि विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है.

विराट कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को खारिज कर दिया है. उनके प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से विराट कोहली पर किया गया दावा बेबुनियाद है और तथ्यात्मक रूप से गलत है. बता दें कि फलाहारी महाराज ने रसिक दुलारी की मौत के बाद दावा किया था कि कोहली को 2023 में पहली बार आश्रम आने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे. इस दावे पर कोहली की तरफ से अपना रुख साफ कर दिया गया है. आश्रम से जुड़े एक शिष्य ने भी इस दावे को गलत ठहराया है.

केलि कुंज आश्रम से जुड़े संत ने आजतक को बताया, 'हमारे पूज्य महाराज ऐसे नहीं हैं. हमारे पास पांच करोड़ रुपया कहां से आएगा. आप राधा केलि कुंज को देखिए, क्या यहां कोई डोनेशन लिया जाता है? यहां आपको कोई दान पेटी नहीं मिलेगी. हमारे पास जो कुछ भी आता है, उसी से सभी संतजनों की रोटी, प्रसाद और वस्त्र की व्यवस्था चल रही है. बाकी हमारे पास किसी को देने के लिए कोई पैसा नहीं है. हमारे गुरुदेव न तो ऐसी बातों पर विश्वास करते हैं और न उन्होंने कभी किसी को ऐसे बुलाया है. ऐसी बातें बिल्कुल निराधार हैं.'

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स्त्री स्पर्श और मोबाइल का प्रयोग वर्जित
आश्रम में ब्रह्मचर्या का पालन कैसे होता है और एक आदमी विरक्त कब होता है? इस सवाल के जवाब में संत ने कहा, 'हमारे पास जो मोबाइल है, वो सिर्फ सेवा के लिए है. बाकी मोबाइल के इस्तेमाल से हमें दूर रहना होता है. माताओं-बहनों को स्पर्श नहीं करना है. गुरुदेव का सत्संग हर वक्त हमारा मार्गदर्शन करता है. गुरुदेव कहते हैं कि अगर परमार्थ में चलना है तो ब्रह्मचर्या को बचाकर चलना होगा. अब उनकी मौत कैसे हुई, ये तो सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है. उन्हें किसी ने नहीं मारा है. वो क्लीयरली एक सुसाइड है. बाकी इस मामले में हमारे गुरुदेव को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.'

संत ने आगे बताया कि रसिक दुलारी ने क्यों और कैसे अपना प्राइवेट पार्ट काटा, इस बारे में हम लोगों को जानकारी नहीं है. हम लोग तो वहां नहीं थे. अब तक की जांच में जो भी है, वो सामने आ गया है. अगर कोई जिम्मेदार होता तो उसके बारे में बता देते. इसके पीछे किसी की साजिश नहीं थी. अब उनके जेहन में कूदकर आत्महत्या करने का ख्याल क्यों आया, ये तो श्रीजी ही जानें.'

 

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